मानसिक तनाव और गृहकलह में जा रहीं जान, साढ़े तीन माह में चार पुलिसकर्मियों ने की आत्महत्या
कोरोना काल में बढ़ा मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह आत्महत्या का कारण बन रही है। मनोचिकित्सक मानते हैं कि लंबे समय तक घर न जा पाना भी मानसिक तनाव बढ़ा रहा है। साढ़े तीन माह में चार पुलिसकर्मियों ने आत्महत्या की है। इनका कारण पुलिस की जांच में भले ही गृहक्लेश निकल कर आया हो, लेकिन तनाव भी आत्महत्या का प्रमुख कारण है।
पोस्टमार्टम हाउस की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष एक जनवरी से लेकर तीन सितंबर तक 77 लोगों का मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम हो चुका है। इसमें करीब 23 प्रतिशत आत्महत्या के मामले सामने आए हैं।
मेरठ में 11 मई को एसएसपी ऑफिस में तैनात कांस्टेबल विजय गौड़ ने गंगानगर स्थित अपने आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस जांच में सामने आया कि पारिवारिक कलह व पत्नी से विवाद के बाद खतौली पुलिस द्वारा किए गए उत्पीड़न के चलते सिपाही ने आत्महत्या की।
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सात जून को सकौती चौकी में तैनात सिपाही हीरालाल ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पारिवारिक विवाद आत्महत्या का कारण बना। मंगलवार देर शाम ब्रह्मपुरी थाने के हेड मोहर्रिर मांगेराम ने फांसी लगाकर जान दे दी थी।
इसी रात रोहटा रोड स्थित तेज विहार में यूपी 112 पर तैनात विपुल बालियान ने भी फांसी लगाई थी। पुलिसकर्मियों में मानसिक तनाव कम करने के लिए मनोचिकित्सक, पुलिस अधिकारियों की हर छह माह में होने वाली कार्यशाला भी इस वर्ष नहीं हो सकी है।
परिवार से दूरी भी प्रमुख कारण
जब आप लगातार काम कर रहे हों और कई-कई माह घर नहीं जा पा रहे हों या पारिवारिक कलह है तो ऐसे में मानसिक तनाव कई बार आत्महत्या का कारण बन जाता है। मौजूदा स्थिति में मानसिक तनाव आत्महत्या का कारण बन रहे हैं। इसमें परिवार के लोगों से दूरी भी प्रमुख कारण हो सकती है। - डॉ. विभा नागर, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट