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नीला ड्रम कांड: 54 दिन में चार्जशीट, खुलासे के 560 दिन बाद दोषी; चश्मदीद न होने की दलील पर भारी पड़ी ये कड़ी

Thu, 01 Oct 2026 08:53 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 01 Oct 2026 08:53 PM IST
सार

मेरठ के सौरभ हत्याकांड में चश्मदीद न होने की दलील पर परिस्थितिजन्य साक्ष्यों-गवाहों की कड़ी भारी पड़ी। अभियोजन के गवाहों से बचाव पक्ष के वकील ने जिरह में कई सवाल पूछे थे। सौरभ हत्याकांड में 54 दिन में चार्जशीट दाखिल हुई थी। खुलासे के 560 दिन बाद आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दिया है।

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Meerut Saurabh Murder Case circumstantial evidence and witnesses outweighed argument of no eyewitnesses
meerut murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मेरठ के सौरभ राजपूत की हत्या का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था। ऐसे में इस केस को न्यायालय में साबित करना आसान नहीं था। पुलिस की जांच और जुटाए गए परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों अटूट कड़ियों को अभियोजन पक्ष ने पेश किया।


उनकी दलील बचाव पक्ष की चश्मदीद न होने व अन्य दलीलों पर भारी पड़ीं। खुलासे की बात करें तो पुलिस ने 54 दिन बाद आरोप पत्र दाखिल किया। लगभग 125 तारीखें लगीं। 22 गवाहों ने बयान दर्ज कराए। 560 दिन बाद दोनों को दोषी करार दिया।
 
Meerut Saurabh Murder Case circumstantial evidence and witnesses outweighed argument of no eyewitnesses
मुस्कान और साहिल की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैब चालक अजब सिंह ने बयान दिया कि वारदात को अंजाम देने के बाद मुस्कान और साहिल ने हिमाचल प्रदेश घूमने जाने के लिए ट्रैवल एजेंसी से चार मार्च 2025 को कैब बुक की थी। सफर के दौरान मुस्कान और साहिल सामान्य तरीके से बातें कर रहे थे। 
Meerut Saurabh Murder Case circumstantial evidence and witnesses outweighed argument of no eyewitnesses
डीजी कोर्ट में सजा सुनाने के बाद कोर्ट से बाहर आते अधिवक्ता - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनके चेहरे पर इतनी जघन्य वारदात को अंजाम देने का कोई डर या पछतावा नहीं था। वह होटल में चले जाते थे और चालक खाना खाकर कैब में सो जाता था।
 
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Meerut Saurabh Murder Case circumstantial evidence and witnesses outweighed argument of no eyewitnesses
साहिल और मुस्कान को डीजी कोर्ट में सजा सुनाने के दौरान तैनात पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली, शिमला और कसौल के होटल के मैनेजरों ने सीसीटीवी फुटेज, रजिस्टर एंट्री आदि मुहैया कराते हुए पुष्टि की कि वह वारदात के बाद उनके होटल में ठहरे थे। उस दौरान दोनों के डांस करते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। 
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Meerut Saurabh Murder Case circumstantial evidence and witnesses outweighed argument of no eyewitnesses
कोर्ट से बाहर आकर मीडिया को जानकारी देती मृतक सौरभ की मां व साथ में भाई - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जांच अधिकारी (विवेचक) ने अदालत में मेडिकल स्टोर संचालक, ड्रम व सीमेंट विक्रेता के बयान लेकर उनकी कोर्ट में भी गवाही कराई। टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनियों के नोडल अधिकारियों ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) और टावर लोकेशन रिपोर्ट पेश करते हुए गवाही दी। 
 
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