गुदड़ी ट्रिपल मर्डर केस: ये मेरठ की थी सबसे खौफनाक वारदात, स्टेटस रिपोर्ट पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज
22 मई 2008 की रात तीन युवकों की हत्या गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर की थी। उन्होने तीनों को पाइपों से पीटकर मुर्गा बनाया। गोलियां मारी और चाकू से गले काट दिए। आंखें तक फोड़ दी गईं। लाशों को सबमर्सिबल के पानी से धोकर कार की डिग्गी में रखकर गाड़ी को बागपत जिले की सीमा में बालैनी नदी किनारे छोड़ दिया गया।
विस्तार
कोतवाली के गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड के मुकदमे की स्टेटस रिपोर्ट पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। 24 जुलाई को न्यायालय अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन-2 की अदालत को इस मुकदमे का फैसला सुनाना था। लेकिन हाई कोर्ट के स्टेटस रिपोर्ट मांगे जाने पर फैसला टल गया था। फैसले के लिए 31 जुलाई लगाई थी।
न्यायालय अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन-2 की अदालत में अभियुक्त अब्दुल रहमान उर्फ कलुआ के अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार शर्मा ने प्रार्थना पत्र दिया था कि इस मामले में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में ट्रांसफर प्रार्थना पत्र 128 सन 2024 विचाराधीन है। इसमें 30 जुलाई की तिथि निर्णय के लिए नियत है। इसमें मुकदमे की सुनवाई के लिए मेरठ से किसी अन्य जिले में कराने के लिए प्रार्थना पत्र हाई कोर्ट में दिया गया था। इस मामले में प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए तथा उच्च न्यायालय इलाहाबाद हाई कोर्ट में विचाराधीन ट्रांसफर प्रार्थना पत्र में नियत तिथि 30 जुलाई 2024 की होने की चलते न्यायालय ने जजमेंट के लिए 31 जुलाई की तिथि नियत की है।
कार्रवाई रोकने का कोई स्थगन आदेश नहीं है
वादी पक्ष के अधिवक्ता प्रमोद कुमार त्यागी ने बताया कि मुकदमे में माननीय उच्च न्यायालय से कार्रवाई रोकने का कोई स्थगन आदेश नहीं है। सिर्फ केस का स्टेटस मांगा गया है। मेरठ न्यायालय द्वारा निर्णय के लिए 31 जुलाई की तिथि नियत की गई है।
यह था मामला
23 मई 2008 की दोपहर बागपत और मेरठ जिले की सीमा पर बालैनी नदी के किनारे तीन युवकों के शव पड़े मिले। इनकी पहचान मेरठ निवासी 27 वर्षीय सुनील ढाका निवासी जागृति विहार, 22 वर्षीय पुनीत गिरि निवासी परीक्षितगढ़ रोड और 23 वर्षीय सुधीर उज्जवल निवासी गांव सिरसली, बागपत के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों की हत्या कोतवाली के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर की।
इजलाल की दोस्ती शीबा सिरोही से थी। पुलिस के आरोप पत्र के मुताबिक शीबा को इजलाल से तीनों युवकों का मिलना पसंद नहीं था। उसने इजलाल को तीनों के खिलाफ उकसाया था। इसी बात को लेकर इजलाल ने सुनील ढाका, पुनीति गिरी और सुधीर उज्ज्वल को गुदड़ी बाजार बुलाया था। वहां पर कहासुनी के बाद इजलाल ने अपने भाइयों के साथ तीनों को पकड़ लिया। पाइपों से पीटकर मुर्गा बनाया। गोलियां मारी और चाकू से गले काट दिए। आंखें तक फोड़ दी गईं। लाशों को सबमर्सिबल के पानी से धोकर कार की डिग्गी में रखकर गाड़ी को बागपत जिले की सीमा में बालैनी नदी किनारे छोड़ दिया गया।
14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
पुलिस ने इस मामले में हाजी इजलाल, उसके भाई अफजाल व परवेज समेत दस आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कुल 14 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल हुई है। इनमें हाजी इजलाल कुरैशी, परवेज और अफजाल पुत्रगण स्वर्गीय इकबाल, मेहराज पुत्र मेहताब, इसरार पुत्र रशीद, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा पुत्र विजय, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र स्वर्गीय उस्मान और बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श, शम्मी और माजिद के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करते हुए हत्याकांड को साबित करने के लिए कुल 37 गवाहों के नाम दिए। शीबा सिरोही को इस मामले में इजलाल को घटना के लिए उकसाने का आरोपी बनाया गया। इस पर शीबा कोर्ट से स्टे ले आई। अब इस मामले में सिर्फ एक आरोपी शम्मी जेल में है। बाकी सभी आरोपी जमानत पर बाहर है।