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Meerut News: चार वार्ड ब्वाय की सेवा समाप्त, स्टाफ नर्स को चेतावनी
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फोटो
मेडिकल इमरजेंसी में फर्श पर तड़पते रहे खून से लथपथ युवक का मामला
चार वार्ड ब्वाय की सेवा समाप्त, स्टाफ नर्स को चेतावनी
मेडिकल की जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्राचार्य ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में खून से लथपथ हालत में फर्श पर गिरे मिले युवक सूरज के मामले में लापरवाही मानते हुए चार वार्ड ब्वाय की सेवा समाप्त कर दी गई है, जबकि स्टाफ नर्स को चेतावनी दी गई है।
इस मामले की दो सदस्यीय जांच समिति जांच कर रही थी, जिसमें इमरजेंसी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ वैभव तिवारी और सहायक आचार्य डॉ संदीप मालियान थे। इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने बताया कि चार वार्ड ब्वाय हैं, विकास, रोहन, मांगे और आकाश। ये निजी कंपनी के संविदा पर हैं। इनकी ड्यूटी थी, पर ये ड्यूटी से नदारद थे। इनकी लापरवाही मानते हुए। इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही स्टाफ नर्स निधि को लिखित में चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी उदासीनता रही तो कार्रवाई की जाएगी।
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मेडिकल में खरीदे जाएंगे विशेष स्ट्रेचर
मेडिकल प्रबंधन की मीटिंग में यह तय किया है कि सिर की चोट वाले गंभीर मरीजों के लिए विशेष स्ट्रेचर इमरजेंसी में लगाए जाएंगे, जिनमें चारों तरफ सपोर्ट लगा होगा, ताकि मरीज़ बेड से न गिर सके। फिलहाल 10 स्ट्रेचर मंगाए जा रहे हैं। प्रमुख अधीक्षक ने बताया कि सिर की चोट वाले गंभीर मरीज़ कई बार बेड या स्ट्रेचर से उठने की कोशिश में गिर जाते हैं। सूरज के साथ ऐसा ही हुआ था। वह गिर गए थे।
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घायल की हालत स्थिर, नहीं पहुंचे परिजन
घायल सूरज की हालत स्थिर है। वह न्यूरो सर्जरी विभाग में बेड नँबर 34 पर भर्ती है। इलाज न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. दिनेश सिंह कर रहे हैं। वह अपने बारे में ज़्यादा कुछ नहीं बता पा रहा है। उसके परिवार से भी कोई मेडिकल नहीं पहुंचा है। घायल ने अपना नाम सूरज पुत्र संगतराम निवासी अशोकपुरी, उम्र लगभग उम्र 30 वर्ष बताया था। इससे ज़्यादा वह कुछ नहीं बता पाया है।
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यह है मामला
सोमवार को सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हुए थे। इनमें दिख रहा था कि एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में खून से लथपथ हालत में फर्श पर एक युवक गिरा हुआ था। उसकी कोई सुध नहीं ले रहा था। उसके शरीर से खून रिस रहा था और कपड़े भी रक्तरंजित थे।वीडियो को सूबे के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को टैग किया गया था। इससे हड़कंप मच गया था। जिलाधिकारी ने तत्काल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से रिपोर्ट तलब की थी। साथ ही प्राचार्य ने कमेटी का गठन किया था, जिसे रिपोर्ट देनी थी।
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चार छात्रों ने बचाई थी जान
मेरठ। घायल सूरज के मामले में एक तरफ मेडिकल के चिकित्सीय स्टाफ पर घायल के इलाज में लापरवाही का आरोप हैं तो दूसरी तरफ चार छात्रों ने मानवता की मिसाल पेश की थी। ये चारों दोस्त ही सड़क पर पड़े घायल सूरज को ईरिक्शा में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इतना ही नहीं, अब ये अशोकपुरी में सूरज के परिवार को भी तलाश कर रहे हैं। ये छात्र हैं, उमंग, परमजीत, नवनीत और रमनजीत। उमंग मवाना स्थित एफआईटी कॉलेज से बीसीए कर रहे हैं। परमजीत बीए, रमनजीत ने आईटीआई किया है और नवनीत ने 12वीं की है।
