किसान आंदोलन को मिला खाप पंचायतों का समर्थन, घेरा दिल्ली-सहारनपुर हाईवे, लखनऊ तक हलचल
कृषि कानूनों का विरोध पंजाब और हरियाणा होते हुए पश्चिम उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ। सिंघु बॉर्डर पर हरियाणा और पंजाब के किसान जमा हैं, जबकि यूपी गेट पर भाकियू और सहयोगी संगठन के किसान धरना दे रहे हैं।
जिले के किसान अब तक दोनों धरनों में शामिल होते रहे हैं, लेकिन किसानों के आंदोलन को और अधिक ताकत देने के लिए बड़ौत में तीसरा मोर्चा खोल दिया है।
देश खाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि खाप के थांबेदारों के सुझाव पर आज से हाईवे जाम और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है। जिले की दूसरी खाप पंचायतों का समर्थन भी मिला है।
देश खाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बड़ौत के आंदोलन को चौबीसी खाप के चौधरी सुभाष सिंह, पंवार खाप के चौधरी धर्मवीर सिंह पंवार, धनकड़ खाप के प्रतिनिधि बिजेंद्र सिंह, लाकड़ा चौहान खाप के प्रतिनिधि धर्मपाल चेयरमैन, चौगामा खाप के चौधरी कृषि पाल राणा ने उन्हें फोन कर समर्थन दिया है। इसके अलावा शामली की गठवाल खाप व मुस्लिम खाप पंचायतों का भी समर्थन मिला है। अब किसान आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
देश खाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह बताया कि किसानों के बीच किसी को राजनीति नहीं करने दी जाएगी। किसान बनकर कोई आना चाहे तो आ सकता है, लेकिन धरना किसानों का है। जिले की खापों के चौधरी और देश खाप के थांबेदार ही धरने का संचालन करेंगे। फैसला सिंघु बॉर्डर पर होगा।