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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में मेरठ की ‘क्रांति’
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 15 Nov 2016 01:56 AM IST
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मेरठ में बनाई गई सबसे लंबी पेटिंग बनाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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क्रांतिधरा क ी जमीं पर सोमवार को नए गौरवमयी विश्व रिकॉर्ड के हस्ताक्षर हुए। साढ़े तीन हजार से अधिक शहरवासियों ने मॉल रोड पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के लिए विश्व की सबसे लंबी नंबर पेंटिंग बनाई। मेरठ के नाम सकारात्मक पहल का अध्याय जोड़ने के लिए शहर के हर वर्ग ने उपस्थिति दर्ज कराई।
बाल दिवस के मौके पर सुबह 7 बजे से ही इस ऐतिहासिक पर्व में शामिल होने के लिए चित्रकार मॉल रोड पर जुटने शुरू हो गए थे। गुरु पर्व के अवकाश को शहर के गौरव के नाम समर्पित करते हुए हजारों शहरवासी आयोजन में शामिल होने पहुंचे। सुबह 8.30 बजे सायरन बजते ही सबसे लंबी नंबर पेंटिंग में रंग भरने का शुभारंभ हुआ। जीओसी राजेश चाबा, मंडलायुक्त आलोक सिन्हा, प्रीति सिन्हा, डीएम बी. चंद्रकला एवं वरिष्ठ चित्रकार चमन ने कूची थामकर कैनवास पर बने एक्वेरियम में आसमानी रंग से लकीरें खींची। साढ़े तीन हजार आम चित्रकारों ने भी कूची उठाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने क ी राह पर कदम बढ़ा दिए। कैनवास पर डिजायन पहले से ड्रॉ था, चित्रकारों को उसमें रंग भरने थे। पहले नॉन पेंटर्स ने फिर विशेषज्ञ चित्रकारों ने फिनिशिंग देते हुए क्रमबद्ध तरीके से रंग भरे। 1391.50 मीटर की पेंटिंग बनाई गई। पहले यह रिकॉर्ड चीन के नाम (959.35 मीटर) था। चीन ने यह रिकॉर्ड 2009 में बनाया था।
मेरा शहर मेरी पहल के साथ इतिहास रचने की इस पहल में हर शख्स अपने रंग में रंगा था। जांच परख के लिए पूरी प्रक्रिया पर ड्रोन व कैमरों से नजर रखी गई। गिनीज बुक वर्ल्ड रिकार्ड की टीम ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई, साथ ही स्कैल से लंबाई, चौड़ाई, पेंटर की संख्या आदि के आधार पर नापा और गिनीज बुक वर्ल्ड का प्रमाणपत्र मंडलायुक्त आलोक सिन्हा को प्रदान किया। गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रतिनिधि ऋषिनाथ की टीम क ी देखरेख में पूरा आयोजन हुआ।
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इन्होंने लिया हिस्सा
सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक संगीत सोम, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान, अतुल प्रधान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जे. रविंदर गौड़, सीडीओ विशाख जी., एडीएम सिटी मुकेश चंद, एडीएमएफ गौरव वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश सिंह, कार्यक्रम के संयोजक और शांति निकेतन विद्यापीठ के डायरेक्टर विशाल जैन, प्रिंसिपल नाजिश जमाली, प्रिंसिपल चंद्रलेखा जैन, प्रिंसिपल एचएम राउत, चंद्रलेखा जैन, राहुल केसरवानी, विशाल जैन, द अध्ययन स्कूल के डायरेक्टर प्रियांशु, गार्गी गर्ल्स की प्रिंसिपल अनुपमा सक्सेना, रम्मू शर्मा, डॉ. किरण प्रदीप, डॉ. आशा आनंद, डॉ. अर्चना रानी, अलका गुप्ता, प्रीतिश ठाकुर, हरि