{"_id":"5b37ddaa4f1c1bed778b6d13","slug":"gst-ne-badla-karcho-ka-management","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी ने बदला खर्चों का मैनेजमेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी ने बदला खर्चों का मैनेजमेंट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Jul 2018 01:14 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएसटी लागू हुए आज एक साल पूरा हो जाएगा। साल भर पहले जब जीएसटी लागू हुआ तो महिलाओं पर सबसे ज्यादा काम बढ़ा था। क्योंकि उन्हें पूरे बजट को जीएसटी के हिसाब से प्रबंधित करना था। जो चीजें महंगी हुईं उनकी खपत कम और सस्ती चीजों को विकल्प बनाकर बजट नियंत्रित करना। राशन दुकान से लेना अच्छा है या पैकेट बंद दाल-चावल शॉपिंग मॉल से खरीदना बेहतर रहेगा। होटल में पार्टी या घर पर ही मेहमानों का स्वागत हाथ से बनाए नाश्ते से करना है। यह सब महिलाओं को ही तय करना था। एक-एक सामान की लिस्ट बनाना कि कौन सा सामान अब कितना खरीदना है। कई उत्पादों के तो ब्रांड भी बदलने पड़े। इस सारी माथापच्ची ने महिलाओं को जीएसटी से बखूबी परिचित करा दिया। शहर की महिलाएं कहती हैं जीएसटी लगने से हमें परेशानी तो है, लेकिन हम इस टैक्स को जानते हैं।
चार महीने तक रही परेशान
जीएसटी लागू होने के चार महीने बाद तक इतनी परेशान रही कि राशन के पर्चे संभालकर रखती थी। मिलान करती थी कि कौन सा आयटम कितना महंगा हुआ है। उसी हिसाब से बजट संशोधित करती रहती थी। - कुमकुम चौहान, जनता नगर
कई खर्चों में करनी पड़ी कटौती
जीएसटी लागू होने के बाद मैंने कई खर्च कम किए। रोज़मर्रा के ब्रश, पेस्ट, पैक्ड फूड आयटम, कोल्डड्रिंक्स से लेकर गिफ्ट्स के लेनेदेन का भी हिसाब रखा। ताकि देख सकूं कि जीएसटी के बाद खर्चा कितना बढ़ा। उसी के अनुसार बजट बनाती गई। पारुल रुहेला शास्त्री नगर
विज्ञापन
शुरू के दो महीने बढ़ा खर्च
जीएसटी लागू होने वाले दिन तो मैं भूल नहीं सकती। जुलाई और अगस्त में मेरा घर खर्च का बिल 25 प्रतिशत तक बढ़ गया। क्योंकि हम जिस अनुपात में सामान लेते थे, उसी अनुपात में खरीदारी की, कुछ ध्यान नहीं दिया। लेकिन जब बचत कम हुई तो सारा खर्चा मैनेज किया। रीत कपूर, कुंज विहार
वैट, सेल्स नहीं पता, जीसएटी जानती हूं
जीएसटी 1 जुलाई को लागू हुआ। इसके आने के बाद सरकार ने सारे दूसरे टैक्स खत्म कर दिए। पूरे देश में एक समान कर प्रणाली लागू है। जीएसटी के बारे में तो काफी कुछ जानती हूं, इससे पहले सेल्स टैक्स या वैट जो भी लगता था वो नहीं पता। क्योंकि उससे हम महिलाओं का सीधा संपर्क नहीं था। दीपाली रस्तोगी नेहरू नगर
अच्छी पहल है जीएसटी
पूरे देश में समान कर प्रणाली लागू होना सरकार की अच्छी पहल है। इससे कर की चोरी भी रुकी है। सब लोग एक नंबर में कारोबार कर रहे हैं। हालांकि कुछ चीजें महंगी होने से हमें परेशानी तो हो रही है। बजट नियंत्रित करना पड़ रहा है। लेकिन अच्छी पहल है। रितु प्रताप बागपत रोड
विज्ञापन
चार महीने तक रही परेशान
जीएसटी लागू होने के चार महीने बाद तक इतनी परेशान रही कि राशन के पर्चे संभालकर रखती थी। मिलान करती थी कि कौन सा आयटम कितना महंगा हुआ है। उसी हिसाब से बजट संशोधित करती रहती थी। - कुमकुम चौहान, जनता नगर
विज्ञापन
कई खर्चों में करनी पड़ी कटौती
जीएसटी लागू होने के बाद मैंने कई खर्च कम किए। रोज़मर्रा के ब्रश, पेस्ट, पैक्ड फूड आयटम, कोल्डड्रिंक्स से लेकर गिफ्ट्स के लेनेदेन का भी हिसाब रखा। ताकि देख सकूं कि जीएसटी के बाद खर्चा कितना बढ़ा। उसी के अनुसार बजट बनाती गई। पारुल रुहेला शास्त्री नगर
विज्ञापन
शुरू के दो महीने बढ़ा खर्च
जीएसटी लागू होने वाले दिन तो मैं भूल नहीं सकती। जुलाई और अगस्त में मेरा घर खर्च का बिल 25 प्रतिशत तक बढ़ गया। क्योंकि हम जिस अनुपात में सामान लेते थे, उसी अनुपात में खरीदारी की, कुछ ध्यान नहीं दिया। लेकिन जब बचत कम हुई तो सारा खर्चा मैनेज किया। रीत कपूर, कुंज विहार
वैट, सेल्स नहीं पता, जीसएटी जानती हूं
जीएसटी 1 जुलाई को लागू हुआ। इसके आने के बाद सरकार ने सारे दूसरे टैक्स खत्म कर दिए। पूरे देश में एक समान कर प्रणाली लागू है। जीएसटी के बारे में तो काफी कुछ जानती हूं, इससे पहले सेल्स टैक्स या वैट जो भी लगता था वो नहीं पता। क्योंकि उससे हम महिलाओं का सीधा संपर्क नहीं था। दीपाली रस्तोगी नेहरू नगर
अच्छी पहल है जीएसटी
पूरे देश में समान कर प्रणाली लागू होना सरकार की अच्छी पहल है। इससे कर की चोरी भी रुकी है। सब लोग एक नंबर में कारोबार कर रहे हैं। हालांकि कुछ चीजें महंगी होने से हमें परेशानी तो हो रही है। बजट नियंत्रित करना पड़ रहा है। लेकिन अच्छी पहल है। रितु प्रताप बागपत रोड