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लोकतंत्र नहीं रहता तो बोलने पर जाना पड़ता है जेल : आनंदी बेन पटेल
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मेरठ। यदि लोकतंत्र खतरे में हो तो आप बोल ही नहीं सकते हैं। जेल जाना पड़ता है। एक व्यक्ति विदेश में जाकर बोलता है कि भारत में लोकतंत्र खत्म हो गया है। एक व्यक्ति के कारण देश को बदनामी मिलती है। ये बात रविवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में छात्रों-शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ संवाद कार्यक्रम में राज्यपाल-कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने कही।
राज्यपाल ने छात्रों से पूछा कि आपको लगता है कि देश में लोकतंत्र खतरे में है। एक व्यक्ति के कारण भारत को बदनामी मिले, ऐसा हम सोच ही नहीं सकते। इसी तरह से यूनिवर्सिटी के बारे में भी कुछ लोग खराब बोल देते हैं, जिससे छवि बिगड़ती है। ऐसा न हो, यह आप सभी की जिम्मेदारी है। एक छात्र का कार्य नहीं हो रहा था, इस वजह से उसने पूरी यूनिवर्सिटी को ही बेकार बता दिया।
सीसीएसयू से पहले कुलाधिपति ने सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में महिला सशक्तीकरण हेतु हुनर से रोजगार कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि पहले लोग बेटियों को नहीं पढ़ाते थे, वे सोचते थे कि शादी के बाद बेटी ससुराल चली जाएगी। लड़कों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान देते थे। लड़कियों को सरकारी और लड़कों को प्राइवेट स्कूलों में भेजा जाता था। लेकिन अब लोगों की सोच बदली है। बेटियां बेटों से आगे बढ़ रही हैं।
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राज्यपाल ने छात्रों से पूछा कि आपको लगता है कि देश में लोकतंत्र खतरे में है। एक व्यक्ति के कारण भारत को बदनामी मिले, ऐसा हम सोच ही नहीं सकते। इसी तरह से यूनिवर्सिटी के बारे में भी कुछ लोग खराब बोल देते हैं, जिससे छवि बिगड़ती है। ऐसा न हो, यह आप सभी की जिम्मेदारी है। एक छात्र का कार्य नहीं हो रहा था, इस वजह से उसने पूरी यूनिवर्सिटी को ही बेकार बता दिया।
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सीसीएसयू से पहले कुलाधिपति ने सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में महिला सशक्तीकरण हेतु हुनर से रोजगार कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि पहले लोग बेटियों को नहीं पढ़ाते थे, वे सोचते थे कि शादी के बाद बेटी ससुराल चली जाएगी। लड़कों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान देते थे। लड़कियों को सरकारी और लड़कों को प्राइवेट स्कूलों में भेजा जाता था। लेकिन अब लोगों की सोच बदली है। बेटियां बेटों से आगे बढ़ रही हैं।
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