मेरठ में एक शख्स दो अलग-अलग नामों से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर दस साल से लगातार कई बार पाकिस्तान की यात्रा कर रहा था। जानकारी लगने पर सोमवार को पुलिस ने उसे मेरठ से गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इस पूरे प्रकरण में पासपोर्ट आवेदन से लेकर सत्यापन तक पासपोर्ट जारी होने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पाकिस्तान से सस्ते ड्राई फ्रूट्स लाने को बनवाए फर्जी पासपोर्ट, तो कोई बूढ़ा बन जा रहा था विदेश
मेरठ में सोमवार को पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट के साथ एक शख्स को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार कुछ माह पूर्व सूचना मिली थी कि देहलीगेट क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने दो पासपोर्ट बनवा रखे हैं और वह अक्सर पाकिस्तान की यात्रा करता है।
सोमवार शाम पुलिस ने इस व्यक्ति को जलीकोठी क्षेत्र से गिरफ्तार कर उसके पास से दोनों पासपोर्ट बरामद कर लिए। आरोपी जलीकोठी निवासी रहीसुद्दीन पुत्र सुलेमान है। प्रारंभिक पूछताछ में रहीसुद्दीन ने बताया कि वह पाकिस्तान में रह रहीं अपनी बहनों से मिलने जाता था। भारत की तुलना में वहां ड्राईफ्रूट काफी सस्ते हैं, इसलिए वह काफी मात्रा में वहां से ड्राईफ्रूट लाकर यहां बेचता था।
प्रक्रिया लंबी, जिम्मेदार कौन
पासपोर्ट आवेदक को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। थाने से लेकर एलआईयू की रिपोर्ट पासपोर्ट विभाग को जाती है। लेकिन हैरानी की बात है कि रहीसुद्दीन ने अपने नाम और पते में मामूली फेरबदल कर अपने दो पासपोर्ट कैसे तैयार करा लिए।
वहीं, फर्जीवाड़ा कर नाम पता बदलकर दूसरा आवेदन कैसे किया गया और उससे पासपोर्ट बनवा भी लिया गया। जाहिर है कि दोनों ही पासपोर्ट के आवेदन में थाना पुलिस और एलआईयू ने किस तरह का वेरीफिकेशन किया कि दोनों ही जांचों में रहीसुद्दीन पकड़ में नहीं आया।
अस्सी साल का बूढ़ा बनकर जाना चाहता था अमेरिका
अमेरिका जाने की सनक में एक 32 साल का युवक 81 साल का बूढ़ा बन गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने जब जब जांच पड़ताल की तो कई बड़े खुलासे हुए। दरअसल, गुजरात का रहने वाला 32 साल का जयेश पटेल अमेरिका जाना चाहता था। लेकिन उसे वीजा नहीं मिला। इसके बाद जयेश ने किसी एजेंट से संपर्क किया तो उसने भेष और पहचान बदलकर अमेरिका जाने की सलाह दी। अगस्त माह में दिल्ली के अमरीक सिंह के नाम से उसका पासपोर्ट बन गया और अमेरिका का वीजा भी लग गया।
वह 21 अगस्त को दिल्ली के एक होटल में पहुंचा, जहां अस्सी साल के बुजुर्ग के रूप में उसका मेकअप किया गया। उसके बाल दाढ़ी को सफेद कर बूढ़ों वाला चश्मा लगाया गया। सिर पर सफेद पगड़ी पहनाई गई। यहां से जैसे ही वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा तो सीआईएसएफ के जवान को उस पर शक हुआ जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 30 लाख रुपये में यह सब तय हुआ था। युवक ने पूछताछ में बताया कि उसे बूढ़ा बनकर विदेश जाने का आइडिया ऋतिक रोशन की फिल्म 'धूम-2' देखकर आया था।
फर्जी पासपोर्ट के साथ लखनऊ में गिरफ्तार किया गया बांग्लादेशी शख्स
अक्टूबर 2019 को सऊदी अरब से कोलकाता जा रहे एक शख्स को लखनऊ में फर्जी पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार किया गया था। यहां इमीग्रेशन चेकिंग के दौरान अधिकारियों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस बांग्लादेशी यात्री के पास से फर्जी पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज मिले थे।
पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह पिछले एक साल से सऊदी अरब में रहकर ड्राइविंग की नौकरी कर रहा है। आरोपी से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि भारत बांग्लादेश सीमा पर एक गांव के रास्ते एजेंटों की मदद से वह 2010 में भारत आया। यहां कपड़े की दुकान पर काम किया। इसके बाद भारतीय वोटर कार्ड और पासपोर्ट भी हासिल कर लिया और फिर कुवैत चला गया। जहां से 2017 के बाद उसने सऊदी अरब में नौकरी शुरू कर दी।