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Meerut News: मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी और सतत विकास पर चर्चा
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मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय के गणेश शंकर विद्यार्थी सुभारती पत्रकारिता व जनसंचार विभाग ने शुक्रवार को मीडिया, सामाजिक उत्तरदायित्व और सतत विकास: एक बहुआयामी दृष्टिकोण विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। अतिथियों का स्वागत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे भेंटकर किया गया।
मुख्य अतिथि उप्र संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह ने कहा कि मीडिया समाज में जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम है। यह सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करता है। जयंती रंगनाथन ने पत्रकारिता में सत्यनिष्ठा व निष्पक्षता को सबसे बड़ी शक्ति बताया। आबिद रजा ने डिजिटल युग में मीडिया के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। ऑनलाइन माध्यम से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार व सिने अभिनेता डॉ. प्रवीण तिवारी ने अपनी फिल्म ‘गोदान’ का उदाहरण देते हुए मीडिया और सिनेमा द्वारा भारतीय संस्कृति व मूल्यों के संरक्षण की बात कही।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने वाली शक्ति है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. शल्या राज ने कहा कि ऐसी राष्ट्रीय संगोष्ठियां विद्यार्थियों को बौद्धिक विकास के साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक बनाती हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. रितेश चौधरी ने सभी का धन्यवाद किया। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. प्रीति सिंह ने किया। संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों के करीब 70 विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से 150 से अधिक शोधार्थी, शिक्षक और मीडिया विशेषज्ञों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से शोधपत्र प्रस्तुत किए।
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मुख्य अतिथि उप्र संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह ने कहा कि मीडिया समाज में जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम है। यह सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करता है। जयंती रंगनाथन ने पत्रकारिता में सत्यनिष्ठा व निष्पक्षता को सबसे बड़ी शक्ति बताया। आबिद रजा ने डिजिटल युग में मीडिया के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। ऑनलाइन माध्यम से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार व सिने अभिनेता डॉ. प्रवीण तिवारी ने अपनी फिल्म ‘गोदान’ का उदाहरण देते हुए मीडिया और सिनेमा द्वारा भारतीय संस्कृति व मूल्यों के संरक्षण की बात कही।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने वाली शक्ति है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. शल्या राज ने कहा कि ऐसी राष्ट्रीय संगोष्ठियां विद्यार्थियों को बौद्धिक विकास के साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक बनाती हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. रितेश चौधरी ने सभी का धन्यवाद किया। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. प्रीति सिंह ने किया। संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों के करीब 70 विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से 150 से अधिक शोधार्थी, शिक्षक और मीडिया विशेषज्ञों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से शोधपत्र प्रस्तुत किए।
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