गुप्ता, डॉ. असलम जमशेदपुरी मौजूद रहे। इसके अलावा पुलिस, प्रशासन और सेना के अधिकारी, जवानों ने भी हिस्सा लिया। सेरेब्रल पाल्सी पीड़ित बच्चे आयुष गोयल, पियूष गोयल ने भी पेंटिंग बनाई। मंसबिया अरबिया मदरसा रेलवे रोड, शहीद मंगल पंाडे डिग्री कॉलेज, आरजी पीजी कॉलेज, कनोहर लाल कॉलेज, इस्माईल डिग्री कॉलेज, दीवान पब्लिक, गार्गी गर्ल्स, टैप्स स्कूल, मेरठ सिटी पब्लिक, विद्या नॉलेज, सेंट जेवियर्स, सोफिया गर्ल्स, शांति निकेतन विद्यापीठ के विद्यार्थी मौजूद रहे।
रंग भरकर बनाया मुकाम
कैनवास पर एक्वेरियम की डिजायन पहले ही छापकर तैयार हो चुकी थी। वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए चित्रकारों ने केवल पेंटिंग में पीडिलाइट के रंगों को भरा। डिजायन में मछली, कछुए, व्हेल, शार्क, स्टार, फंगस और जलीय चट्टानें व बुलबुले बने थे।
मनोरंजन के लिए सजा मंच
महा आयोजन को सफल बनाने के लिए मंच पर मनोरंजन का क्रम अनवरत रहा। विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने गीत, संगीत, कविता की प्रस्तुतियां दीं। रॉक बैंड परफार्मेंस, लाइव सांग परफार्मेंस भी होता रहा। पूरे माल रोड पर जगह-जगह सेल्फी प्वाइंट बने थे, जहां सेल्फी भी ली। पाउट और चीज बनाकर पिक्चर क्लिक करके सोशल साइट पर अपडेट किए।
सेना, पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था
पेंटिंग बनाने के दौरान सेना की पाइन डिवीजन सहित अन्य डिवीजनों का पूरा सहयोग रहा। साथ ही पुलिस की व्यवस्था भी चाक चौबंद रही। मॉल रोड को जोड़ने वाले कैंट व विभिन्न रास्तों से जुड़े 12 चौराहों से रूट डायवर्जन रहा। सभी रास्तों पर पुलिस तैनात रही।
बातचीत
गिनीज बुक में शामिल होने के इस प्रयास में शामिल होकर बहुत अच्छा लग रहा है। बहुत उत्साहित और खुश हूं। मैं इस पहल का हिस्सा बनी। - हर्षिता
मेरठ में चित्रकारों को मौका देने का बड़ा काम पहली बार हुआ है। बहुत अच्छा लग रहा है। - शैफाली
शहर में लड़ाई, अशांति का माहौल रहता है। ऐसे में एकता के सूत्र में पिरोने की एक मिसाल आज कायम हुई है। बहुत खुशी हो रही है। - दीपमाला
अभी तक वर्ल्ड रिकॉर्ड के बारे में पढ़ा और सुना था। आज खुद एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए इस अभियान का हिस्सा बनी हूं। - जेसिका
शहर के युवाओं को सफलता की प्रेरणा देने की ओर एक अच्छा कदम है। रिकॉर्ड के लिए सभी ने एकजुट होकर प्रयास किया है। - वर्तिका
एक साधे सब सधे की कहावत अभी तक सुनी थी, आज लांगेस्ट पेंटिंग के इस प्रयास को देखकर वह कहावत सिद्ध होती लग रही है। - सोनाली
सभी शहरवासियों ने बड़ी पेंटिंग बनाने के इस काम में पूरा सहयोग दिया है। लोगों के प्रयास से ही आज मेरठ एक नया इतिहास रच रहा है। - मधु
मेरठ क्रांतिधरा है। यहां से आजादी की चिंगारी फूटी थी। आज उस शहर से एक विश्व रिकॉर्ड कायम होने जा रहा है। यह गर्व की बात है। - आस्था
लोग मेरठ का नाम अपराध, दंगों के लिए लेते हैं। लेकिन अब मेरठ का नाम विश्व रिकॉर्ड के लिए लेंगे, इसलिए बहुत खुश हूं। - नीरु
पूरे देश में चाइना के खिलाफ जो विरोध चल रहा है, ऐसे में मेरठ से चाइना के लांगेस्ट पेंटिंग रिकॉर्ड को ब्रेक किया है। यह देश के लिए गौरव की बात है। - आशीष
