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मेरठ में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज: गेटवे तोड़ खाड़ी देशों में रोजाना हो रहीं थीं हजारों कॉल, राजस्थान-बिहार के सिमकार्ड का किया इस्तेलाम

Wed, 15 Jun 2022 10:56 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 15 Jun 2022 10:56 AM IST
सार

मेरठ में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश हुआ है। यहां से रोजाना खाड़ी देशों में हजारों कॉल की जा रही थीं। डीओटी के डायरेक्टर जनरल सिक्यूरिटी देब कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि ऐसा अवैध टेलीफोन एक्सचेंज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह बड़ा खतरा है।

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Illegal telephone exchange in Meerut: Thousands of calls were being made daily in Gulf countries by breaking the gateway
एसपी सिटी विनीत भटनागर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के गंगानगर में सोमवार को पकड़े गए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज से आईएलडी (इंटरनेट लॉग डिस्टेंस ऑपरेशन) और इंटरनेशनल गेटवे को बाईपास कर खाड़ी देशों में हजारों कॉल की जा रही थीं। इस तरह अवैध टेलीफोन एक्सचेंज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं। किस नंबर पर कितनी कॉल की गईं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। 
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डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम एलएसए (लाइसेंस सर्विस एरिया) वेस्टर्न यूपी-उत्तराखंड़ को गंगानगर इलाके में इंटरनेशनल कॉल के हैवी ट्रैफिक की जानकारी मिली तो जांच शुरू हुई। पता चला कि गंगानगर कॉलोनी के अंदर तिलकपुरम में तीसरी मंजिल पर अवैध तरीके से टेलीफोन एक्सचेंज चलाया जा रहा था। 
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पुलिस और डीओटी (डिर्पाटमेंट ऑफ टेलीकॉम) की टीम ने सोमवार को यहां  से188 सिम बरामद किए। आईएसडी कॉल के लिए यहां से वॉयल ऑफ इंटरनेट प्रोटोकॉल का प्रयोग कर पूरा खेल चल रहा था। टेलीकॉम डिपार्टमेंट अब सिम के रिकार्ड की भी जांच कर रहा है। 
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राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा, करोड़ों का लगाया चूना
डीओटी के डायरेक्टर जनरल सिक्यूरिटी देब कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि ऐसा अवैध टेलीफोन एक्सचेंज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह बड़ा खतरा है। यहां से सऊदी अरब में जिस एक कॉल पर 35 रुपये खर्च होने थे उस पर मात्र एक से दो रुपये खर्च में बात कराई जा रही थी। डीओटी के साथ बीएसएनएल, एयरटेल और पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। देब कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि यह भी जांच हो रही है कि यह टेलीफोन एक्सचेंज कब से चल रहा था। 
 

32 पोर्ट के छह सिम बोक्स का प्रयोग

चीन की टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर 32 सिम का एक सिम बोक्स बनाया गया। ऐसे छह सिम बॉक्स मौके से बरामद किए गए। इसके साथ ही 16 पोर्ट या सिम का एक सिम बॉक्स का प्रयोग किया जा रहा था। इसमें फाइबर टू द होम का भी प्रयोग किया जा रहा था। डीओटी सीनियर डिप्टी डायरेक्टर संजीव अग्रवाल ने बताया कि मौके से बिहार से खरीदे गए बीएसएनएल के 148 सिम से राजस्थान से खरीदे गए 40 सिम एयरटेल के बरामद किए गए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय कॉल डिस्प्ले में लोकल नंबर
वीओआईपी (वाइस ऑन इंटरनेट प्रोटोकॉल) का प्रयोग कर सीएलआईआर (कॉल लाइन आइडेंनटिफिकेशन रेस्ट्रीक्शिन) का प्रयोग किया जाता था। इस तरह की टेक्नोलॉजी का प्रयोग वीवीआईपी के लिए किया जाता है। ऐसे में डिस्प्ले में लोकल नंबर आता है और कॉल अंतर्राष्ट्रीय होती है।
 
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