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Meerut News: गन्ना किसानों के बकाया भुगतान पर ब्याज की मांग
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रोहटा। गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश की विभिन्न सहकारी गन्ना विकास समितियां के अध्यक
- 500 रुपये क्विंटल रेट की उठी आवाज, लखनऊ में गन्ना आयुक्त से मिला प्रतिनिधिमंडल
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश की विभिन्न सहकारी गन्ना विकास समितियों के अध्यक्षों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बिजेंद्र प्रमुख के नेतृत्व में लखनऊ में गन्ना आयुक्त से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ जल्द दिलाने और आगामी पेराई सत्र में गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की। किसानों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश की कुछ चीनी मिलों पर पिछले पेराई सत्र का अरबों रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। ऐसी मिलों को चिह्नित कर किसानों को 15 प्रतिशत ब्याज समेत भुगतान कराया जाए। समय पर भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों का गन्ना क्षेत्रफल कम कर समय से भुगतान करने वाली मिलों को आवंटित किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने सभी चीनी मिलों को हर हाल में 15 अक्तूबर तक चालू कराने की मांग की। साथ ही गन्ना संरक्षण बैठक से पहले समितियों की बोर्ड बैठक कर प्रस्ताव पारित कराने और संरक्षण बैठक में किसान प्रतिनिधियों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनने के बाद ही गन्ना संरक्षण आदेश जारी करने की बात कही। चेतावनी दी कि किसानों की समस्याएं सुने बिना अधिकारियों ने पिछले वर्षों की तरह एकतरफा संरक्षण आदेश जारी किए तो किसान प्रतिनिधि इसका विरोध करेंगे।
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प्रतिनिधिमंडल ने कुछ गन्ना समितियों में कर्मचारियों द्वारा करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगाते हुए रकम वसूली की मांग की। चीनी मिलों से किसानों को निशुल्क प्रेसमड और कीटनाशकों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिलाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गन्ने की कई प्रमुख प्रजातियां रोगग्रस्त हो चुकी हैं। रोगों की रोकथाम में किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि उत्पादन घट रहा है। गन्ना संस्थान से रोगमुक्त प्रजातियों का बीज किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जाए। गन्ना समितियों को पूर्व की तरह किसानों की चकरोड पर खड़ंजा निर्माण कराने की सुविधा बहाल करने की मांग की। साथ ही चीनी मिलों में गन्ना ढुलाई करने वाले वाहनों का कॉमर्शियल पंजीकरण, बीमा और आरटीओ से फिटनेस अनिवार्य कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में दीपक राणा मोहिउद्दीनपुर, राजन कुमार, विनोद भाटी, हिमांशु प्रताप, अरविंद सिंह, शंकर सिंह, सिद्धांत, वेदप्रकाश, वीरेंद्र प्रताप चौहान, रवि प्रकाश सिंह, वीरेंद्र तिवारी, राजू सिंह, नितिन दीक्षित, अशोक अवस्थी और त्रिवेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश की विभिन्न सहकारी गन्ना विकास समितियों के अध्यक्षों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बिजेंद्र प्रमुख के नेतृत्व में लखनऊ में गन्ना आयुक्त से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ जल्द दिलाने और आगामी पेराई सत्र में गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की। किसानों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश की कुछ चीनी मिलों पर पिछले पेराई सत्र का अरबों रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। ऐसी मिलों को चिह्नित कर किसानों को 15 प्रतिशत ब्याज समेत भुगतान कराया जाए। समय पर भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों का गन्ना क्षेत्रफल कम कर समय से भुगतान करने वाली मिलों को आवंटित किया जाए।
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प्रतिनिधिमंडल ने सभी चीनी मिलों को हर हाल में 15 अक्तूबर तक चालू कराने की मांग की। साथ ही गन्ना संरक्षण बैठक से पहले समितियों की बोर्ड बैठक कर प्रस्ताव पारित कराने और संरक्षण बैठक में किसान प्रतिनिधियों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनने के बाद ही गन्ना संरक्षण आदेश जारी करने की बात कही। चेतावनी दी कि किसानों की समस्याएं सुने बिना अधिकारियों ने पिछले वर्षों की तरह एकतरफा संरक्षण आदेश जारी किए तो किसान प्रतिनिधि इसका विरोध करेंगे।
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प्रतिनिधिमंडल ने कुछ गन्ना समितियों में कर्मचारियों द्वारा करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगाते हुए रकम वसूली की मांग की। चीनी मिलों से किसानों को निशुल्क प्रेसमड और कीटनाशकों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिलाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गन्ने की कई प्रमुख प्रजातियां रोगग्रस्त हो चुकी हैं। रोगों की रोकथाम में किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि उत्पादन घट रहा है। गन्ना संस्थान से रोगमुक्त प्रजातियों का बीज किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जाए। गन्ना समितियों को पूर्व की तरह किसानों की चकरोड पर खड़ंजा निर्माण कराने की सुविधा बहाल करने की मांग की। साथ ही चीनी मिलों में गन्ना ढुलाई करने वाले वाहनों का कॉमर्शियल पंजीकरण, बीमा और आरटीओ से फिटनेस अनिवार्य कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में दीपक राणा मोहिउद्दीनपुर, राजन कुमार, विनोद भाटी, हिमांशु प्रताप, अरविंद सिंह, शंकर सिंह, सिद्धांत, वेदप्रकाश, वीरेंद्र प्रताप चौहान, रवि प्रकाश सिंह, वीरेंद्र तिवारी, राजू सिंह, नितिन दीक्षित, अशोक अवस्थी और त्रिवेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।