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गन्ने की राजनीति पर दो फाड़ हुआ युवा रालोद, दो गुटों में बंटी पार्टी

Tue, 13 Nov 2018 02:19 AM IST
amarujala
amarujala Updated Tue, 13 Nov 2018 02:19 AM IST
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ganne ki rajniti par do faad hua ralod
meerut - फोटो : meerut
 लोकसभा चुनाव 2019 में सियासी जमीन को पुख्ता करने के लिए जूझ रहे रालोद को उसकी युवा विंग ही झटका देने में लगी है। पार्टी को खड़ा करने में महती भूमिका निभाने वाले युवा कार्यकर्ता ही गन्ने की राजनीति में दो फाड़ हो गए। सोमवार को पार्टी दो गुटों में बंट गई। एक गुट ने कमिश्नरी पर प्रदर्शन किया तो दूसरे गुट ने गन्ना भवन पर। एक ही मुद्दे पर दो जगह प्रदर्शन को लेकर किसानों के बीच चर्चा गरम रही।
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सोमवार को युवा रालोद के प्रदेश महासचिव अनिल चौधरी और पूर्व मंडल अध्यक्ष गौरव जिटौली के नेतृत्व में 100- 150 पार्टी कार्यकर्ता और किसान बाउंड्री रोड स्थित पार्टी कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए कमिश्नरी पर पहुंचे। हाथों में गन्ना और मांग बैनर लिए किसानों को आता देख पुलिस ने कमिश्नरी कार्यालय के गेट बंद कर दिए। कार्यालय के अंदर जाने के लिए रालोद नेताओं की पुलिस से तीखी नोंकझोंक हुई।
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रालोद नेताओं ने गेट खोलते हुए जबरन अंदर घुसने का प्रयास किया तो पुलिस से धक्का मुक्की कर दी गई। सैकड़ों कार्यकर्ता कमिश्नरी के गेट पर धरने पर बैठ गये और नारेबाजी करने लगे। सूचना पर एसपी क्राइम डॉ बीपी अशोक, सीओ सिविल लाइन रामअर्ज, सिविल लाइन इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान सिद्दकी, लालकुर्ती, नौचंदी, और अन्य थानों की पुलिस भी बुला ली गई। रालोद नेताओं ने एक घंटे तक जमकर बखेड़ा किया। सीओ ने युवाओें को हटाने के लिए बल प्रयोग का प्रयास भी किया, लेकिन युवा टस से मस नहीं हुए।
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पुलिस की सख्ती से युवा उग्र हो गए। अनिल चौधरी और गौरव जिटौली ने कहा कि प्रदेश सरकार तमाम मोर्चों पर फेल हो गई है। पिछला गन्ना बकाया अभी तक नहीं मिला। पर्ची नहीं मिलने से किसान परेशान है। अभी तक गन्ना सेंटर भी नहीं लगे हैं। प्रदेश महासचिव वरुण करनावल, सोहराब गयास, संदीप चौधरी, वरुण सांगवान, जतिन तोमर,बिजेंद्र भाटी और संजय जाटव, ने भी प्रदेश सरकार को किसान विरोधी ठहराते हुए बकाया भुगतान कराने और गन्ना रेट घोषित कराने की मांग की।

घंटो धरना चलने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त अनिता सी मेश्राम से मुलाकात कर राज्यपाल के नाम मांग ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ब्याज सहित गन्ना भुगतान कराने, मिल चलवाने, गन्ने का रेट लागत से डेढ़ गुना घोषित कराने आदि की मांग की गई है। इस मौके पर अनुराग चौधरी, रजत बेधड़क, विकास भैंसा, अभिमन्यु सिंह, शहजाद मिर्जा, वासित पठान, मोहित, किरणपाल, मौजूद्दीन, आयुष, दर्पन सिवाच, विपिन चिंदौड़ी, नीटू सहारण, सचिन, चंचल मलिक, अंकुर गून आदि मौजूद रहे।

गेट की जंजीर में फंसा हाथ
कमिश्नरी
के मुख्य गेट को पुलिस ने अंदर से बंद कर जंजीर डाल  दी। रालोद नेता जबरन गेट खोलने लगे। इस दौरान एक कार्यकर्ता का हाथ जंजीर में फंस गया। अफरा तफरी मची तो सिपाही और इंस्पेक्टर भी पीछे हट गये। काफी देर बाद कार्यकर्ता का हाथ निकला।

गन्ना भवन पर दिया धरना
युवा
रालोद के दूसरे गुट ने युवा रालोद के जिलाध्यक्ष सानू गुर्जर, वेस्ट यूपी महासचिव संजय चौधरी के नेतृत्व में गन्ना भवन पर धरना दिया। धरने में युवा रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसीम राजा पहुंचे। वसीस राजा ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों से किसान बर्बाद हो रहा है। भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। संजय चौधरी और सोनू गुर्जर ने कहा कि बकाया भुगतान नहीं मिलने से किसान सर्दी के कपड़े भी नहीं खरीद पा रहे हैं। धरना स्थल पर किसानों के बीच पहुंचे डीसीओ आनंद शुक्ला ने राज्यपाल के नाम मांग ज्ञापन लिया। ज्ञापन में गन्ना रेट 500 रुपये कुंतल घोषित कराने, बकाया भुगतान कराने आदि की मांग की गई है। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष गौरव प्रताप, संजय जाटव, बिजेंद्र भाटी, कुलदीप हुड्डा, मनीष मलिक, विक्रांत चौधरी, दिनेश, ताहिर, जयवीर अहलवात, धर्मपाल, सतीश त्यागी, हरेंद्र, बबलू पूनिया, राहुल आदि मौजूद रहे।

गुटबाजी के पीछे बडे़ नेताओं का हाथ!
युवा
रालोद के दो फाड़ प्रदर्शन के पीछे बड़े नेताओं का हाथ बताया जा रहा है। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल युवा रालोद के राष्टीय अध्यक्ष वसीम राजा पर उठ रहा है। उन्हें दोनों गुटों को एक करके एक जगह पर आंदोलन कराना चाहिए था। अगर ऐसा नहीं हो पा रहा था तो किसी भी गुट के धरने में शामिल नहीं होना चाहिए था और अनुशासनहीनता कर रहे नेताओं पर कार्रवाई करनी चाहिए।

दोनों गुटों के अपने-अपने दावे
संजय
चौधरी ने बताया कि उनका कार्यक्रम पहले से तय था। इसके बाद भी दूसरे गुट ने अलग प्रदर्शन किया। वहीं अनिल चौधरी का कहना है कि उनका कार्यक्रम पहले से तय था। दूसरे गुट ने अलग लीक फाड़कर गन्ना भवन पर कार्यक्रम किया।
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