मेरठ में भाजपा विधायक संगीत सोम के आवास पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने वाले स्थानीय बदमाश बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि किसी करीबी ने सटीक रेकी कर हमला कराया है। पुलिस को कुछ बिंदु मिले हैं, जिनकी गहनता से जांच चल रही है। साथ ही यह भी कहा है कि अगर जांच में कोई आतंकी इनपुट सामने आता है तो उसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। आगे तस्वीरों में देखें कैसे इस हमले की जांच में आगे बढ़ रही है पुलिस:-
विधायक संगीत सोम के घर पर ग्रेनेड हमले में खुलासे के बेहद करीब पुलिस, स्थानीय बदमाशों पर शक
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विधायक संगीत सोम के आवास पर हमले को चार दिन बीत चुके हैं। लेकिन पुलिस अभी तक स्थिति साफ नहीं कर पाई है। पुलिस का दावा कि हमलावरों की तलाश जारी है। एक तरफ तकनीकी सिस्टम के जरिये और दूसरे तरफ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। कुछ महत्वपूर्ण बिंदु भी मिले हैं, जिनसे अंदाजा लगाया जा रहा कि हमलावर लोकल के है। विधायक के आवास पर हैंड ग्रेनेड फेेंकने और फिर गोलियां से हमले में सटीक रेकी हुई। हमलावरों को जानकारी थी कि हमले के बाद भागना किधर सुरक्षित रहेगा। सीसीटीवी कैमरे में एक संदिग्ध कार नजर आई। लेकिन अभी स्पष्ट नहीं हुआ कि इसी कार से हमलावर आए थे।
मोबाइल टावर के बीटीएस से उठाए आठ हजार नंबर
पुलिस का दावा है कि विधायक के आवास और आसपास इलाके से मोबाइल टावर के बीटीएस से आठ हजार नंबर उठाए थे। जिसमें कई नंबर संदिग्ध मिले, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। सर्विलांस एक्सपर्ट इसकी छानबीन में जुटे हैं। बीटीएस में मिले नंबरों की जांच में एसटीएफ को भी लगाया गया है, ताकि हमलावरों का कोई क्लू मिल जाए। हमलावरों की तलाश में शनिवार को क्राइम ब्रांच ने देहात इलाके में कई जगहों पर दबिश दी। हमलावरों की विधायक से क्या दुश्मनी रही, इसका पता लगने की पुलिस कोशिश कर रही है। हमला पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों की मौजूदगी में हुआ, जिससे साफ है कि शातिर बदमाशों द्वारा यह वारदात कराई गई।
अगर आतंकी इनपुट मिला...
विधायक के आवास पर ग्रेनेड से हमले को लेकर आतंकी इनपुट होने की बात चल रही है। जिस पर पुलिस अफसरों ने कहा कि अगर ऐसा कुछ सामने आता है तो इसकी जांच एनआईए करेगी। हालांकि एटीएस, आईबी, सीआरपीएफ व अन्य विभागों की टीमें पहले ही जांच में जुटी हैं। कैंट इलाके में विधायक पर हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी एक्टिव हो गई है। इस मामले को लेकर सभी विभागों के अधिकारी गंभीर हैं। वहीं विधायक के आवास पर तैनात रहे पांच सिपाहियों को एसएसपी ने लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया था। सिपाहियों से भी पूछताछ हो रही कि बदमाश कैसे आए और उन्होंने क्या-क्या देखा। एक सिपाही संजीव भारती एकमात्र चश्मदीद गवाह है। जिससे अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं।
आगरा के विशेषज्ञों ने की छह घंटे जांच
भाजपा विधायक संगीत सोम के कैंट स्थित आवास पर हमले के चौथे दिन आगरा फोरेंसिक लैब की टीम जांच के लिए पहुंची। हमलावरों का टारगेट क्या था, उनकी पोजिशन क्या थी, शूटर थे या अनाड़ी थे और हमले से किसको नुकसान हो सकता था, ऐसे कई बिंदूओं पर एक्सपर्ट टीम ने करीब छह घंटे तक जांच पड़ताल की। कई नमूने लेकर एक्सपर्ट आगरा लौट गए। एफएसएल आगरा के एक्सपर्ट संजीव कुमार, अरविंद कुमार और गाजियाबाद लैब से संजय कुमार विधायक संगीत सोम के कैंट स्थित आवास पर शनिवार दोपहर करीब 12 बजे पहुंचे। दरअसल शुक्रवार को गाजियाबाद फोरेंसिक टीम ने जांच की थी। जिसमें कई बिंदु संदेह के घेरे में थे। इसको स्पष्ट करने के लिए आगरा से सीनियर एक्सपर्ट को बुलाया गया था। इन विशेषज्ञों ने विधायक के आवास पर क्राइमसीन किया व हमलावरों की पोजिशन देखी। उसके बाद बरामद खोखे और गोली के निशानों का मिलान किया। 9 एम व 32 बोर के खोखो के नमूने लिए। शाम छह बजे तक जांच पड़ताल की।