अनुभव लाया रंग: एशियाई खेलों में तीसरी बार सीमा ने चूमा कांसा, संघर्ष रहे जारी फिर भी हिम्मत नहीं हारी
सीमा ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय डिस्कस थ्रोअर अंकुश पूनिया से 2011 में शादी की थी, लेकिन 2022 में दोनों के बीच तलाक लेने की चर्चा रही। सीमा निजी जीवन में कई संघर्षों से जूझती रही फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कामयाबी का परचम लहराया।
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चीन के हांगझाऊ में आयोजित एशियन गेम्स में रविवार को 40 वर्षीय सीमा अंतिल ने डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने 58.62 मीटर थ्रो के साथ यह उपलब्धि हासिल की। मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत निवासी ओलंपियन सीमा अभी तक आठ अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं। अपने अनुभव के दम पर सीमा ने यह पदक हासिल किया।
अनुभवी खिलाड़ी सीमा ने एशियाई खेलों में यह तीसरा पदक अपने नाम किया है। इससे पहले वो 2014 एशियाई खेलों में स्वर्ण, 2018 एशियाई खेलों में कांस्य पदक अपने नाम कर चुकी हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में देश को चार बार पदक दिला चुकीं हैं।
2006 मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में चक्का फेंक स्पर्धा में रजत, 2010 दिल्ली में कांस्य पदक, 2014 में देश को रजत पदक दिला चुकी हैं। इसके अलावा 2002 विश्व जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। 26 जून 2006 को हरियाणा राज्य सरकार द्वारा उन्हें भीम पुरस्कार से सम्मानित किया, जबकि केंद्र सरकार भी उन्हें अर्जुन अवार्ड से सम्मानित कर चुकी हैं।
11 साल की उम्र में शुरू किया सफर पहुंचा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
ग्रामीण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली सीमा अंतिल को खेल का मैदान विरासत में मिला। उनके भाई आनंदपाल सिंह कुश्ती और अमितपाल सिंह हॉकी के खिलाड़ी थे। सीमा को शुरू में दौड़ने और कूदने का शौक था। हर्डल्स और लांग जंप में उनको काफी रुचि थी। लेकिन जल्द ही अपने कोच की सलाह पर उन्होंने डिस्कस थ्रो में अपना कॅरिअर बनाया।
2002 में हरियाणा की इस एथलीट ने जमैका के किंग्स्टन में हुए विश्व जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। इस पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के बाद सीमा के अंतरराष्ट्रीय कॅरिअर की शुरुआत हुई। 2004 एथेंस ओलंपिक में उन्हें भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला, 60.64 मीटर के साथ उन्होंने 14वां स्थान हासिल किया।
2006 राष्ट्रमंडल खेलों में 60 मीटर के साथ रजत पदक दिलाया। राष्ट्रमंडल खेलों में कुल चार बार देश को पदक दिलाया। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी योगेंद्रपाल सिंह, जिला एथलेटिक संघ अध्यक्ष आशुतोष भल्ला, सचिव अनु कुमार, कोच गौरव त्यागी सहित अन्य लोगों ने सीमा को बधाई दी।
संघर्ष से नहीं टूटीं सीमा
सीमा ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय डिस्कस थ्रोअर अंकुश पूनिया से 2011 में शादी की, लेकिन 2022 में दोनों के बीच तलाक लेने की चर्चा रही। सीमा ने अपने पेज पर इसकी पुष्टि की, लेकिन अभी दोनों के बीच समझौते की भी खबरें चल रहीं हैं। जीवन में संघर्ष यहां खत्म नहीं हुआ इससे पहले भी चोट के कारण बड़ी प्रतियोगिता में नहीं खेल पाईं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 से पहले कूल्हे की चोट से जूझ रही थीं और अपने कॅरिअर में पहली बार बर्मिंघम में आयोजित चार साल में होने वाले इवेंट में पदक से चूक गईं। वह 55.92 मीटर के थ्रो के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। 20 वर्षों में यह पहली बार था जब भारत राष्ट्रमंडल खेलों डिस्कस थ्रो इवेंट में बिना पदक के लौटा।
सीमा ने बर्मिंघम में अपने प्रदर्शन के बाद कहा था मुझे लगता है कि मैं एशियाई खेलों 2023 में अच्छा थ्रो कर सकती हूं। अगर मैं 63-64 मीटर के निशान तक पहुंच जाती हूं, तो मैं पेरिस -2024 ओलंपिक में भी जगह बना सकती हूं। मैं मजबूत हूं इसलिए मैं यहां हूं। जिस दिन मैं ट्रेनिंग में अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाऊंगी, वह मेरा आखिरी दिन होगा।