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कांवड़ यात्रा में आकर्षण का केंद्र रहते थे 11 किलो सोने से लदे गोल्डन बाबा, काफिले को देखने जुटती थी भीड़

Thu, 02 Jul 2020 12:01 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 02 Jul 2020 12:01 AM IST
सार

  • 11 किलो सोना पहने गोल्डन बाबा और उनके काफिले को देखने के लिए जुटती थी भीड़
  • मेरठ संत समाज ने बताया देश के लिए बड़ी हानि 

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golden baba sudhir kumar makkad death: he used to wear eleven KG gold in kawar yatra
गोल्डन बाबा

श्रवण मास में में कांवड़ यात्रा के दौरान आकर्षण का केंद्र रहने वाले गोल्डन बाबा उर्फ सुधीर मक्कड़ का मंगलवार देर रात निधन हो गया। वे पूर्वी दिल्ली के रहने वाले थे। हरिद्वार से दिल्ली तक की कांवड़ यात्रा के दौरान 11 किलो सोना पहने गोल्डन बाबा और उनके अनुयायियों का काफिला देखने के लिए लोग लालायित रहते थे और उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ लगी रहती थी।


 
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गोल्डन बाबा - फोटो : अमर उजाला

मेरठ संत समाज ने गोल्डन बाबा की के निधन को देश के लिए बड़ी हानि बताया है। गोल्डन बाबा हरिद्वार के कई अखाड़ों से जुड़े थे। हर साल कांवड़ यात्रा के अलावा भी वह मेरठ में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होते रहते थे। 

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गोल्डन बाबा - फोटो : अमर उजाला

जूना अखाड़े में रहे महामंडलेश्वर 
महामंडलेश्वर शनि पीठदीश्वर महेंद्र दास जी ने बताया कि गोल्डन बाबा 2010 से उनके संपर्क में थे। बाबा को 2012 में जूना अखाड़े में महामंडलेश्वर का दायित्व मिला। कई साल तक यह जिम्मेदारी उनके पास रही। 

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गोल्डन बाबा - फोटो : अमर उजाला

सोने को मानते थे अपना इष्ट
गोल्डन बाबा को 1972 से ही सोना पहनना पसंद था। वह सोने को अपना इष्ट देवता मानते थे। बाबा हमेशा कई किलो सोना पहने रहते थे। दसों उंगलियों में सोने की अंगूठी, बाजूबंद, सोना का लॉकेट सभी के लिए आकर्षण होता था। उनकी सुरक्षा में हमेशा 25-30 गार्ड तैनात रहते थे। 

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गोल्डन बाबा - फोटो : अमर उजाला

कई धार्मिक अनुष्ठान में हुए शामिल
महामंडलेश्वर शनि पीठदीश्वर महेंद्र दास जी ने बताया की गोल्डन बाबा वर्ष 2020 जनवरी में संत संमेलन में शामिल हुए थे। इसके अलावा हरिद्वार जाते समय अमूमन वह शनि मंदिर और बाबा औघड़नाथ मंदिर में दर्शन के लिए आते थे। 

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