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दवा कारोबारियों ने उत्पीड़न के विरोध में प्रदर्शन किया
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मेरठ..कंवलजीत..कमिशनर को ज्ञापन देने पहुंचे होलसेलर एंड रिटेलर केमिस्ट असोसिएशन के सदस्य.....सं
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। होलसेलर एंड रिटेलर केमिस्ट्स एसोसिएशन से जुड़े दवा कारोबारियों ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए ड्रग विभाग के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद मंडलायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह ने कहा कि विभाग की टीम पुलिस के साथ चेकिंग के लिए पहुंची है। इससे व्यापारियों की छवि खराब होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे बंद कराया जाए।
महामंत्री घनश्याम मित्तल ने कहा कि डाॅक्टर के क्लीनिक में दी जाने वाली दवाओं को मुफ्त किया जाना चाहिए। अभी तक डाक्टरों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। विभाग के अधिकारी डाक्टरों के यहां सिर्फ औपचारिकता के लिए जाते हैं। कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सकों के क्लीनिक पर जो दवाई बिक रही है उन पर कार्यवाही की जाना आवश्यक है। मरीजों का भी शोषण हो रहा है। चिकित्सकों के यहां जो दवाएं मिलती हैं, उनके दाम भी अधिक हैं।
दवा व्यापारी विकास मित्तल ने कहा कि मेरठ मंडल में 10 औषधि निरीक्षक हैं। प्रतिदिन एक डीआई दो से तीन दुकानों की जांच करता है। महीने में करीब 20 दिन यह कार्य चलता है। जांच में पारदर्शिता नहीं रहती है। अरुण त्यागी ने कहा कि व्यापारी का निरीक्षण करते समय फार्म 35 का उपयोग होना चाहिए। फार्म 35 पर बिना कुछ लिखे साइन कराए जाते हैं। व्यापारी को नोटिस भेजकर उसका उत्पीड़न किया जाता है।
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दवा व्यापारी मोईनुद्दीन गुड्डू ने कहा कि लाइसेंस जारी करते समय या नवीनीकरण कराते समय व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप लगाया कि सुविधा शुल्क के बिना फाइल आगे नहीं बढ़ती है। विभाग की कार्यशैली बदलने के लिए आदेश किया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर लोकेश सिंघल, गगन गुप्ता, देवेंद्र भसीन, प्रवीण दुआ और दिनेश अग्रवाल आदि रहे।
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मेरठ। होलसेलर एंड रिटेलर केमिस्ट्स एसोसिएशन से जुड़े दवा कारोबारियों ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए ड्रग विभाग के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद मंडलायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह ने कहा कि विभाग की टीम पुलिस के साथ चेकिंग के लिए पहुंची है। इससे व्यापारियों की छवि खराब होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे बंद कराया जाए।
महामंत्री घनश्याम मित्तल ने कहा कि डाॅक्टर के क्लीनिक में दी जाने वाली दवाओं को मुफ्त किया जाना चाहिए। अभी तक डाक्टरों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। विभाग के अधिकारी डाक्टरों के यहां सिर्फ औपचारिकता के लिए जाते हैं। कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सकों के क्लीनिक पर जो दवाई बिक रही है उन पर कार्यवाही की जाना आवश्यक है। मरीजों का भी शोषण हो रहा है। चिकित्सकों के यहां जो दवाएं मिलती हैं, उनके दाम भी अधिक हैं।
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दवा व्यापारी विकास मित्तल ने कहा कि मेरठ मंडल में 10 औषधि निरीक्षक हैं। प्रतिदिन एक डीआई दो से तीन दुकानों की जांच करता है। महीने में करीब 20 दिन यह कार्य चलता है। जांच में पारदर्शिता नहीं रहती है। अरुण त्यागी ने कहा कि व्यापारी का निरीक्षण करते समय फार्म 35 का उपयोग होना चाहिए। फार्म 35 पर बिना कुछ लिखे साइन कराए जाते हैं। व्यापारी को नोटिस भेजकर उसका उत्पीड़न किया जाता है।
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दवा व्यापारी मोईनुद्दीन गुड्डू ने कहा कि लाइसेंस जारी करते समय या नवीनीकरण कराते समय व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप लगाया कि सुविधा शुल्क के बिना फाइल आगे नहीं बढ़ती है। विभाग की कार्यशैली बदलने के लिए आदेश किया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर लोकेश सिंघल, गगन गुप्ता, देवेंद्र भसीन, प्रवीण दुआ और दिनेश अग्रवाल आदि रहे।