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उद्यमियों ने बजट पर की सांसद से चर्चा

Wed, 18 Dec 2019 02:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2019 02:15 AM IST
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Entrepreneurs discussed the budget with the MP
उद्यमियों ने बजट पर की सांसद से चर्चा
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मेरठ। बजट 2020 के लिए शहर के उद्यमियों व कारोबारियों ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल को मांग पत्र सौंपा। मंगलवार को आईआईए भवन व चेंबर ऑफ कॉमर्स रोडवेज में उद्यमियों की वार्ता का आयोजन हुआ। दोनों ही आयोजनों में सांसद राजेंद्र अग्रवाल के समक्ष उद्यमियों ने मांगें रखीं। आईआईए की ओर से आईआईए भवन मोहकमपुर में सांसद के साथ संवाद हुआ। आईआईए के उद्यमियों व पदाधिकारियों ने सांसद के समक्ष मांगपत्र रखा। इसमें जीएसटी, आयकर, खेल सामग्री उद्योग, सरकार की नीतियाें एवं ईज ऑफ डूईंग बिजनेस पर विचार-विमर्श हुआ। पंकज गुप्ता, अतुल भूषण गुप्ता, निपुन जैन, अश्वनी गेरा, रविंद्र ऐलन व गिरीश मोहन गुप्ता मौजूद रहे।
चेंबर ऑफ कॉमर्स रोडवेज में बजट पर सुझाव के लिए चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल को अपनी मांगें बताईं। बैठक में चेंबर अध्यक्ष रविप्रकाश अग्रवाल, महामंत्री विपिन कुमार, संयोजक सुरेंद्र प्रताप, गिरीश मोहन गुप्ता, अनिल कुमार, सर्वेश कुमार सराफ, नरेंद्र गोयल, राकेश रस्तोगी, विनीत पाला, अरुण कुमार, डॉ. सुबोध गर्ग आदि मौजूद रहे।
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ये है आईआईए क ा मांगपत्र
- पार्टनरशिप एवं प्रोपराइटरशिप फर्र्मों पर आयकर में छूट।
- व्यक्तिगत आयकर पर छूट की सीमा बढ़ाई जाए।
- सरकार इंसेंटिव व सब्सिडी का समय पर भुगतान कराए।
- जीएसटी का सरलीकरण किया जाए।
- उद्योग के लिए इंटरनेट की व्यवधान रहित व्यवस्था की जाए।
- ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में सुधार किया जाए।
ये है चैंबर के पदाधिकारियों का मांगपत्र
- तीन साल से कार्यरत सभी एमएसएमई कंपनी को बैंकों द्वारा दो प्रतिशत की दर से छूट मिले।
- किसी भी एमएसएमई कंपनी की ब्याज दर किसी भी अवस्था में 11 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
- ब्याज दर को रेपो रेट से तुरंत जोड़ा जाए।
- विदेश से आने वाले ऐसे सामान पर आयात शुल्क बढ़ाया जाए, जो भारत में भी तैयार होता है।
- बजट में आम आदमी की सुविधा, कारोबारियों, उद्यमियों का ख्याल रखा जाए। इनके लिए अलग से धनराशि दी जाए।
- निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निर्यात होने वाले सामान पर ड्यूटी ड्रा बैक बढ़ाया जाए।
- एमएसएमई कंपनी के पेमेंट सरकारी व अर्द्धसरकारी विभागों में 45 दिन से अधिक समय तक भुगतान नहीं होने पर संबंधित विभागों पर अर्थदंड लगाया जाए।
- एमएसएमई के लिए जीएसटी दर घटाई जाए।
- ईज ऑफ डूईंग से सरकारी विभागों में काम कराना आज भी मुश्किल व खर्चीला है, इसे ठीक किया जाए। सभी विभागों में एक सैल बनाई जाए, जिसमें समय पर काम न होने पर शिकायत भी दर्ज हो।
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- आयकर की सीमा को हर साल घटाया जाए।
- शहर में एयरपोर्ट फाइनेंस के कारण रुका है, उसे जल्द पूरा किया जाए।
- बीपीएल राशन कार्ड पर मिलने वाली फूड सब्सिडी का दुरुपयोग हो रहा है, इसे केवल ऐसे लोग जिनके दो बच्चे हैं, तक सीमित कर दिया जाए। सब्सिडी का पैसा सीधे खाते में जाए।
- वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। निजी व सरकारी में सब पदों पर समान वेतन व्यवस्था लागू हो।
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