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Meerut News: 7.50 करोड़ के स्टांप घोटाले की जांच अब ईओडब्ल्यू करेगी
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मेरठ। शासन के आदेश पर अब फर्जी स्टांप घोटाले के मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) करेगी। जनपद पुलिस को इस संबंध में आदेश मिल गया है। पुलिस ने अभी तक नामजद विशाल वर्मा, राहुल, राहुल पुत्र महेश स्टांप वेंडर अक्षय गुप्ता व आशू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
सिविल लाइंस थाने में फर्जी स्टांप पर बैनामा कराने वालों के खिलाफ 22 मई 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बैनामा करने वाले 997 लोगों को स्टांप में कमी बताकर नोटिस जारी किए गए थे। सभी ने बताया कि उन्होंने अधिवक्ता विशाल वर्मा को स्टांप के पूरे रुपये दिए थे। शासन स्तर पर कराई गई जांच में 7.50 करोड़ रुपये के फर्जी स्टांप मिले थे। इसके बाद ही विशाल वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
एसआइटी की रिपोर्ट के आधार पर विशाल और उसके दो सहयोगी राहुल वर्मा पुत्र राजू व राहुल वर्मा पुत्र महेश के खिलाफ दूसरी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। स्टांप घोटाले में 997 बैनामे कराए गए थे। एसएसपी डॉ विपिन ताडा के अनुसार शासन ने स्टांप घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर कर दी है।
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सिविल लाइंस थाने में फर्जी स्टांप पर बैनामा कराने वालों के खिलाफ 22 मई 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बैनामा करने वाले 997 लोगों को स्टांप में कमी बताकर नोटिस जारी किए गए थे। सभी ने बताया कि उन्होंने अधिवक्ता विशाल वर्मा को स्टांप के पूरे रुपये दिए थे। शासन स्तर पर कराई गई जांच में 7.50 करोड़ रुपये के फर्जी स्टांप मिले थे। इसके बाद ही विशाल वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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एसआइटी की रिपोर्ट के आधार पर विशाल और उसके दो सहयोगी राहुल वर्मा पुत्र राजू व राहुल वर्मा पुत्र महेश के खिलाफ दूसरी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। स्टांप घोटाले में 997 बैनामे कराए गए थे। एसएसपी डॉ विपिन ताडा के अनुसार शासन ने स्टांप घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर कर दी है।
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