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Meerut News: आईएएस अभिषेक की मेरठ में तैनाती के समय भी निकांत जैन से थी नजदीकी

Fri, 21 Mar 2025 02:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Mar 2025 02:21 AM IST
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IAS Abhishek was close to Nikant Jain even when he was posted in Meerut
मेरठ। यूपी इन्वेस्ट में भ्रष्टाचार के मामले में लखनऊ में गिरफ्तार हुआ निकांत जैन मूलरूप से मेरठ का रहने वाला है। इस प्रकरण में सस्पेंड हुए आईएएस अभिषेक प्रकाश मेरठ जनपद में आठ साल पहले पीवीवीएनएल एमडी रहे हैं। इसी दौरान निकांत जैन की उनकी नजदीकी हुई थी। बताया जा रहा है कि जहां-जहां अभिषेक प्रकाश की पोस्टिंग रही, वहां-वहां निकांत जैन जाता रहा है।
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रेलवे रोड स्थित शांतिनगर निवासी निकांत जैन आठ साल पहले मेरठ छोड़कर लखनऊ चले गए थे। बताया गया कि निकांत जैन भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का रिश्तेदार है। भाजपा नेता के जरिए ही निकांत की मुलाकात आठ साल पहले आईएएस अभिषेक प्रकाश से हुई थी। 2016 में आईएएस अभिषेक प्रकाश मेरठ में पीवीवीएनएल में एमडी रहे है। मेरठ में तैनाती के दौरान ही अभिषेक और निकांत जैन की नजदीकियां बढ़ी थीं। निकांत ही पैसे का लेनदेन करता था। इसकी जानकारी सरकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी थी।
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कंपनियों से कमीशन वसूली में लगा था निकांत
आईएएस अभिषेक प्रकाश अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के सचिव एवं इंवेस्ट यूपी मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) थे। पुलिस के मुताबिक अभिषेक ने ही कंपनी संचालकों से निकांत जैन से संपर्क करने को कहा था। निशांत ने ही प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने के लिए मूल लागत से ही 5 फीसदी रकम रिश्वत मांगी थी। कंपनी के एक प्रतिनिधि ने शिकायत में कहा है कि उनके ग्रुप ने यूपी में सोलर सेल और सोलर ऊर्जा से संबंधित कलपुर्जे बनाने का संयत्र स्थापित करने के लिए इंवेस्ट यूपी के कार्यालय में आवेदन किया था। निकांत ने फोन पर कमीशन मांगा है।
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मिलावटी केरोसिन बेचने का भी आरोप
निकांत और उसके भाई शुकांत जैन के खिलाफ एक मुकदमा मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में 11 सितंबर 2018 को भी दर्ज हुआ था। शालू चौधरी निवासी नंगलातांशी कंकरखेड़ा ने आरोप लगाया था कि उनकी फर्म मैसर्स त्रिधा ऑयल सेंटर में निकांत ने मिलावटी केरोसिन दिया था। कई बार शिकायत की, लेकिन दोनों भाई नहीं माने और जान से मारने की धमकी देने लगे थे। इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा विनय कुमार ने बताया कि इस मुकदमे की विवेचना जारी रही है।


40 साल से कोई वास्ता नहीं
निकांत जैन के चाचा संजय जैन ने बताया है कि उनके भाई सुधीर जैन करीब 40 साल पहले मेरठ छोड़कर लखनऊ चले गए थे। निकांत के चाचा सुधीर जैन की 2018 में मौत हो गई थी। मेरठ से उनके भतीजों का कोई लेनादेना अब नहीं है। कई सालों से मुलाकात तक नहीं हुई है। लखनऊ में क्या मुकदमा दर्ज हुआ और क्या मामला है, इसकी जानकारी हमें नहीं है। लखनऊ में ही गोमतीनगर में उनका मकान है।
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