मेरठ में मिलावटी पेट्रोल-डीजल खुलासे के बाद शुरू हुई पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में अब नया मोड़ आता जा रहा है। एसआईटी जहां पुराने मामले की जांच में जुटी है, तो शनिवार को प्रशासन ने आगे की कार्रवाई कर तेल माफियाओं में खलबली पैदा कर दी। अब तक तेल के काले कारोबार में छोटे लोग ही फंसे थे। लेकिन शनिवार को रतिराम खूबचंद के ऑयल डिपो पर छापा मारकर केरोसिन के अवैध स्टॉक ने पूरे तंत्र को ही हिलाकर रख दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हैं क्योंकि इस ऑयल डिपो संचालक के तार प्रदेश के कई आला पुलिस अधिकारियों से जुड़े हैं।
यूपी: केरोसिन के अवैध स्टॉक से हिला तंत्र, सीएम तक पहुंचा मामला, पुलिस अब भी प्रशासन से दो कदम पीछे
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तेल का काला कारोबार करीब तीन दशक से फल फूल रहा है। अमर उजाला इस काले कारोबार का कई बार खुलासा भी कर चुका है। लेकिन सरकारी तंत्र में गहरी पैठ के चलते तेल माफियाओं को पूरा संरक्षण मिलता रहा और यह कारोबार लगातार बढ़ता गया। लेकिन 20 अगस्त आईजी आलोक सिंह की पहल पर एसपी देहात अविनाश पांडे के नेतृत्व में जब पुलिस ने दो केमिकल फैक्टरियों में छापा मारकर दो लाख लीटर से ज्यादा नकली पेट्रोल और डीजल बरामद किया, तो इस काले कारोबार को लेकर पुलिस-प्रशासन में हलचल शुरू हुई। लेकिन कहीं न कहीं फिर भी इन्हें संरक्षण मिलने की बात कही जाती रही। लेकिन मामला जब पंचम तल तक पहुंचा तो नीचे के अधिकारियों ने अपने बचाव में कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस की एसआईटी 20 अगस्त को पकड़े गए तेल के कारोबार की गहनता से जांच कर रही है। इस बीच डीएम ने जिले के सभी पेट्रोल पंपों और केरोसिन ऑयल के थोक डीलरों के यहां भी छापेमारी शुरू करा दी। इस बीच शुक्रवार रात डीएम को गुप्त सूचना मिली कि रतिराम खूबचंद फर्म जिसके कई पेट्रोल पंप के साथ केरोसिन ऑयल का डिपो भी है। उनके यहां केरोसिन ऑयल का भारी मात्रा में अवैध स्टॉक रखा है। वहीं, पुलिस को रात 10 बजे दी गई तहरीर देर रात 1:45 बजे भी दर्ज नहीं की गई थी।
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सीएम तक पहुंचा मामला
तेल कारोबारी के संबंध और दबाव को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे मामले की सीधे मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई। सूत्रों के अनुसार सीएम ने स्पष्ट कर दिया कि इस तेल के काले कारोबार में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जाए। जो भी व्यक्ति दोषी है, वह किसी कीमत पर बचना नहीं चाहिए।
घनघनाने लोग फोन
सूत्रों के अनुसार जैसे ही इस अवैध केरोसिन ऑयल के स्टॉक को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई का खुलासा हुआ तो चारो तरफ हड़कंप मच गया। पुलिस के एक आला अधिकारी ने तेल कारोबारी के पक्ष में दबाव बनाने का भी प्रयास किया, लेकिन प्रशासनिक अफसरों ने एक नहीं सुनी और अपनी पूरी कार्रवाई को अंजाम दे डाला।
कई अधिकारियों से हैं करीबी संबंध
सूत्रों की मानें तो तेल कारोबारी के प्रदेश के कई आला पुलिस अधिकारियों से करीबी संबंध है। ऐसे में इस कार्रवाई को लेकर चारों तरफ हड़कंप मचा है। शहर में पूरे मामले को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं।
एडीएम सिटी को सौंपी जिम्मेदारी
सटीक सूचना मिलने पर डीएम ने एडीएम सिटी अजय तिवारी को इस ऑयल डिपो पर कार्रवाई की जिम्मेदारी दी। पूरी कार्रवाई को अंतिम क्षण तक इतना गोपनीय रखा गया कि डीएसओ और उनकी टीम जब ऑयल डिपो पहुंच गई तब जाकर पुलिस बुलाकर कार्रवाई की शुरूआत की गई।
जांच के साथ कार्रवाई
रतिराम खूबचंद ऑयल डिपो की जांच में 70 हजार लीटर केरोसिन ऑयल बिना हिसाब-किताब का मिला है। परिसर सील कर गहनता से जांच कराने के साथ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। -अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी