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Meerut News: गैस एजेंसी पर कालाबाजारी का प्राथमिकी दर्ज, अनियमितता मिलने पर हुई कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। आईजीआरएस पोर्टल पर उपभोक्ताओं से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद खाद्य एवं पूर्ति विभाग द्वारा मवाना स्थित मैसर्स मवाना इंडेन गैस सेवा एजेंसी की जांच की गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर गैस एजेंसी संचालक और गोदाम प्रभारी पर कालाबाजारी की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार श्रीवास्तव द्वारा 9 सितंबर को की गई जांच में पाया गया कि उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा में रिफिल की होम डिलीवरी नहीं दी जा रही थी। गैस सिलिंडरों को अन्य स्थानों पर ले जाकर 970 से 990 रुपये तक में बेचा जा रहा था। इसके अलावा होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 1500 से 2000 रुपये में अवैध रूप से ब्लैक में सिलिंडर दिए जा रहे थे। 10 सितंबर को गोदाम के भौतिक सत्यापन के दौरान ऑनलाइन डेटा और मौके पर उपलब्ध स्टॉक में भारी अंतर पाया गया।
गोदाम में 716 भरे घरेलू सिलिंडरों के स्थान पर केवल 143 सिलिंडर ही मिले। 573 भरे सिलिंडरों की निकासी का कोई लिखित साक्ष्य या रिकॉर्ड नहीं मिला। गोदाम प्रभारी और संचालक द्वारा अभिलेख न दिखाकर वास्तविक तथ्यों को छिपाने तथा रसोई गैस की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी करने की बात सामने आई। इस मामले में जिलाधिकारी की अनुमति मिलने के बाद पूर्ति निरीक्षक अंकुश कुमार की तहरीर पर मैसर्स मवाना इंडेन गैस सेवा एजेंसी के संचालक और गोदाम प्रभारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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मवाना। आईजीआरएस पोर्टल पर उपभोक्ताओं से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद खाद्य एवं पूर्ति विभाग द्वारा मवाना स्थित मैसर्स मवाना इंडेन गैस सेवा एजेंसी की जांच की गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर गैस एजेंसी संचालक और गोदाम प्रभारी पर कालाबाजारी की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार श्रीवास्तव द्वारा 9 सितंबर को की गई जांच में पाया गया कि उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा में रिफिल की होम डिलीवरी नहीं दी जा रही थी। गैस सिलिंडरों को अन्य स्थानों पर ले जाकर 970 से 990 रुपये तक में बेचा जा रहा था। इसके अलावा होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 1500 से 2000 रुपये में अवैध रूप से ब्लैक में सिलिंडर दिए जा रहे थे। 10 सितंबर को गोदाम के भौतिक सत्यापन के दौरान ऑनलाइन डेटा और मौके पर उपलब्ध स्टॉक में भारी अंतर पाया गया।
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गोदाम में 716 भरे घरेलू सिलिंडरों के स्थान पर केवल 143 सिलिंडर ही मिले। 573 भरे सिलिंडरों की निकासी का कोई लिखित साक्ष्य या रिकॉर्ड नहीं मिला। गोदाम प्रभारी और संचालक द्वारा अभिलेख न दिखाकर वास्तविक तथ्यों को छिपाने तथा रसोई गैस की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी करने की बात सामने आई। इस मामले में जिलाधिकारी की अनुमति मिलने के बाद पूर्ति निरीक्षक अंकुश कुमार की तहरीर पर मैसर्स मवाना इंडेन गैस सेवा एजेंसी के संचालक और गोदाम प्रभारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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