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तीस दिन बाद भी नहीं दर्ज हुए अनुराग के परिजनों के बयान
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तीस दिन बाद भी नहीं दर्ज हुए अनुराग के परिजनों के बयान
मोदीनगर। फफराना रोड स्थित सूरत सिटी कॉलोनी निवासी कक्षा चार के छात्र अनुराग भारद्वाज की मौत के मामले में जांच कमेटी बनने के करीब तीस दिन बाद भी परिजनों के बयान दर्ज नहीं हुए हैं जबकि एसपी देहात और एडीएम प्रशासन की कमेटी को 45 दिन में जांच कर रिपोर्ट देनी है। जांच पर पुलिस अधिकारियों से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर परिजनों को दर्द छलक उठा। परिजनों ने स्कूल की सीसीटीवी फुटेज नहीं मिलने पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
सूरत सिटी निवासी नितिन शर्मा का दस वर्षीय पुत्र अनुराग भारद्वाज दयावती मोदी पब्लिक स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता था। बीते माह 20 अप्रैल की सुबह स्कूल बस से स्कूल जाते समय उसका सिर लोहे के गेट से टकरा गया था। हादसे में छात्र की मौत हो गई थी। परिजनों ने मोदी इंडस्ट्रीज के चेयरमैन उमेश कुमार मोदी, प्रधानाचार्य नेत्रपाल, बस चालक ओमवीर व अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने प्रधानाचार्य को पकड़ने के बाद थाने से ही छोड़ दिया था। विरोध में परिजनों ने इसके अगले दिन थाने के सामने दिल्ली-मेरठ मार्ग पर घंटों हंगामा प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने चालक ओमवीर व क्लीनर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। परिजनों ने अन्य दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए थाने पर धरना दिया था। जिसके बाद उनकी जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह और एसएसपी मुनिराज से वार्ता हुई थी। अधिकारियों ने परिजनों को न्याय का भरोसा देते हुए एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा व एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास की जांच कमेटी बनाकर 45 दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा था। मगर तीस दिन बाद भी परिजनों के बयान भी दर्ज नहीं हुए। अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने जांच के संदर्भ में कई बार अधिकारियों को फोन किए, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। केस की पैरवी कर रहे मयंक शर्मा का कहना है कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। पुलिस का पक्ष जानने के लिए एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा को फोन किया गया तो कॉल रसीव नहीं हुई।
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मोदीनगर। फफराना रोड स्थित सूरत सिटी कॉलोनी निवासी कक्षा चार के छात्र अनुराग भारद्वाज की मौत के मामले में जांच कमेटी बनने के करीब तीस दिन बाद भी परिजनों के बयान दर्ज नहीं हुए हैं जबकि एसपी देहात और एडीएम प्रशासन की कमेटी को 45 दिन में जांच कर रिपोर्ट देनी है। जांच पर पुलिस अधिकारियों से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर परिजनों को दर्द छलक उठा। परिजनों ने स्कूल की सीसीटीवी फुटेज नहीं मिलने पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
सूरत सिटी निवासी नितिन शर्मा का दस वर्षीय पुत्र अनुराग भारद्वाज दयावती मोदी पब्लिक स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता था। बीते माह 20 अप्रैल की सुबह स्कूल बस से स्कूल जाते समय उसका सिर लोहे के गेट से टकरा गया था। हादसे में छात्र की मौत हो गई थी। परिजनों ने मोदी इंडस्ट्रीज के चेयरमैन उमेश कुमार मोदी, प्रधानाचार्य नेत्रपाल, बस चालक ओमवीर व अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने प्रधानाचार्य को पकड़ने के बाद थाने से ही छोड़ दिया था। विरोध में परिजनों ने इसके अगले दिन थाने के सामने दिल्ली-मेरठ मार्ग पर घंटों हंगामा प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने चालक ओमवीर व क्लीनर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। परिजनों ने अन्य दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए थाने पर धरना दिया था। जिसके बाद उनकी जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह और एसएसपी मुनिराज से वार्ता हुई थी। अधिकारियों ने परिजनों को न्याय का भरोसा देते हुए एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा व एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास की जांच कमेटी बनाकर 45 दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा था। मगर तीस दिन बाद भी परिजनों के बयान भी दर्ज नहीं हुए। अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने जांच के संदर्भ में कई बार अधिकारियों को फोन किए, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। केस की पैरवी कर रहे मयंक शर्मा का कहना है कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। पुलिस का पक्ष जानने के लिए एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा को फोन किया गया तो कॉल रसीव नहीं हुई।
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