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आठ दिन शेष, जमा हुए 10 करोड़, बकाया अभी भी 60 करोड़
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आठ दिन शेष, जमा हुए 10 करोड़, बकाया अभी भी 60 करोड़
सरधना। प्रदेश सरकार की (ओटीएस) एकमुश्त समाधान योजना में पंजीकरण कराने के लिए आठ दिन शेष हैं। नगर और देहात के आठ बिजलीघरों के उपभोक्ताओं से विभाग 10 करोड़ रुपये वसूल चुका है लेकिन लक्ष्य से अभी भी कोसों दूर है। उपभोक्ताओं पर अभी भी 60 करोड़ रुपये बकाया है।
प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं से बिजली बिल बकाया वसूलने के लिए एकमुश्त समाधान योजना के तहत शत-प्रतिशत सरचार्ज में छूट दी थी। योजना में पंजीकरण कराने की तिथि 15 मार्च रखी गई थी, लेकिन काफी संख्या में उपभोक्ता पंजीकरण कराने से वंचित रह गए थे जिसके कारण तिथि को 31 मार्च तक बढ़ा दिया था।
नगर टाउन बिजलीघर के एसडीओ अनिकेत ने बताया कि नगर में करीब 13 करोड़ रुपये बकाया है। यहां 309 विद्युत उपभोक्ताओं ने योजना के तहत पंजीकरण कराया है। उपभोक्ताओं ने 3 करोड़ रुपये जमा किए हैं।
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एसडीओ देहात दिनेश कुमार ने बताया कि कपसाड़ बिजलीघर पर 8.22 करोड़, सलावा बिजलीघर पर 7.62 करोड़, भामौरी बिजलीघर पर 9.20 करोड़, गंगनहर बिजलीघर पर 4.62 करोड़, नानू बिजलीघर पर 6.72 करोड़, महादेव बिजलीघर पर 4.85 करोड़ और बटजेवरा बिजलीघर पर करीब छह करोड़ रुपया बकाया है। यहां 5275 उपभोक्ताओं ने योजना के तहत पंजीकरण कराया है। यहां कुल 47.23 करोड़ बकाया है और सात करोड़ रुपये उपभोक्ताओं से वसूले गए हैं। उन्होंने बिजली बिल में शत प्रतिशत सरचार्ज छूट का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को जागरूक किया भी किया है।
किसानों को दी ओटीएस योजना की जानकारी
खरखौदा। खरखौदा किसान सेवा सहकारी समिति नंबर-1 पर सहायक विकास अधिकारी सहकारिता दिनेश त्यागी ने किसानों को एकमुश्त समाधान योजना की जानकारी दी।
दिनेश त्यागी ने बताया कि सहकारी समिति द्वारा वितरित फसली ऋण की सीमा मूलधन तीन लाख होगी जो 3 वर्षों से बकाया है। योजना में दी जाने वाली छूट एक मार्च 1997 से पूर्व के फसली ऋणों के कृषक द्वारा लिए गए वास्तविक मूलधन में से बचे अवशेष मूलधन को जमा कराकर ओटीएस योजना का लाभ दिया जाएगा। वहीं एक अप्रैल 1997 से 31 मार्च 2012 के मध्य वितरित फसली ऋण में किसानों को दिए गए मूलधन तथा मूल्य के बराबर ब्याज की वसूली करके ओटीएस योजना का लाभ दिया जाएगा। एक अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 के बीच वितरित फसली ऋण जो 3 वर्षों से अधिक बकाया है उसमें बकाएदार के ऊपर आयात ब्याज से 50 प्रतिशत दंड ब्याज, दीगर एवं संग्रह शुल्क माफ होगा। इस दौरान बैंक शाखा प्रबंधक एसपी शर्मा, नरेश त्यागी, सचिन त्यागी, सतीश त्यागी, रवि त्यागी, विरेंद्र मुखिया, गौरव लोहिया, कलवा, धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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सरधना। प्रदेश सरकार की (ओटीएस) एकमुश्त समाधान योजना में पंजीकरण कराने के लिए आठ दिन शेष हैं। नगर और देहात के आठ बिजलीघरों के उपभोक्ताओं से विभाग 10 करोड़ रुपये वसूल चुका है लेकिन लक्ष्य से अभी भी कोसों दूर है। उपभोक्ताओं पर अभी भी 60 करोड़ रुपये बकाया है।
प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं से बिजली बिल बकाया वसूलने के लिए एकमुश्त समाधान योजना के तहत शत-प्रतिशत सरचार्ज में छूट दी थी। योजना में पंजीकरण कराने की तिथि 15 मार्च रखी गई थी, लेकिन काफी संख्या में उपभोक्ता पंजीकरण कराने से वंचित रह गए थे जिसके कारण तिथि को 31 मार्च तक बढ़ा दिया था।
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नगर टाउन बिजलीघर के एसडीओ अनिकेत ने बताया कि नगर में करीब 13 करोड़ रुपये बकाया है। यहां 309 विद्युत उपभोक्ताओं ने योजना के तहत पंजीकरण कराया है। उपभोक्ताओं ने 3 करोड़ रुपये जमा किए हैं।
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एसडीओ देहात दिनेश कुमार ने बताया कि कपसाड़ बिजलीघर पर 8.22 करोड़, सलावा बिजलीघर पर 7.62 करोड़, भामौरी बिजलीघर पर 9.20 करोड़, गंगनहर बिजलीघर पर 4.62 करोड़, नानू बिजलीघर पर 6.72 करोड़, महादेव बिजलीघर पर 4.85 करोड़ और बटजेवरा बिजलीघर पर करीब छह करोड़ रुपया बकाया है। यहां 5275 उपभोक्ताओं ने योजना के तहत पंजीकरण कराया है। यहां कुल 47.23 करोड़ बकाया है और सात करोड़ रुपये उपभोक्ताओं से वसूले गए हैं। उन्होंने बिजली बिल में शत प्रतिशत सरचार्ज छूट का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को जागरूक किया भी किया है।
किसानों को दी ओटीएस योजना की जानकारी
खरखौदा। खरखौदा किसान सेवा सहकारी समिति नंबर-1 पर सहायक विकास अधिकारी सहकारिता दिनेश त्यागी ने किसानों को एकमुश्त समाधान योजना की जानकारी दी।
दिनेश त्यागी ने बताया कि सहकारी समिति द्वारा वितरित फसली ऋण की सीमा मूलधन तीन लाख होगी जो 3 वर्षों से बकाया है। योजना में दी जाने वाली छूट एक मार्च 1997 से पूर्व के फसली ऋणों के कृषक द्वारा लिए गए वास्तविक मूलधन में से बचे अवशेष मूलधन को जमा कराकर ओटीएस योजना का लाभ दिया जाएगा। वहीं एक अप्रैल 1997 से 31 मार्च 2012 के मध्य वितरित फसली ऋण में किसानों को दिए गए मूलधन तथा मूल्य के बराबर ब्याज की वसूली करके ओटीएस योजना का लाभ दिया जाएगा। एक अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 के बीच वितरित फसली ऋण जो 3 वर्षों से अधिक बकाया है उसमें बकाएदार के ऊपर आयात ब्याज से 50 प्रतिशत दंड ब्याज, दीगर एवं संग्रह शुल्क माफ होगा। इस दौरान बैंक शाखा प्रबंधक एसपी शर्मा, नरेश त्यागी, सचिन त्यागी, सतीश त्यागी, रवि त्यागी, विरेंद्र मुखिया, गौरव लोहिया, कलवा, धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।