समाज को झकझोरने वाले सौरभ हत्याकांड के बाद मेरठ ही नहीं देश में प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या की कई वारदातें सामने आईं थीं। सौरभ की हत्यारोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार देते समय की गई अदालत की टिप्पणी समाज के लिए संदेश है।
वहीं, सौरभ की मां रेनू और बबलू का भी कहना है कि इस केस का फैसला देश और समाज के लिए नजीर बनेगा। सौरभ के परिजनों का कहना है कि दोनों दोषियों को सजा-ए-मौत (फांसी) की सजा होनी चाहिए।
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मुस्कान और साहिल की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पति-पत्नी के रिश्ते को रक्तरंजित करने वाले सौरभ हत्याकांड के एतिहासिक फैसले के दिन बुधवार सुबह से ही न्यायालय में गहमा-गहमी का माहौल था। सुबह जानकारी मिली कि इस केस का फैसला लंच के बाद सुनाया जाएगा।
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साहिल और मुस्कान को डीजी कोर्ट में सजा सुनाने के दौरान तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके दोपहर ढाई बजे और फिर बाद में बताया गया कि शाम को साढ़े चार बजे फैसला सुनाया जा सकता है। इससे पता चलता है कि जिला जज इस फैसले को लेकर काफी गंभीर थे और मंथन कर रहे थे। शाम लगभग साढ़े चार बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये जिला कारागार से मुस्कान और साहिल पेश हो गए थे।
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मुस्कान और साहिल की फाइल फोटो
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जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा शाम 4:51 मिनट पर न्यायालय में अपनी सीट पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस पर कहा साहिल शुक्ला...आवाज सुनाई दे रही है। हाथ उठाओ। मुस्कान रस्तोगी आपको क्या सजा मिलनी चाहिए। आपको कुछ कहना है।
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मुस्कान और साहिल की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुस्कान ने कहा उसे कुछ नहीं बोलना। जिला जज ने कहा कि हमने जो करना था कर दिया। इसके बाद उन्होंने सख्त टिप्पणी करते हुए मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया। सजा 15 दिन बाद सुनाई जाएगी। यह सब महज तीन मिनट में हो गया।