मृत बेटी को देखने से पहले हेड कांस्टेबल ने निभाया फर्ज, DGP करेंगे सम्मानित
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यूपी डायल 100 पर तैनात हेड कांस्टेबिल भूपेंद्र तोमर को घर से फोन आया कि बेटी का निधन हो गया तो वह सोच में पड़ गए कि क्या करूं, क्योंकि वह उस वक्त ड्यूटी पर थे और किसी अधिकारी की जान बचाने के लिए जा रहे थे। पढ़िए पूरी खबर...
बेटी की मौत की दुखद सूचना और दूसरी तरफ घायल को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जिंदगी बचाने का फर्ज, दो ऐसी सूचनाएं, जिन्होंने हेड कांस्टेबिल भूपेंद्र तोमर को कुछ पल के लिए अनिर्णय के दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया, कि वह क्या करें। पहले बिलखते परिवार को जाकर संभाले या ड्यूटी पूरी करें। साथियों ने घर जाने पर जोर दिया, लेकिन उन्होंने फर्ज को अहमियत दी और चाकू लगने से घायल हुए पशुधन प्रसार अधिकारी को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई।
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एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि डीजीपी ने भूपेंद्र को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। यह वाक्या सहारनपुर में शुक्रवार का है। उस समय डायल 100 पर तैनात एचसीपी (हेड कांस्टेबिल प्रोन्नत) भूपेंद्र तोमर थाना रामपुर मनिहारान क्षेत्र में ड्यूटी पर थे। तभी सूचना मिली कि पशु धन प्रसार अधिकारी चरण सिंह को एक कर्मचारी ने चाकू मार दिया है और उनकी हालत गंभीर है। वह डायल-100 वाहन से मौके पर जा रहे थे, तभी मोबाइल फोन पर उनकी पत्नी ने बेटी का निधन होने की जानकारी दी।
उन्होंने एक साल पहले ही बेटी की शादी की थी। भूपेंद्र ने बिना कोई जवाब दिए फोन काट दिया, आंखें डबडबा गई। लेकिन इसके बाद भी भूपेंद्र ने फर्ज को प्राथमिकता दी और मौके पर पहुंचकर घायल को लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद ही वह अपने घर गए।
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