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होमवर्क अधूरा, पढ़ाई में नहीं लगता बच्चों का मन, ऑनलाइन कक्षाओं से आलसी हुए बच्चे

Fri, 26 Feb 2021 01:00 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 26 Feb 2021 01:00 AM IST
सार

- स्कूल खुले तो सामने आ रहे ऑनलाइन कक्षाओं के नुकसान

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Homework incomplete, children do not feel like studying, children lazy with online classes
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

कोरोना के कारण 10 माह बाद स्कूल खुले तो शिक्षकों के सामने अब नई मुश्किलें आ रही हैं। कक्षा में विद्यार्थियों का मन नहीं लगता। छात्र एकाग्र होकर कक्षा में नहीं बैठते। होमवर्क अधूरा है तो बच्चों को बोर्ड पर पढ़ना समझ नहीं आ रहा। ऑनलाइन कक्षाओं ने छात्रों की पढ़ाई नहीं बल्कि मन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला है। कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन पर पढ़ने के कारण छात्रों का मन ऑफलाइन कक्षाओं से भटक गया है।
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प्रोजेक्ट वर्क, होमवर्क भी नहीं पूरा
पहले छात्र स्कूल की डायरी व्यवस्थित करने के साथ समय पर होमवर्क, प्रोजेक्ट वर्क सब करते थे। अब छात्रों का समय पर कोई प्रोजेक्ट पूरा नहीं होता। कक्षा में 30 से 45 मिनट लगकर छात्र बैठ नहीं पाते। बीच में खड़े हो जाते हैं। सीट बदलते हैं। बार-बार बाहर जाने की अनुमति मांगते हैं। छोटी कक्षा में तो बच्चे बीच में ही सो जाते हैं।
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धीरे-धीरे बदलेगी आदत 
ऑनलाइन पढ़ाई एक तरह से बच्चों को व्यस्त रखने का साधन थी। जिसमें बच्चे इच्छानुसार शामिल हो रहे थे। इससे आलस की आदत बच्चों में आ गई है जो समय के साथ ही जाएगी। -डॉ. पूनम देवदत्त, मनोवैज्ञानिक

छोटी कक्षाओं में अधिक दिक्कत
कक्षा में बैठकर पढ़ाई के दौरान जो अनुशासन या एकाग्रता बच्चों में आती है वो ऑनलाइन पढ़ाई में काफी घटे हैं। नर्सरी से नवमीं कक्षा के छात्रों में ये बदलाव ज्यादा आए हैं। 
-एके दूबे प्रिंसिपल दीवान पब्लिक स्कूल

लिखने, याद करने की क्षमता प्रभावित
ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों की लिखने की गति घटी है। जो छात्र पहले बोर्ड पर कांसेप्ट देखकर समझ जाते थे वो अब तीन से चार बार मे ंसमझाना पड़ता है।  -राहुल केसरवानी सहोदय सचिव

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