शहर क ी आवोहवा में आज गिनीज बुक रिकार्ड का गौरव हासिल करने का उत्साह घुला है। कलाकारों को नया मंच मिला है। सभी एकजुट हैं, इसलिए बहुत गर्व महसूस कर रहा है। - प्रो. पिंटू मिश्रा, प्रिंसिपल सुभारती फाइन आर्ट कॉलेज
बहुत ही अच्छी पहल है। हर मेरठ वासी के लिए गर्व करने का दिन है कि हमारे शहर ने चाइना को पछाड़ते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। मैं भी इस काम का हिस्सा बना। - शिखर
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बाल दिवस के मौके पर सुबह 7 बजे से ही इस ऐतिहासिक पर्व में शामिल होने के लिए चित्रकार मॉल रोड पर जुटने शुरू हो गए थे। गुरु पर्व के अवकाश को शहर के गौरव के नाम समर्पित करते हुए हजारों शहरवासी आयोजन में शामिल होने पहुंचे। सुबह 8.30 बजे सायरन बजते ही सबसे लंबी नंबर पेंटिंग में रंग भरने का शुभारंभ हुआ। जीओसी राजेश चाबा, मंडलायुक्त आलोक सिन्हा, प्रीति सिन्हा, डीएम बी. चंद्रकला एवं वरिष्ठ चित्रकार चमन ने कूची थामकर कैनवास पर बने एक्वेरियम में आसमानी रंग से लकीरें खींची। साढ़े तीन हजार आम चित्रकारों ने भी कूची उठाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने क ी राह पर कदम बढ़ा दिए। कैनवास पर डिजायन पहले से ड्रॉ था, चित्रकारों को उसमें रंग भरने थे। पहले नॉन पेंटर्स ने फिर विशेषज्ञ चित्रकारों ने फिनिशिंग देते हुए क्रमबद्ध तरीके से रंग भरे। 1391.50 मीटर की पेंटिंग बनाई गई। पहले यह रिकॉर्ड चीन के नाम (959.35 मीटर) था। चीन ने यह रिकॉर्ड 2009 में बनाया था।
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मेरा शहर मेरी पहल के साथ इतिहास रचने की इस पहल में हर शख्स अपने रंग में रंगा था। जांच परख के लिए पूरी प्रक्रिया पर ड्रोन व कैमरों से नजर रखी गई। गिनीज बुक वर्ल्ड रिकार्ड की टीम ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई, साथ ही स्कैल से लंबाई, चौड़ाई, पेंटर की संख्या आदि के आधार पर नापा और गिनीज बुक वर्ल्ड का प्रमाणपत्र मंडलायुक्त आलोक सिन्हा को प्रदान किया। गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रतिनिधि ऋषिनाथ की टीम क ी देखरेख में पूरा आयोजन हुआ।
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इन्होंने लिया हिस्सा
सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक संगीत सोम, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान, अतुल प्रधान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जे. रविंदर गौड़, सीडीओ विशाख जी., एडीएम सिटी मुकेश चंद, एडीएमएफ गौरव वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश सिंह, कार्यक्रम के संयोजक और शांति निकेतन विद्यापीठ के डायरेक्टर विशाल जैन, प्रिंसिपल नाजिश जमाली, प्रिंसिपल चंद्रलेखा जैन, प्रिंसिपल एचएम राउत, चंद्रलेखा जैन, राहुल केसरवानी, विशाल जैन, द अध्ययन स्कूल के डायरेक्टर प्रियांशु, गार्गी गर्ल्स की प्रिंसिपल अनुपमा सक्सेना, रम्मू शर्मा, डॉ. किरण प्रदीप, डॉ. आशा आनंद, डॉ. अर्चना रानी, अलका गुप्ता, प्रीतिश ठाकुर, हरि गुप्ता, डॉ. असलम जमशेदपुरी मौजूद रहे। इसके अलावा पुलिस, प्रशासन और सेना के अधिकारी, जवानों ने भी हिस्सा लिया। सेरेब्रल पाल्सी पीड़ित बच्चे आयुष गोयल, पियूष गोयल ने भी पेंटिंग बनाई। मंसबिया अरबिया मदरसा रेलवे रोड, शहीद मंगल पंाडे डिग्री कॉलेज, आरजी पीजी कॉलेज, कनोहर लाल कॉलेज, इस्माईल डिग्री कॉलेज, दीवान पब्लिक, गार्गी गर्ल्स, टैप्स स्कूल, मेरठ सिटी पब्लिक, विद्या नॉलेज, सेंट जेवियर्स, सोफिया गर्ल्स, शांति निकेतन विद्यापीठ के विद्यार्थी मौजूद रहे।
