अपने परिवार से दूर रहना, घंटों पसीने में नहाए रहना, दमघोंटू पीपीई पहनकर ड्यूटी करना, मरीज का इलाज करना, खुद को संक्रमण से बचाना और कोरोना के खतरे से जीतने के इरादे से लड़ना, ये देश के कोरोना वॉर्ड में लड़ रहे हर चिकित्सक की कहानी है। यही वजह है कि इस बार का राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस कोरोना योद्धाओं के नाम है...
2 of 10
डाॅ. अविनाश शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) कोविड-19 की ड्यूटी करने वाले चिकित्सकों का सम्मान करेगा। देश में कोरोना के मामले तेजी से फैल रहे हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा उम्मीदें दिन-रात मेहनत कर रहे और लोगों की जान बचा रहे चिकित्सकों से ही हैं।
3 of 10
डाॅ. नवनीत बाखला
- फोटो : अमर उजाला
एक जुलाई का दिन चिकित्सकों के लिए बहुत खास होता है। इस दिन हर वर्ष देश में डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। कोरोना वायरस के फैलने के बाद से चिकित्सक से लेकर मेडिकल स्टाफ दिन-रात लोगों की मदद कर कोरोना से जंग में देश का साथ दे रहा है। कोरोना योद्धा छह से आठ घंटे पीपीई किट में रहते हैं। इस दौरान वह न तो पानी पी सकते हैं और न वॉशरूम जा सकते हैं। संक्रमण की वजह से अस्पताल के स्टाफ के लोग बीमार भी पड़ते जा रहे हैं। फिर भी वो ड्यूटी पर हैं।
4 of 10
डॉ. अनिल कपूर
- फोटो : अमर उजाला
आईएमए बढ़ाएगा हौसला
कोरोना संक्रमण से लड़ने में आज भी सबसे आगे यही डॉक्टर खड़े हैं। इन्हें भगवान ऐसे ही नहीं कहा जाता। आईएमए के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर ने बताया कि वैसे तो इस मुश्किल वक्त में मरीज का ठीक होकर मुस्कुराते हुए घर लौटना ही इनका वीरता पुरस्कार है। लेकिन आईएमए इन्हें सम्मानित कर इनका हौसला बढ़ाएगा।
5 of 10
डाॅ. विनोद कुमार
- फोटो : अमर उजाला
इनका होगा सम्मान
मेडिकल के कोविड-19 अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. टीवीएस आर्य, कोविड वार्ड प्रभारी डॉ. सुधीर राठी, डॉ. लोकेश कुमार, माइक्रोबायोलॉजी लैब प्रभारी डॉ. अमित गर्ग और अन्य जूनियर डॉक्टरों को सम्मानित किया जाएगा। इनके अलावा आईएमए जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी देहात, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एसीएमओ को भी सम्मानित करेगा।