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लापरवाही की इंतहा : खुद को जिंदा साबित करने को चार साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहा किसान
Tue, 15 Feb 2022 05:49 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 15 Feb 2022 05:49 PM IST
सार
किसान साल 2018 से अपने आप को जीवित साबित करने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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किसान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत में अफसरों की फिर लापरवाही सामने आई है। अफसरों की लापरवाही से सरूरपुर कलां गांव के एक किसान को फर्द में मृत दिखा दिया गया। किसान अब खुद को जिंदा साबित करने के लिए चार साल से अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहा है। मगर, कोई सुनने को तैयार ही नहीं है।
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सरूरपुर कलां गांव के किसान प्रमोद पुत्र बिरम सिंह ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व उसके भाई राजबीर का निधन हो गया था। इसके बाद जमीन की स्थिति को देखने के लिए वह वर्ष 2018 में तहसील में फर्द निकलवाने गया। फर्द मिलने पर वह चौंक गया।
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तहसील प्रशासन ने उनके भाई के स्थान पर फर्द में उसे मृत घोषित कर दिया था। उसने तभी तहसील अधिकारियों को इस बारे में बताया तो उसे जांच कराकर फर्द सही कराने का आश्वासन दिया गया। लेकिन इसके बाद भी फर्द में संशोधन नहीं किया गया।
किसान प्रमोद वर्ष 2018 से अपने आप को जीवित साबित करने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
सरूरपुर कलां गांव के प्रमोद का नाम फर्द में मृतक गलत दर्ज होने की जानकारी मिली है, जांच कर किसान की समस्या का समाधान कराया जाएगा। - प्रसून कश्यप, तहसीलदार