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देवलोक कालोनी की गत्ता फैक्ट्री में लगी आग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Apr 2018 01:36 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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टीपी नगर थाना क्षेत्र की देवलोक कालोनी में बृहस्पतिवार तड़के एक गत्ता फैक्ट्री में आग लग गई। आग ने विकराल रूप लिया तो आसपास की फैक्ट्रियों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की आधा दर्जन गाड़ियों ने 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया गया है।
देवलोक औद्योगिक क्षेत्र में सम्भुनगर नगर निवासी प्रवीन गुप्ता की मानव सेल्स के नाम से गत्ता फैक्ट्री है। फैक्ट्री में कागज की रद्दी व पुराने गत्ते को काटकर मशीनों के द्वारा बंडल बनाए जाते हैं। बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे अचानक फैक्ट्री में आग लग गई। पास की ही एक फैक्ट्री के गार्ड ने आग को देखा तो शोर मचा दिया। लोगों ने पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी मौके पर पहुंचीं। तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था। आग तेज हुई तो आसपास की फैक्ट्रियों में भी हड़कंप मच गया। सुबह लगी आग पर दमकल विभाग की छह गाड़ियों के शाम पांच बजे तक काबू पाया।
सूचना पर पहुंचे फैक्ट्री मालिक प्रवीन अग्रवाल ने बताया की गोदाम में कागज के सौ से ज्यादा बंडल व गत्ते रखे थे। एक कमरे में पुरानी किताबें, धार्मिक ग्रंथ व अन्य पुराना सामान भी रखा था। जो जल चुका है। कई मशीनें और ट्रैक्टर ट्राली भी जल गये। उन्होंने आग से लाखों का नुकसान होना बताया। एफएसओ मुकेश कुमार ने बताया कि जब आग लगी तो गोदाम बंद था। आग लगने के बहुत देर बाद लोगों पता चला पाया। आग पर 50 गाड़ियों से ज्यादा पानी डाला गया। आग लगने कारण शार्ट सर्किट हो सकता है।
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देवलोक औद्योगिक क्षेत्र में सम्भुनगर नगर निवासी प्रवीन गुप्ता की मानव सेल्स के नाम से गत्ता फैक्ट्री है। फैक्ट्री में कागज की रद्दी व पुराने गत्ते को काटकर मशीनों के द्वारा बंडल बनाए जाते हैं। बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे अचानक फैक्ट्री में आग लग गई। पास की ही एक फैक्ट्री के गार्ड ने आग को देखा तो शोर मचा दिया। लोगों ने पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी मौके पर पहुंचीं। तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था। आग तेज हुई तो आसपास की फैक्ट्रियों में भी हड़कंप मच गया। सुबह लगी आग पर दमकल विभाग की छह गाड़ियों के शाम पांच बजे तक काबू पाया।
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सूचना पर पहुंचे फैक्ट्री मालिक प्रवीन अग्रवाल ने बताया की गोदाम में कागज के सौ से ज्यादा बंडल व गत्ते रखे थे। एक कमरे में पुरानी किताबें, धार्मिक ग्रंथ व अन्य पुराना सामान भी रखा था। जो जल चुका है। कई मशीनें और ट्रैक्टर ट्राली भी जल गये। उन्होंने आग से लाखों का नुकसान होना बताया। एफएसओ मुकेश कुमार ने बताया कि जब आग लगी तो गोदाम बंद था। आग लगने के बहुत देर बाद लोगों पता चला पाया। आग पर 50 गाड़ियों से ज्यादा पानी डाला गया। आग लगने कारण शार्ट सर्किट हो सकता है।
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