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आग लगने से पांच जलकर झोपड़ियां नष्ट
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मवाना। ग्राम अमरगढ़ में सपेरा जाति के लोगों की झोपड़ियों में शुक्रवार शाम आग लग गई। जिससे झोपड़ियाें रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। जिससे पांच परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। वहीं, आग से भैंस के दो बच्चे बुरी तरह झुलस गए हैं।
अमरगढ़ में सपेरा जाति के लगभग 30 परिवार रहते हैं। शुक्रवार शाम करीब 4.30 बजे लोग खेतों में काम कर रहे थे। घरों पर केवल बच्चे ही थे। इसी दौरान झोपड़ियों में आग लग गई। इससे पांच झोपड़ियां जलाकर नष्ट हो गईं। गनीमत रही क्रोई जनहानि नहीं हुई। ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को जानकारी दी। हालांकि उसके पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया था।
आग से विनोदनाथ की झोपड़ी में रखा टीवी, संदूक, बाइक, जेवर तथा 10 हजार रुपये, जसवंत के यहां बाइक, साइकिल, 50 हजार रुपये जल गए। भैंस के दो बच्चे भी झुलस गए। प्रमोद, विनोद तथा शांति के घर का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। ये सभी परिवार इस घटना के बाद से खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। सूचना पाकर लेखपाल मौके पर पहुंचा तथा राहत के रूप में पीड़ित परिवारों को खाद्य सामग्री दी। वहीं, 24 घंटे बीत जाने के बाद भी तहसील का कोई अधिकारी घटनास्थल पर जांच के लिए नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ग्रामीण आग पर काबू नहीं पाते तो पूरा गांव चपेट में आ जाता।
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अमरगढ़ में सपेरा जाति के लगभग 30 परिवार रहते हैं। शुक्रवार शाम करीब 4.30 बजे लोग खेतों में काम कर रहे थे। घरों पर केवल बच्चे ही थे। इसी दौरान झोपड़ियों में आग लग गई। इससे पांच झोपड़ियां जलाकर नष्ट हो गईं। गनीमत रही क्रोई जनहानि नहीं हुई। ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को जानकारी दी। हालांकि उसके पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया था।
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आग से विनोदनाथ की झोपड़ी में रखा टीवी, संदूक, बाइक, जेवर तथा 10 हजार रुपये, जसवंत के यहां बाइक, साइकिल, 50 हजार रुपये जल गए। भैंस के दो बच्चे भी झुलस गए। प्रमोद, विनोद तथा शांति के घर का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। ये सभी परिवार इस घटना के बाद से खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। सूचना पाकर लेखपाल मौके पर पहुंचा तथा राहत के रूप में पीड़ित परिवारों को खाद्य सामग्री दी। वहीं, 24 घंटे बीत जाने के बाद भी तहसील का कोई अधिकारी घटनास्थल पर जांच के लिए नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ग्रामीण आग पर काबू नहीं पाते तो पूरा गांव चपेट में आ जाता।
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