{"_id":"66b01db062b7efdc5f0e7eb7","slug":"hadtaal-kar-65-vyaapaaritraders-said-we-will-be-ruined-we-will-get-shop-in-exchange-of-shop-meerut-news-c-14-1-mrt1002-617280-2024-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: व्यापारी बोले- हम हो जाएंगे बर्बाद, दुकान के बदले मिले दुकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: व्यापारी बोले- हम हो जाएंगे बर्बाद, दुकान के बदले मिले दुकान
Mon, 05 Aug 2024 06:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 05 Aug 2024 06:02 AM IST
विज्ञापन
मेरठ। रैपिडएक्स प्रोजेक्ट के चलते दिल्ली रोड पर रामलीला मैदान से जगदीश मंडप तक 165 दुकानें सड़क चौड़ीकरण के चलते प्रभावित होंगी। अपनी मांगों के लिए व्यापारियों ने रविवार को बाजार बंद रखा और जगदीश मंडप के पास धरना दिया। व्यापारियों ने कहा कि 65 दुकानदार पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। हमें दुकान के बदले दुकान चाहिए और जमीन का मुआवजा भी बाजार रेट के हिसाब से मिलना चाहिए।
व्यापारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रामलीला मैदान से जगदीश मंडप के दोनों तरफ 165 दुकानों और प्रतिष्ठानों की भूमि का अधिग्रहण होना है। एडीएम एलए और आरआरटीएस द्वारा एक वर्ष पूर्व आपत्ति मांगी गई थी। व्यापारियों ने अपनी आपत्ति दर्ज भी कराई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब या आश्वासन नहीं दिया। हरवंश सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा हर प्रतिष्ठान पर लाल रंग के निशान लगाए गए। भूमि स्वामियों को भेजे गए नोटिस में क्षेत्रफल कम दर्शाया गया है। विरोध के बाद भी मौखिक आश्वासन दिया गया। प्रशासन के द्वारा रिकार्ड भी ठीक नहीं किए गए हैं।
व्यापारी रुपेश खुराना ने बताया कि मुआवजे की दर का आज तक कोई जिक्र नहीं किया गया है। किस दर पर मुआवजा दिया जाएगा। दिल्ली रोड पर पूर्वी और पश्चिमी दोनों तरफ व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। हमें कामर्शियल सर्किल रेट पर मुआवजा मिलना चाहिए। गगन ने कहा कि जिलाधिकारी के द्वारा दिए गए नोटिस में सर्किल रेट प्रस्तावित है। ऐसे में नए सर्किल रेट पर मुआवजा मिलना चाहिए। विनय गुप्ता ने कहा कि इन्हीं दुकानों से व्यापारियों का घर चलता है। दुकान जाने के बाद रोजगार के कोई साधन नहीं बचेंगे। इस अवसर पर विनय गुप्ता, मुनीश भारद्वाज, अशोक चड्ढा, अनुज सिंघल, सुमन कुमार, नीरज आदि रहे।
विज्ञापन
स्टेशन में दी जाएं दुकानें
संयुक्त व्यापार संघ महामंत्री दलजीत सिंह व्यापारियों के बीच धरने पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट अच्छा है, लेकिन व्यापारियों का अहित नहीं होना चाहिए। एक तो हमें जमीन का मुआवजा बाजार रेट के हिसाब से मिलना चाहिए। दूसरा रैपिडएक्स के स्टेशन पर दुकानें सबसे पहले उन व्यापारियों को मिलें, जिनकी दुकानें टूटेंगी। क्योंकि दस दुकानदार ऐसे हैं जिनकी पूरी दुकानें ध्वस्त हो जाएंगी। साथ ही रैपिडएक्स स्टेशन पर मिलने वाली दुकान की रकम एक साथ न ली जाए, उसे व्यापारी किस्तों में जमा करेंगे।
विज्ञापन
व्यापारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रामलीला मैदान से जगदीश मंडप के दोनों तरफ 165 दुकानों और प्रतिष्ठानों की भूमि का अधिग्रहण होना है। एडीएम एलए और आरआरटीएस द्वारा एक वर्ष पूर्व आपत्ति मांगी गई थी। व्यापारियों ने अपनी आपत्ति दर्ज भी कराई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब या आश्वासन नहीं दिया। हरवंश सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा हर प्रतिष्ठान पर लाल रंग के निशान लगाए गए। भूमि स्वामियों को भेजे गए नोटिस में क्षेत्रफल कम दर्शाया गया है। विरोध के बाद भी मौखिक आश्वासन दिया गया। प्रशासन के द्वारा रिकार्ड भी ठीक नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
व्यापारी रुपेश खुराना ने बताया कि मुआवजे की दर का आज तक कोई जिक्र नहीं किया गया है। किस दर पर मुआवजा दिया जाएगा। दिल्ली रोड पर पूर्वी और पश्चिमी दोनों तरफ व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। हमें कामर्शियल सर्किल रेट पर मुआवजा मिलना चाहिए। गगन ने कहा कि जिलाधिकारी के द्वारा दिए गए नोटिस में सर्किल रेट प्रस्तावित है। ऐसे में नए सर्किल रेट पर मुआवजा मिलना चाहिए। विनय गुप्ता ने कहा कि इन्हीं दुकानों से व्यापारियों का घर चलता है। दुकान जाने के बाद रोजगार के कोई साधन नहीं बचेंगे। इस अवसर पर विनय गुप्ता, मुनीश भारद्वाज, अशोक चड्ढा, अनुज सिंघल, सुमन कुमार, नीरज आदि रहे।
विज्ञापन
स्टेशन में दी जाएं दुकानें
संयुक्त व्यापार संघ महामंत्री दलजीत सिंह व्यापारियों के बीच धरने पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट अच्छा है, लेकिन व्यापारियों का अहित नहीं होना चाहिए। एक तो हमें जमीन का मुआवजा बाजार रेट के हिसाब से मिलना चाहिए। दूसरा रैपिडएक्स के स्टेशन पर दुकानें सबसे पहले उन व्यापारियों को मिलें, जिनकी दुकानें टूटेंगी। क्योंकि दस दुकानदार ऐसे हैं जिनकी पूरी दुकानें ध्वस्त हो जाएंगी। साथ ही रैपिडएक्स स्टेशन पर मिलने वाली दुकान की रकम एक साथ न ली जाए, उसे व्यापारी किस्तों में जमा करेंगे।