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रमाला चीनी मिल की बढ़ी पेराई क्षमता से किसानों को मिलेगी राहत
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मेरठ। सहकारी क्षेत्र की रमाला (बागपत) शुगर मिल की पेराई क्षमता विस्तारीकरण से गन्ना किसानों को भारी राहत मिलेगी। प्रदेश के सीएम योगी आदित्यानाथ आगामी चार नवंबर को मिल के विस्तारीकरण के लोकार्पण के साथ ही पेराई सत्र 2019-20 का शुभांरभ भी करेंगे। प्रमुख सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास संजय आर भुसरेड्डी ने अधिकारियों को कार्यक्रम की तैयारी चाक चौबंद करने के निर्देश दिए हैं।
सहकारी चीनी मिल रमाला की क्षमता 2500 टीसीडी यानि 25000 कुंतल गन्ना प्रति दिन पेराई की थी। इतनी कम पेराई क्षमता के चलते समय से गन्ना खरीद नहीं हो पाती थी। इसके चलते किसानों की गेहूं बुआई भी पिछड़ जाती थी। किसानों की मांग पर प्रदेश सरकार ने मिल की क्षमता 5000 टीसीडी कर दी है। साथ ही मिल में 27 मेगावाट क्षमता को को-जनरेशन प्लांट भी स्थापित किया गया है। इस प्लांट से न केवल मिल की बिजली जरूरत पूरी होगी बल्कि सरप्लस बिजली की बिक्री भी की जाएगी। मिल क्षमतावृद्धि से क्षेत्र के करीब 35000 किसानों को राहत मिलेगी। गन्ना अधिकारियों ने बताया कि बढ़ी क्षमता से करीब 90 लाख कुंतल गन्ने की पेराई करके करीब 9.5 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन किया जाएगा।
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सहकारी चीनी मिल रमाला की क्षमता 2500 टीसीडी यानि 25000 कुंतल गन्ना प्रति दिन पेराई की थी। इतनी कम पेराई क्षमता के चलते समय से गन्ना खरीद नहीं हो पाती थी। इसके चलते किसानों की गेहूं बुआई भी पिछड़ जाती थी। किसानों की मांग पर प्रदेश सरकार ने मिल की क्षमता 5000 टीसीडी कर दी है। साथ ही मिल में 27 मेगावाट क्षमता को को-जनरेशन प्लांट भी स्थापित किया गया है। इस प्लांट से न केवल मिल की बिजली जरूरत पूरी होगी बल्कि सरप्लस बिजली की बिक्री भी की जाएगी। मिल क्षमतावृद्धि से क्षेत्र के करीब 35000 किसानों को राहत मिलेगी। गन्ना अधिकारियों ने बताया कि बढ़ी क्षमता से करीब 90 लाख कुंतल गन्ने की पेराई करके करीब 9.5 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन किया जाएगा।
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