टीबी का वार, मेरठ में सबसे ज्यादा युवा शिकार, जिला क्षय रोग विभाग ने किया सर्वे
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क्या कहते हैं आंकड़े
इस साल जनवरी से जुलाई तक यानि 212 दिन में 5057 मरीज मिले हैं, इस लिहाज से एक दिन में 23 से ज्यादा मरीज मिलने का आंकड़ा आ रहा है। पिछले साल मेरठ में टीबी के 8945 मरीज मिले थे। इनमें 7027 मरीज सरकारी चिकित्सालयों में आए थे, जबकि 1918 मरीज निजी चिकित्सालयों में या निजी चिकित्सकों के पास आए।
टीबी की सर्वे रिपोर्ट
| उम्र (साल में) | टीबी मरीज |
| 0-14 | 258 |
| 15-24 | 1323 |
| 25-39 | 1323 |
| 40-54 | 1165 |
| 55-69 | 757 |
| 70 से ज्यादा | 231 |
हर मरीज को अब मिलते हैं 500 रुपये
जिला क्षय रोग क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि जांच केबाद जो मरीज टीबी से ग्रसित पाया जाता है, तो उसका इलाज शुरू होने पर निक्षय पोषण योजना के तहत पूर्ण उपचार की अवधि के दौरान सरकार द्वारा 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता मरीज के खाते में स्थानांतरित किया जाता है।
दवाई का सेवन करें
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि नियमित जांच कराने के बाद नियमित दवाएं खाने से बीमारी ठीक हो जाती है।