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दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे : गांव-गांव जाकर किसानों ने महापंचायत के लिए मांगा समर्थन
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दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे : गांव-गांव जाकर किसानों ने महापंचायत के लिए मांगा समर्थन
मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को लेकर आयोजित होने वाली महापंचायत में शामिल होने के लिए किसानों ने गांव-गांव जाकर अधिक से अधिक लोगों से महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया है। किसानों ने डासना से मेरठ तक अलग-अलग ग्रुप में 19 गांवों में जाकर जनसमर्थन मांगा। वहीं, रालोद अध्यक्ष अजित सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिख एक समान मुआवजे का समर्थन किया है।
अजित सिंह ने पत्र में लिखा है कि डासना देहात और कल्लूगढ़ी के किसानों को 8500 रुपये प्रतिवर्ग मीटर का भुगतान किया गया है। वहीं, भोजपुर जैसे विकसित गांव को 4500 रुपये प्रतिवर्ग मीटर और अन्य गांवों के किसानों को तीन हजार रुपये प्रतिवर्ग मीटर की दर से प्रतिकर का भुगतान किया गया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देेते हुए लिखा है कि एक परियोजना के लिए एक समान प्रतिकर का भुगतान करने का प्रावधान है। वहीं, उन्होंने लिखा है कि गाजियाबाद में ही विभिन्न परियोजनओं के लिए एक समान प्रतिकर का भुगतान किया गया है। किसान नेता सतीश राठी ने बताया कि मेरठ से लेकर डासना तक 24 जुलाई से एक्सप्रेस-वे का एक भी कार्य नहीं होने दिया जाएगा। किसानों के साथ प्रशासन और सरकार ने धोखा किया है।
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मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को लेकर आयोजित होने वाली महापंचायत में शामिल होने के लिए किसानों ने गांव-गांव जाकर अधिक से अधिक लोगों से महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया है। किसानों ने डासना से मेरठ तक अलग-अलग ग्रुप में 19 गांवों में जाकर जनसमर्थन मांगा। वहीं, रालोद अध्यक्ष अजित सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिख एक समान मुआवजे का समर्थन किया है।
अजित सिंह ने पत्र में लिखा है कि डासना देहात और कल्लूगढ़ी के किसानों को 8500 रुपये प्रतिवर्ग मीटर का भुगतान किया गया है। वहीं, भोजपुर जैसे विकसित गांव को 4500 रुपये प्रतिवर्ग मीटर और अन्य गांवों के किसानों को तीन हजार रुपये प्रतिवर्ग मीटर की दर से प्रतिकर का भुगतान किया गया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देेते हुए लिखा है कि एक परियोजना के लिए एक समान प्रतिकर का भुगतान करने का प्रावधान है। वहीं, उन्होंने लिखा है कि गाजियाबाद में ही विभिन्न परियोजनओं के लिए एक समान प्रतिकर का भुगतान किया गया है। किसान नेता सतीश राठी ने बताया कि मेरठ से लेकर डासना तक 24 जुलाई से एक्सप्रेस-वे का एक भी कार्य नहीं होने दिया जाएगा। किसानों के साथ प्रशासन और सरकार ने धोखा किया है।
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