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मेडिकल इमरजेंसी में फर्श पर तड़पते रहे खून से लथपथ युवक का मामला
चार वार्ड ब्वाय की सेवा समाप्त, स्टाफ नर्स को चेतावनी
मेडिकल की जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्राचार्य ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में खून से लथपथ हालत में फर्श पर गिरे मिले युवक सूरज के मामले में लापरवाही मानते हुए चार वार्ड ब्वाय की सेवा समाप्त कर दी गई है, जबकि स्टाफ नर्स को चेतावनी दी गई है।
इस मामले की दो सदस्यीय जांच समिति जांच कर रही थी, जिसमें इमरजेंसी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ वैभव तिवारी और सहायक आचार्य डॉ संदीप मालियान थे। इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने बताया कि चार वार्ड ब्वाय हैं, विकास, रोहन, मांगे और आकाश। ये निजी कंपनी के संविदा पर हैं। इनकी ड्यूटी थी, पर ये ड्यूटी से नदारद थे। इनकी लापरवाही मानते हुए। इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही स्टाफ नर्स निधि को लिखित में चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी उदासीनता रही तो कार्रवाई की जाएगी।
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मेडिकल में खरीदे जाएंगे विशेष स्ट्रेचर
मेडिकल प्रबंधन की मीटिंग में यह तय किया है कि सिर की चोट वाले गंभीर मरीजों के लिए विशेष स्ट्रेचर इमरजेंसी में लगाए जाएंगे, जिनमें चारों तरफ सपोर्ट लगा होगा, ताकि मरीज़ बेड से न गिर सके। फिलहाल 10 स्ट्रेचर मंगाए जा रहे हैं। प्रमुख अधीक्षक ने बताया कि सिर की चोट वाले गंभीर मरीज़ कई बार बेड या स्ट्रेचर से उठने की कोशिश में गिर जाते हैं। सूरज के साथ ऐसा ही हुआ था। वह गिर गए थे।
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घायल की हालत स्थिर, नहीं पहुंचे परिजन
घायल सूरज की हालत स्थिर है। वह न्यूरो सर्जरी विभाग में बेड नँबर 34 पर भर्ती है। इलाज न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. दिनेश सिंह कर रहे हैं। वह अपने बारे में ज़्यादा कुछ नहीं बता पा रहा है। उसके परिवार से भी कोई मेडिकल नहीं पहुंचा है। घायल ने अपना नाम सूरज पुत्र संगतराम निवासी अशोकपुरी, उम्र लगभग उम्र 30 वर्ष बताया था। इससे ज़्यादा वह कुछ नहीं बता पाया है।
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यह है मामला
सोमवार को सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हुए थे। इनमें दिख रहा था कि एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में खून से लथपथ हालत में फर्श पर एक युवक गिरा हुआ था। उसकी कोई सुध नहीं ले रहा था। उसके शरीर से खून रिस रहा था और कपड़े भी रक्तरंजित थे।वीडियो को सूबे के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को टैग किया गया था। इससे हड़कंप मच गया था। जिलाधिकारी ने तत्काल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से रिपोर्ट तलब की थी। साथ ही प्राचार्य ने कमेटी का गठन किया था, जिसे रिपोर्ट देनी थी।
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चार छात्रों ने बचाई थी जान
मेरठ। घायल सूरज के मामले में एक तरफ मेडिकल के चिकित्सीय स्टाफ पर घायल के इलाज में लापरवाही का आरोप हैं तो दूसरी तरफ चार छात्रों ने मानवता की मिसाल पेश की थी। ये चारों दोस्त ही सड़क पर पड़े घायल सूरज को ईरिक्शा में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इतना ही नहीं, अब ये अशोकपुरी में सूरज के परिवार को भी तलाश कर रहे हैं। ये छात्र हैं, उमंग, परमजीत, नवनीत और रमनजीत। उमंग मवाना स्थित एफआईटी कॉलेज से बीसीए कर रहे हैं। परमजीत बीए, रमनजीत ने आईटीआई किया है और नवनीत ने 12वीं की है।