रंग भरकर बनाया मुकाम
कैनवास पर एक्वेरियम की डिजायन पहले ही छापकर तैयार हो चुकी थी। वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए चित्रकारों ने केवल पेंटिंग में पीडिलाइट के रंगों को भरा। डिजायन में मछली, कछुए, व्हेल, शार्क, स्टार, फंगस और जलीय चट्टानें व बुलबुले बने थे।
मनोरंजन के लिए सजा मंच
महा आयोजन को सफल बनाने के लिए मंच पर मनोरंजन का क्रम अनवरत रहा। विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने गीत, संगीत, कविता की प्रस्तुतियां दीं। रॉक बैंड परफार्मेंस, लाइव सांग परफार्मेंस भी होता रहा। पूरे माल रोड पर जगह-जगह सेल्फी प्वाइंट बने थे, जहां सेल्फी भी ली। पाउट और चीज बनाकर पिक्चर क्लिक करके सोशल साइट पर अपडेट किए।
सेना, पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था
पेंटिंग बनाने के दौरान सेना की पाइन डिवीजन सहित अन्य डिवीजनों का पूरा सहयोग रहा। साथ ही पुलिस की व्यवस्था भी चाक चौबंद रही। मॉल रोड को जोड़ने वाले कैंट व विभिन्न रास्तों से जुड़े 12 चौराहों से रूट डायवर्जन रहा। सभी रास्तों पर पुलिस तैनात रही।
बातचीत
गिनीज बुक में शामिल होने के इस प्रयास में शामिल होकर बहुत अच्छा लग रहा है। बहुत उत्साहित और खुश हूं। मैं इस पहल का हिस्सा बनी। - हर्षिता
मेरठ में चित्रकारों को मौका देने का बड़ा काम पहली बार हुआ है। बहुत अच्छा लग रहा है। - शैफाली
शहर में लड़ाई, अशांति का माहौल रहता है। ऐसे में एकता के सूत्र में पिरोने की एक मिसाल आज कायम हुई है। बहुत खुशी हो रही है। - दीपमाला
अभी तक वर्ल्ड रिकॉर्ड के बारे में पढ़ा और सुना था। आज खुद एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए इस अभियान का हिस्सा बनी हूं। - जेसिका
शहर के युवाओं को सफलता की प्रेरणा देने की ओर एक अच्छा कदम है। रिकॉर्ड के लिए सभी ने एकजुट होकर प्रयास किया है। - वर्तिका
एक साधे सब सधे की कहावत अभी तक सुनी थी, आज लांगेस्ट पेंटिंग के इस प्रयास को देखकर वह कहावत सिद्ध होती लग रही है। - सोनाली
सभी शहरवासियों ने बड़ी पेंटिंग बनाने के इस काम में पूरा सहयोग दिया है। लोगों के प्रयास से ही आज मेरठ एक नया इतिहास रच रहा है। - मधु
मेरठ क्रांतिधरा है। यहां से आजादी की चिंगारी फूटी थी। आज उस शहर से एक विश्व रिकॉर्ड कायम होने जा रहा है। यह गर्व की बात है। - आस्था
लोग मेरठ का नाम अपराध, दंगों के लिए लेते हैं। लेकिन अब मेरठ का नाम विश्व रिकॉर्ड के लिए लेंगे, इसलिए बहुत खुश हूं। - नीरु
पूरे देश में चाइना के खिलाफ जो विरोध चल रहा है, ऐसे में मेरठ से चाइना के लांगेस्ट पेंटिंग रिकॉर्ड को ब्रेक किया है। यह देश के लिए गौरव की बात है। - आशीष
शहर क ी आवोहवा में आज गिनीज बुक रिकार्ड का गौरव हासिल करने का उत्साह घुला है। कलाकारों को नया मंच मिला है। सभी एकजुट हैं, इसलिए बहुत गर्व महसूस कर रहा है। - प्रो. पिंटू मिश्रा, प्रिंसिपल सुभारती फाइन आर्ट कॉलेज
बहुत ही अच्छी पहल है। हर मेरठ वासी के लिए गर्व करने का दिन है कि हमारे शहर ने चाइना को पछाड़ते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। मैं भी इस काम का हिस्सा बना। - शिखर