फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   History is contained in the Pandava mound, a gift to Hastinapur from the budget.

Meerut News: पांडव टीले में सिमटा इतिहास, बजट से हस्तिनापुर को मिली सौगात

Mon, 02 Feb 2026 02:56 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 02:56 AM IST
विज्ञापन
History is contained in the Pandava mound, a gift to Hastinapur from the budget.
हस्तिनापुर के पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया उत्खनन स्रोत संवाद
महाभारत काल की राजधानी रही हस्तिनापुर की ऐतिहासिक धरोहर को संजोने और उसे राष्ट्रीय फलक पर विशेष पहचान दिलाने के लिए केंद्रीय बजट में महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया है। अब तक महाभारत काल का इतिहास पांडव टीले में सिमटा हुआ है। अब 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में शामिल पांडव नगरी हस्तिनापुर को अब एक जीवंत और अनुभवात्मक सांस्कृतिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां जैन मंदिरों की श्रंखला भी है। इस पहल से हस्तिनापुर के गौरवशाली अतीत को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन

प्रस्ताव के तहत हस्तिनापुर जैसे महाभारतकालीन महत्व वाले स्थलों पर मौजूद प्राचीन उत्खनित भूदृश्यों को सुनियोजित पैदल मार्गों के माध्यम से आम जनता के लिए खोला जाएगा। इससे न केवल इतिहास को पढ़ा जा सकेगा बल्कि उसे महसूस भी किया जा सकेगा। यह पहल पर्यटन और शोध दोनों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इन स्थलों पर संरक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी ताकि पुरातात्विक अवशेषों का वैज्ञानिक संरक्षण सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, व्याख्या केंद्र (इंटरप्रिटेशन सेंटर्स) विकसित किए जाएंगे। यहां डिजिटल तकनीक, ऑडियो-विजुअल माध्यमों और कहानी कहने की अनूठी शैली का उपयोग करके इतिहास को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
विज्ञापन



वर्ष 1950 के उत्खनन में मिले थे प्रमाण
पुरातत्व विभाग के अधीन पांडव टीला (उल्टा खेड़ा) ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 1950-51 में हुए पहले वैज्ञानिक उत्खनन में ताम्र युग और महाभारत काल के प्रमाण मिले थे। वर्ष 2022 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा कराए गए उत्खनन में पेंटेड ग्रे वेयर, मिट्टी के बर्तन, ईंटों की संरचनाएं, लोहे के औजार, सिक्के और धार्मिक अवशेष जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इन उत्खननों से ताम्र युग से लेकर कुषाण, शुंग और गुप्त काल तक की बस्तियों के प्रमाण मिले हैं। यह हस्तिनापुर के समृद्ध अतीत की गवाही देते हैं। हालांकि, सैकड़ों अवशेष अभी भी अस्थायी स्थलों पर रखे हैं और राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने की वर्ष 2020 की घोषणा अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इस संग्रहालय के निर्माण से अवशेषों के संरक्षण के साथ-साथ हस्तिनापुर पर्यटन और रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी हस्तिनापुर की नई नींव
6 फरवरी 1949 का दिन हस्तिनापुर के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। इसी दिन देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने हस्तिनापुर और चंडीगढ़ की नई नींव एक साथ रखी थी। इसे भारत की प्राचीन सभ्यता और आधुनिक दृष्टिकोण के संगम के रूप में देखा जाता है।
राष्ट्रीय संग्रहालय की घोषणा अभी अधूरी
वर्ष 2020 में केंद्र सरकार ने हस्तिनापुर में राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने की घोषणा की थी लेकिन चार साल बाद भी यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। स्थानीय लोगों का मानना है कि संग्रहालय बनने से न केवल अवशेष सुरक्षित होंगे, बल्कि हस्तिनापुर पर्यटन और रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकता है।



पांडव नगरी में खुशी की लहर



- राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने कहा कि लंबे समय से हस्तिनापुर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की मांग थी, जिसे अब पूरा किया गया है।



- शिक्षिका पल्लवी ने कहा कि देश के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में शामिल होना पांडव नगरी के लिए गर्व की बात है।



- प्राचीन दिगंबर जैन बड़ा मंदिर के प्रबंधक मुकेश जैन ने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए रेल संपर्क जरूरी है।



- जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के प्रबंधक सुदेश कुमार ने कहा कि अब देश-दुनिया को हस्तिनापुर के गौरवशाली इतिहास को जानने का अवसर मिलेगा।



- नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रियंक भारती के अनुसार, इंटरप्रिटेशन सेंटर्स विद्यार्थियों के लिए जीवंत कक्षा साबित होंगे।



- जंबूद्वीप तीर्थ के प्रतिष्ठाचार्य विजय जैन और समाजसेवी सतेंद्र कुमार ने भी बजट को भविष्य की पीढ़ियों के लिए लाभकारी बताया।

हस्तिनापुर के पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया उत्खनन स्रोत संवाद

हस्तिनापुर के पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया उत्खनन स्रोत संवाद

हस्तिनापुर के पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया उत्खनन स्रोत संवाद

हस्तिनापुर के पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया उत्खनन स्रोत संवाद

हस्तिनापुर के पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया उत्खनन स्रोत संवाद

हस्तिनापुर के पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया उत्खनन स्रोत संवाद

हस्तिनापुर के पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया उत्खनन स्रोत संवाद

हस्तिनापुर के पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया उत्खनन स्रोत संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed