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मेरठ में फिर नकली बैट की फैक्टरी का भंडाफोड़, इस बार सामने आई ये अहम बात

Fri, 29 Nov 2019 01:42 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 29 Nov 2019 01:42 PM IST
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Fake bat factory is busted in Meerut district of Uttar Pradesh
टीपीनगर के स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में छापे में बरामद एसजी कंपनी के नकली बैट और स्टीकर - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में टीपी नगर पुलिस और गुरुग्राम की ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया कंपनी के अधिकारियों ने स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में एसडी स्पोर्ट्स पर छापा मारकर नकली बैट की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। मौके से एसजी नाम के 100 से ज्यादा नकली बैट और 200 से अधिक स्टीकर बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार करीब 10 साल से फैक्टरी संचालक इस काम को करता आ रहा था। कंपनी ने टीपीनगर थाने में तहरीर दी है। 

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पुलिस के अनुसार कंपनी निदेशक धीरेंद्र सिंह और ऑपरेशन मैनेजर सुनील कुमार ने गुरुवार सुबह थाना टीपी नगर पहुंचकर एसडी स्पोर्ट्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों अधिकारियों ने थाना प्रभारी टीपी नगर के साथ फैक्टरी पर छापा मारा। मौके से फैक्टरी संचालक राजू सैनी निवासी शिवपुरम को हिरासत में ले लिया गया। पकड़े गए माल की कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई। धीरेंद्र सिंह ने एसडी स्पोर्ट्स के संचालक के खिलाफ तहरीर दी है।
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500 का माल बेचते थे 1500 में 

पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि फैक्टरी से लोकल के बजाय दूरदराज के शहरों में माल की सप्लाई की जाती थी। इससे किसी को शक भी नहीं होता था। इसके लिए फैक्टरी से जुड़े कुछ लोग पहले टूर करते थे। नामचीन कंपनी की हूबहू कॉपी कर यह लोग 500 से 700 रुपये में क्रिकेट बैट तैयार कर उसे 1500 से 2500 रुपये तक में बेच देते थे। ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों को भी माल बेचा जाता था। 

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कुछ और नाम आए सामने
फैक्टरी संचालक राजू सैनी ने पूछताछ में निरंकार और सुशील नाम बताए, जो एक-दूसरे की गैरमौजूदगी में फैक्टरी संभालते थे। दो लोग टूर पर रहते थे तो एक शख्स फैक्टरी में होता था। जो जितना बड़ा ऑर्डर लाता था, उसे उसके हिसाब से ही मुनाफा होता था। कौन स्टीकर डिजाइन तैयार करता था और इनकी छपाई कहां की जाती थी, इसकी जांच की जा रही है।

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