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Meerut News: न्यायालय में वाद लंबित, फिर भी जमीन की पैमाइश को पहुंची राजस्व टीम
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- कैली में ग्राम पंचायत की भूमि के बैनामे का मामला, प्रधानाचार्य और ग्रामीणों के विरोध के बाद बिना पैमाइश लौटे अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। कैली गांव में वर्ष 1967 के कथित फर्जी पट्टे से संबंधित ग्राम पंचायत की भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद बैनामा किए जाने का मामला सामने आया है। बुधवार को राजस्व विभाग की टीम भूमि की पैमाइश करने पहुंची, लेकिन प्रधानाचार्य और ग्रामीणों ने न्यायालय में वाद लंबित होने का हवाला देते हुए पैमाइश का विरोध किया। विरोध के बाद टीम बिना पैमाइश किए वापस लौट गई।
ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को दिए शिकायत पत्र में वर्ष 1967 के कथित पट्टे की जांच, वाद संख्या 59/2013 की पत्रावली के रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध नहीं होने की जांच और पत्रावली के पुनर्गठन की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार संबंधित भूमि ग्राम पंचायत की है और वर्तमान में इस पर विद्यालय का खेल मैदान बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भूमि पर कब्जा हो गया तो क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए खेल मैदान का विकल्प समाप्त हो जाएगा।
बुधवार को राजस्व विभाग की टीम भूमि की पैमाइश के लिए मौके पर पहुंची। प्रधानाचार्य विपिन त्यागी और ग्रामीणों ने अधिकारियों को न्यायालय में चल रहे वाद के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों के विरोध और आपत्ति के बाद राजस्व टीम बिना पैमाइश किए लौट गई।
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ग्रामीण ग्राम प्रधान मनीषा देवी, प्रवेश त्यागी, ओमकार त्यागी और जनेश्वर त्यागी ने मंडलायुक्त को दिए शिकायत पत्र में वाद संख्या 59/2013 की पत्रावली रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। कैली गांव में वर्ष 1967 के कथित फर्जी पट्टे से संबंधित ग्राम पंचायत की भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद बैनामा किए जाने का मामला सामने आया है। बुधवार को राजस्व विभाग की टीम भूमि की पैमाइश करने पहुंची, लेकिन प्रधानाचार्य और ग्रामीणों ने न्यायालय में वाद लंबित होने का हवाला देते हुए पैमाइश का विरोध किया। विरोध के बाद टीम बिना पैमाइश किए वापस लौट गई।
ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को दिए शिकायत पत्र में वर्ष 1967 के कथित पट्टे की जांच, वाद संख्या 59/2013 की पत्रावली के रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध नहीं होने की जांच और पत्रावली के पुनर्गठन की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार संबंधित भूमि ग्राम पंचायत की है और वर्तमान में इस पर विद्यालय का खेल मैदान बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भूमि पर कब्जा हो गया तो क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए खेल मैदान का विकल्प समाप्त हो जाएगा।
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बुधवार को राजस्व विभाग की टीम भूमि की पैमाइश के लिए मौके पर पहुंची। प्रधानाचार्य विपिन त्यागी और ग्रामीणों ने अधिकारियों को न्यायालय में चल रहे वाद के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों के विरोध और आपत्ति के बाद राजस्व टीम बिना पैमाइश किए लौट गई।
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ग्रामीण ग्राम प्रधान मनीषा देवी, प्रवेश त्यागी, ओमकार त्यागी और जनेश्वर त्यागी ने मंडलायुक्त को दिए शिकायत पत्र में वाद संख्या 59/2013 की पत्रावली रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया है।