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Meerut News: दोषी सेल टैक्स अधिकारी को दस वर्ष की सजा
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फोटो समेत
- दहेज और गैर इरादतन हत्या का माना दोषी, 1.40 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया
- अदालत ने सास और ससुर को किया दोषमुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। अदालत ने दहेज उत्पीड़न और गैर इरादतन हत्या के दोषी सेल टैक्स अधिकारी अश्वनी को दस वर्ष की सजा सुनाई है। दोषी पर 1.40 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पिछली सुनवाई ने अदालत ने उसे दोषी ठहराया था, जबकि सास मुनेश और ससुर पितांबर सिंह को दोषमुक्त किया था।
सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि दोषी अश्वनी ने न्यायालय में झूठे कथन कहे हैं। साथ ही घटना को दुर्घटना दिखाने का भी असफल प्रयास किया। अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह और अन्य साक्ष्य पेश किए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने दलील पेश की। कहा, अश्वनी ने पत्नी गीतू सिंह के साथ मारपीट करते हुए क्रूरता एवं छत से धक्का देकर उसकी हत्या की, साथ ही सबूत मिटाने का भी अपराध किया है। दोषी का अपराध गंभीर एवं जघन्य प्रकृति का है। उन्होंने अधिकतम सजा दिए जाने की दलील रखी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि उसके बेटे को ब्लड कैंसर है और माता-पिता बुजुर्ग हैं। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कम से कम सजा दिए जाने की दलील अदालत के समक्ष रखी। अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के दौरान मृतका गीतू सिंह के पिता पूर्व विधायक विजयपाल भी अदालत में मौजूद रहे।
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- यह था मामला
बरेली के फरीदपुर विधानसभा सीट से बसपा के पूर्व विधायक विजयपाल सिंह की बेटी गीतू की शादी छह मई, 2013 को मेरठ के गंगानगर क्षेत्र के गंगाधाम कॉलोनी निवासी अश्वनी सिंह के साथ हुई थी। तब अश्वनी सिंह सेल टैक्स अधिकारी थे और सहारनपुर में तैनात थे। यहां थाना सदर बाजार में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया था कि दामाद और बेटी के ससुराल पक्ष के लोग दहेज में दो करोड़ की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी न होने पर गीतू को प्रताड़ित किया जाता था। 16 नवंबर 2014 को गीतू के साथ मारपीट की गई और छत से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई की।
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- दहेज और गैर इरादतन हत्या का माना दोषी, 1.40 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया
- अदालत ने सास और ससुर को किया दोषमुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। अदालत ने दहेज उत्पीड़न और गैर इरादतन हत्या के दोषी सेल टैक्स अधिकारी अश्वनी को दस वर्ष की सजा सुनाई है। दोषी पर 1.40 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पिछली सुनवाई ने अदालत ने उसे दोषी ठहराया था, जबकि सास मुनेश और ससुर पितांबर सिंह को दोषमुक्त किया था।
सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि दोषी अश्वनी ने न्यायालय में झूठे कथन कहे हैं। साथ ही घटना को दुर्घटना दिखाने का भी असफल प्रयास किया। अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह और अन्य साक्ष्य पेश किए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने दलील पेश की। कहा, अश्वनी ने पत्नी गीतू सिंह के साथ मारपीट करते हुए क्रूरता एवं छत से धक्का देकर उसकी हत्या की, साथ ही सबूत मिटाने का भी अपराध किया है। दोषी का अपराध गंभीर एवं जघन्य प्रकृति का है। उन्होंने अधिकतम सजा दिए जाने की दलील रखी।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि उसके बेटे को ब्लड कैंसर है और माता-पिता बुजुर्ग हैं। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कम से कम सजा दिए जाने की दलील अदालत के समक्ष रखी। अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के दौरान मृतका गीतू सिंह के पिता पूर्व विधायक विजयपाल भी अदालत में मौजूद रहे।
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- यह था मामला
बरेली के फरीदपुर विधानसभा सीट से बसपा के पूर्व विधायक विजयपाल सिंह की बेटी गीतू की शादी छह मई, 2013 को मेरठ के गंगानगर क्षेत्र के गंगाधाम कॉलोनी निवासी अश्वनी सिंह के साथ हुई थी। तब अश्वनी सिंह सेल टैक्स अधिकारी थे और सहारनपुर में तैनात थे। यहां थाना सदर बाजार में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया था कि दामाद और बेटी के ससुराल पक्ष के लोग दहेज में दो करोड़ की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी न होने पर गीतू को प्रताड़ित किया जाता था। 16 नवंबर 2014 को गीतू के साथ मारपीट की गई और छत से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई की।