फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Daroga beaten case latest news video-statements making tough of Investigations for meerut police

दरोगा पिटाई मामला: वीडियो-बयानों में उलझी जांच, महिला के ससुराल वालों ने जताया जान का खतरा

Thu, 25 Oct 2018 12:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 25 Oct 2018 12:52 PM IST
विज्ञापन
Daroga beaten case latest news video-statements making tough of Investigations for meerut police
meerut news - फोटो : meerut news
होटल ब्लैक पेपर प्रकरण को लेकर छह दिन से मेरठ शहर में बखेड़ा चल रहा है। कोई दरोगा और महिला वकील तो कोई भाजपा पार्षद के पक्ष में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर रहा है। भाजपा व पुलिस की बयानबाजी छह दिन से लगातार चल रही हैं। खाकी और खादी के दबाव में इस प्रकरण की कार्रवाई तमाशा बनी हुई है। 
विज्ञापन


सत्ताधारी भाजपा व व्यापारी नेता वर्दीधारी दरोगा सुखपाल पंवार को थप्पड़ मारने वाले पार्षद मनीष पंवार की पैरवी में उतरे हैं। जबकि दरोगा और महिला वकील के पक्ष में पुलिस महकमा लगा हुआ है। इसको लेकर सोशल साइट पर खूब बहस चल रही है। होटल में दरोगा पीड़ित महिला वकील की विवेचना कैसी कर रहे हैं, इसकी पोल सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ने खोली है। 
विज्ञापन


दरोगा व महिला वकील के पक्ष में विपक्षी दल कांग्रेेस, रालोद और छात्रनेता लगे हैं। रोजाना एसएसपी ऑफिस मेें दोनों पक्ष के लोग हंगामा करने जाते हैं। जबकि पुलिस की जांच एक कदम आगे नहीं चली। दरोगा को थप्पड़ मारने और डकैती के मामले में पार्षद को घटना से अगले दिन जेल भेज दिया था। उसके बाद पुलिस ने कोई भी जांच नहीं की। होटल में कौन कौन थे और क्या गुंडागर्दी हुई? सोशल साइट पर वायरल हो रही वीडियो देखकर पुलिस बयानबाजी कर रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

कंकरखेड़ा क्षेत्र में होटल ब्लैक पेपर मालिक, भाजपा पार्षद द्वारा मारपीट के मामले में दरोगा की तरफ से दर्ज कराए मुकदमे में  डकैती की धारा हटाने के लिए  सीजेएम अभय प्रकाश नारायण ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। केस के आईओ ने अदालत में इसे लेकर अर्जी दी थी। जेल में बंद पार्षद को कोर्ट में तलब किया गया था। 

होटल मामले में दो मुकदमे दर्ज कराये गये थे। एक मुकदमा दरोगा सुखपाल की तरफ से दर्ज कराया गया था जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस ने जांच के दौरान सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी कि अब तक की विवेचना में धारा 395 आईपीसी के तहत अपराध होना नहीं पाया गया है। इसलिये पार्षद के वारंट पर लगाई गई धाराओं में 395 आईपीसी को हटा दिया जाए। बुधवार को इस पर सीजेएम कोर्ट में सुनवाई की गई। 

महिला अधिवक्ता की तरफ से अधिवक्ता संजीव गुर्जर ने तर्क रखा कि पुलिस ने धारा गलत हटाई है जिसका पार्षद की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अमित दीक्षित ने विरोध किया और तर्क दिया कि इनका इस मुकदमे से कोई वास्ता नहीं है और इनका मुकदमा अलग दर्ज है।

मकुमार शर्मा ने दरोगा का पक्ष रखा तथा कहा कि धारा नहीं हटाई जानी चाहिए। जिसका विरोध भी अधिवक्ता अमित दीक्षित द्वारा किया गया कि दरोगा न्यायालय में उपस्थित नहीं है, और न ही उनकी तरफ से कोई अनुमति पत्र आदि दाखिल किए गए हैं। दरोगा एक सरकारी कर्मचारी है। इसके बाद सीजेएम ने अभियोजन अधिकारी सहित सभी के तर्क सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। 

Daroga beaten case latest news video-statements making tough of Investigations for meerut police
meerut news - फोटो : meerut news

एसएसपी ऑफिस पर हंगामा 
सीसीएसयू, मेरठ कॉलेज, डीएन कॉलेज व अन्य कॉलेज के छात्रनेता और कांग्रेस सेवादल ने दरोगा पक्ष में एसएसपी ऑफिस में हंगामा किया। उन्होंने कहा है कि वह बंद के विरोध में हैं। दरोगा की पीटा और वीडियो बनाकर वायरल की। वहीं, पार्षद के पक्ष में भाजपाई और व्यापारी एडीजी ऑफिस में पहुंचा। पुलिस सबको आश्वासन देने में लगी है। तमाशा देख रही कि इस मामले में दोनों पक्ष के कौन लोग आगे आ रहे हैं। 
 
महिला वकील के ससुराल वालों ने बताया खतरा
महिला वकील के ससुराल वाले बुधवार को गाजियाबाद से मेरठ पहुंचे। एडीजी मेरठ जोन को महिला के खिलाफ शिकायती पत्र दिया। आरोप लगाया कि दरोगा सुखपाल कई बार महिला के साथ गाजियाबाद आए। धमकी देकर पैसे भी मांगे। दरोगा केस की कैसी विवेचना कर रहे है। एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। महिला वकील का पति, सास-ससुर और देवर गाजियाबाद में रहते है।

एडीजी के सामने ससुराल वालों ने कहा कि उनको अपनी पुत्रवधू से खतरा है। शादी के बाद से वह पैसे और मकान की डिमांड करने लगी थी। गाली गलौज करना उसकी आदत बनी हुई है। महिला वकील उनके साथ कुछ भी कर सकती है। होटल प्रकरण का भी उन्होंने हवाला दिया। जिस पर एडीजी ने कहा कि आपका मामला दूसरा है और होटल प्रकरण अलग ह्रै। निष्पक्ष जांच कर्राई जाएगी। 

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
होटल प्रकरण में 18 वीडियो वायरल हुई। जिसमें होटल मालिक की गलती के अलावा भी दरोगा पर सवाल उठने लाजिमी हैं। लेकिन पुलिस अधिकारी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। जिससे भाजपा और व्यापारियों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर आक्रोश है।

अब क्या कहेगी पुलिस
महिला वकील का हंगामा सोेशल साइट पर खूब वायरल हो रहा है। इसके बाद भाजपा नेताओं ने पुलिस के अधिकारियों को फोन करके कहा कि अब खुद देख लो। पुलिस को अब किस सुबूत की जरूरत हैं। 

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed