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Meerut News: दबथुवा में विरासत की भूमि के लिए विवाद, सीएम को भेजी शिकायत

Mon, 22 Sep 2025 07:28 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Sep 2025 07:28 PM IST
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Dispute over heritage land in Dabthuwa, complaint sent to CM
सरधना। गांव दबथुवा में विरासत की भूमि को लेकर पारिवारिक विवाद गहराता जा रहा है। गांव की रहने वाली रूपा पुत्री महकार उर्फ महिपाल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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रूपा का आरोप है कि उनके परिवार की कृषि भूमि पर फर्जी तरीके से वारिस का नाम दर्ज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उनके पिता महकार की मृत्यु लगभग 20 वर्ष पूर्व हो चुकी है। महकार के तीन संतानें थीं दो बेटियां रूपा और पारूल तथा एक बेटा गगन, जिसकी भी 12 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है।
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रूपा के अनुसार, गगन के दो बेटे मयंक और कुणाल हैं। गगन की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी ने दौराला निवासी युवक से दूसरा विवाह कर लिया था और तभी से वह वहीं रह रही है। रूपा का आरोप है कि पुनर्विवाह करने के बावजूद गगन की पत्नी ने लेखपाल की मिलीभगत से पोहल्ली गांव की पैतृक भूमि पर अपना नाम वारिस के रूप में दर्ज करा लिया।
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उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिला ने लगभग 11 वर्ष पूर्व दूसरा विवाह कर लिया तो उसे मृतक की पत्नी मानते हुए भूमि की वारिस कैसे माना गया। रूपा ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच कराने और भाभी का नाम खतौनी से हटाने की मांग की है।

एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने मामले की जांच के लिए नायब तहसीलदार को निर्देशित किया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पिठलोकर में पंचायत की भूमि पर कब्जे की शिकायत
सरधना। तहसील क्षेत्र के गांव पिठलोकर में स्थित पंचायती भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीण ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र भेजा है।
गांव निवासी इदरीश पुत्र अल्लादिया ने जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि गांव में स्थित खत्ता एवं कूड़ा-करकट डालने वाली जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध निर्माण शुरू कर दिया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उसने अवैध कब्जे का विरोध किया तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इदरीश ने जिलाधिकारी से जांच कर अतिक्रमण हटवाने एवं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस भूमि को अतिक्रमण से मुक्त नहीं कराया गया तो भविष्य में पंचायत को सार्वजनिक कार्यों के लिए भूमि नहीं मिल पाएगी।
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