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किसान आंदोलन से हुई कृषि कानूनों की मौत, आंदोलन की हत्या का किया प्रयास : योगेंद्र यादव

Thu, 11 Mar 2021 02:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Thu, 11 Mar 2021 02:07 AM IST
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Farmers movement led to death of agricultural laws: Yogendra Yadav
योगेंद्र यादव। - फोटो : अमर उजाला।
मेरठ के मवाना में किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि किसान आंदोलन के सौ दिन पूरे हो चुके हैं। ये सौ दिन किसान के संकल्प और ऐतिहासिक लड़ाई के दिन हैं। सरकार की हठधर्मिता और निष्ठुरता के दिन भी हैं। तीनों कृषि कानूनों की मौत हो चुकी है, केवल उनका मृत्यु प्रमाणपत्र मिलना बाकी है। योगेंद्र यादव बुधवार को मवाना के गांव निलौहा में किसान विचार गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन स्वराज मेरठ प्रकोष्ठ ने किया।
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योगेंद्र यादव ने अपना संबोधन चौ. चरण सिंह का नाम लेकर शुरू किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह जैसे नेता आज नहीं हैं। इसके बावजूद पहली बार देश का किसान अपने लिए खड़ा हुआ है। आंदोलन के सौ दिनों में किसान आंख में आंख डालकर बात करना सीख गया है। आज किसान ने स्वाभिमान हासिल किया है। उसने देश और प्रदेश की सरकारों को दिखा दिया है कि उनके आगे कोई नहीं टिक सकता है। सरकार ने कोरोना का लाभ उठाकर किसानों के खिलाफ यह कदम उठाने का साहस किया। पंजाब के किसानों ने दो माह में ही सरकार की नब्ज पकड़ ली और कृषि कानूनों के खिलाफ उठ खडे़ हुए।
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उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब तीन कृषि कानूनों से भी आगे निकल गया है। यह लड़ाई हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए है। उसका भविष्य बचाने के लिए है। इस दौरान उन्होंने मौजूद किसानों के सवालों के जवाब भी दिए। गोष्ठी में मानवेंद्र वर्मा, मनीष, कामरेड जितेंद्रपाल सिंह ने भी विचार रखे।
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आंदोलन की हत्या का प्रयास किया
योगेंद्र यादव ने 26 जनवरी के दिन की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन 1984 की घटना दोहराने की मंशा थी। आंदोलन की हत्या का प्रयास किया गया। लेकिन राकेश टिकैत ने यह नहीं होने दिया। इनका खेल है किसानों को बांटकर रखो और राज करो। उन्होंने प्रधानमंत्री को झूठा बोलने से भी गुरेज नहीं किया। गोष्ठी में योगेंद्र यादव की लिखित किसान आंदोलन का गुटका नाम से लघु पुस्तक का वितरण किया गया। इसमें किसान आंदोलन और किसानों के साथ सरकार की वार्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।


सरकार को महंगा पड़ेगा सौदा
योगेंद्र यादव ने पत्रकार वार्ता में आगे की रणनीति बताते हुए कहा कि पांच राज्यों में किसानों को संदेश दिया जाएगा कि बीजेपी को सजा दो, जिसने किसानों का दमन किया। उन्होंने कहा कि वह 12 व 13 मार्च को बंगाल और 14 को आसाम जा रहे हैं। सरकार की ओर से वार्ता आमंत्रण के सवाल पर कहा कि सरकार ऐसा प्रोजेक्ट कर रही है। हम वार्ता को हमेशा तैयार हैं। सरकार को जल्द समझ आ जाएगा, हमें कोई जल्दी नहीं है। जितना समय बीतेगा सरकार के लिए सौदा उतना ही महंगा पड़ेगा।
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