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बार-बार हो सिरदर्द तो हल्के में न लें

Fri, 06 Sep 2019 02:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2019 02:33 AM IST
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Do not take the headache lightly ... migraine may occur
मेरठ। यदि बार-बार सिरदर्द हो रहा है तो इसे हल्के में न लें। यह माइग्रेन का कारण हो सकता है। माइग्रेन के वार से सावधान रहने की जरूरत है। लोगों को सिरदर्द के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सात सितंबर तक माइग्रेन सप्ताह मनाया जा रहा है।
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मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि राणा ने बताया कि लगभग 200 से ज्यादा तरह के सिरदर्द होते हैं। इसमें तनाव, डिप्रेशन और अन्य मानसिक कारणों की वजह से सिरदर्द शामिल हैं। दूसरा प्रमुख सिरदर्द है माइग्रेन। प्राइमरी सिरदर्द माइग्रेन, कलस्टर सिरदर्द, तनाव का सिरदर्द, इनका कोई ज्ञात कारण नहीं होता और यह कम खतरनाक होते हैं। दूसरे तरह का होता है बीमारी के कारण। जैसे ट्यूमर, खून की नस का फटना आदि। माइग्रेन का दर्द पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होता है। वहीं, मनोचिकित्सक डॉ. भूपेंद्र चौधरी बताते हैं कि माइग्रेन के दो में से एक व्यक्ति का मानना होता है कि उसे सामान्य सिरदर्द है। यह विश्व का तीसरा सबसे आम रोग है। करीब 50 प्रतिशत लोग चिकित्सक से बिना परामर्श लिए दवाइयां ले लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए।
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कम खतरे वाले लक्षण
30 साल से कम उम्र में सिरदर्द होना, सिरदर्द के तरीके में बदलाव न होना और शारीरिक जांच में कोई कमी न आना।
खतरे वाले लक्षण
- 40 साल की उम्र के बाद सिर दर्द की शुरुआत।
- बार-बार व तेज दर्द होना एवं दर्द के प्रकार में बदलाव होना।
- अचानक से दर्द की शुरुआत होना।
- व्यवहार में बदलाव होना।
- सिरदर्द के साथ बुखार, गर्दन का अकड़ना, चक्कर आना, हाथों-पैरों में कमजोरी आना।
- सिर की चोट के बाद दर्द होना
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इलाज
जब दर्द तेज होता है तो दर्द निवारक दवा देना जरूरी हो जाता है। इसके बाद दर्द के प्रकार के आधार पर इलाज होता है। माइग्रेन से पीड़ित मरीज को दवाइयां और खतरे के लक्षण दिखने पर सीटी स्कैन और एमआरआई कराई जाती है।
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बचाव
- सिर दर्द के मरीजों को ज्यादा देर भूखा नहीं रहना चाहिए।
- तेज धूप या हवा से बचाव भी जरूरी है।
- ज्यादा देर तक टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल गेम्स या कान में लीड लगाकर म्यूजिक नहीं सुनना चाहिए।
- ज्यादा ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स से भी सिर दर्द की शुरुआत हो सकती है।
- दिन में दो-तीन बार चाय या काफी लाभकारी है।
- तनावमुक्त रहें और नियमित मेडिटेशन करें।
- अधिक पानी पिएं, अपनी मर्जी से दवाइयां न लें।
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