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Meerut News: हॉस्टल की कमी दूर करने को डोरमेट्री बनेगी सहारा
Wed, 09 Sep 2026 09:37 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 09 Sep 2026 09:37 PM IST
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दो दिन के छात्र आंदोलन के बाद विवि प्रशासन ने शुरू की कवायद, गर्ल्स हॉस्टल पर फोकस
सभी हॉस्टलों का होगा सर्वे, छात्रों से संवाद करेंगे वार्डन
विस्तार और अतिरिक्त बेड की संभावनाएं तलाशी जाएंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में बढ़ती छात्र संख्या के बीच हॉस्टल की समस्या दूर करने के लिए अब डोरमेट्री व्यवस्था को विकल्प के तौर पर विकसित किया जाएगा। छात्राओं को कैंपस में आवास उपलब्ध कराने पर विश्वविद्यालय प्रशासन का जोर रहेगा।
बुधवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सभी हॉस्टलों में सुविधाओं और अतिरिक्त क्षमता की संभावनाएं तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, मौजूदा हॉस्टलों में उपलब्ध स्थान का बेहतर इस्तेमाल करने के साथ ही डोरमेट्री तैयार करने की संभावनाएं देखी जाएंगी। इसके अलावा हॉस्टल भवनों के विस्तार और नए हॉस्टल के विकल्पों पर भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। वार्डन अपने-अपने हॉस्टल में जाकर छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर समाधान की दिशा में काम करेंगे।
छात्राओं के लिए ज्यादा जरूरत
कैंपस में वर्तमान में छात्रों के लिए सात हॉस्टल हैं, जबकि छात्राओं के लिए केवल दो हॉस्टल उपलब्ध हैं। पिछले वर्षों में बने नए हॉस्टल भी मुख्य रूप से छात्रों के लिए रहे हैं। छात्राओं के लिए 200 बेड का नया हॉस्टल निर्माणाधीन है। ऐसे में डोरमेट्री व्यवस्था से तत्काल अतिरिक्त आवास उपलब्ध कराने की उम्मीद है।
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धरने में शामिल छात्रों पर कार्रवाई का आरोप
छात्रों ने बुधवार को पुलिस पर धरने में शामिल रहे विद्यार्थियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आंदोलन में शामिल छात्रों को चिह्नित कर दबाव बनाया जा रहा है और कुछ छात्रों को पकड़े जाने की भी बात कही गई। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई जारी रही तो वे दोबारा धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।
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सभी हॉस्टलों का होगा सर्वे, छात्रों से संवाद करेंगे वार्डन
विस्तार और अतिरिक्त बेड की संभावनाएं तलाशी जाएंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में बढ़ती छात्र संख्या के बीच हॉस्टल की समस्या दूर करने के लिए अब डोरमेट्री व्यवस्था को विकल्प के तौर पर विकसित किया जाएगा। छात्राओं को कैंपस में आवास उपलब्ध कराने पर विश्वविद्यालय प्रशासन का जोर रहेगा।
बुधवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सभी हॉस्टलों में सुविधाओं और अतिरिक्त क्षमता की संभावनाएं तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, मौजूदा हॉस्टलों में उपलब्ध स्थान का बेहतर इस्तेमाल करने के साथ ही डोरमेट्री तैयार करने की संभावनाएं देखी जाएंगी। इसके अलावा हॉस्टल भवनों के विस्तार और नए हॉस्टल के विकल्पों पर भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। वार्डन अपने-अपने हॉस्टल में जाकर छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर समाधान की दिशा में काम करेंगे।
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छात्राओं के लिए ज्यादा जरूरत
कैंपस में वर्तमान में छात्रों के लिए सात हॉस्टल हैं, जबकि छात्राओं के लिए केवल दो हॉस्टल उपलब्ध हैं। पिछले वर्षों में बने नए हॉस्टल भी मुख्य रूप से छात्रों के लिए रहे हैं। छात्राओं के लिए 200 बेड का नया हॉस्टल निर्माणाधीन है। ऐसे में डोरमेट्री व्यवस्था से तत्काल अतिरिक्त आवास उपलब्ध कराने की उम्मीद है।
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धरने में शामिल छात्रों पर कार्रवाई का आरोप
छात्रों ने बुधवार को पुलिस पर धरने में शामिल रहे विद्यार्थियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आंदोलन में शामिल छात्रों को चिह्नित कर दबाव बनाया जा रहा है और कुछ छात्रों को पकड़े जाने की भी बात कही गई। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई जारी रही तो वे दोबारा धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।