खतरनाक: मेरठ शहर में 21 ब्लैक स्पॉट, तीन महीने में 150 लोगों की मौत, इन स्थानों पर है बड़ा खतरा
मेरठ शहर में 21 ब्लैक स्पॉट पर मौत मंडरा रही है। मुख्य सड़कों और हाईवे की इन खतरनाक जगहों पर तीन महीने में 150 लोगों की जान जा चुकी है। ठंड और कोहरे में जोखिम और बढ़ गया है। पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के लिए प्लान बनाया है। आप भी इन इलाकों से जरा संभलकर निकलें...
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विस्तार
छह तारीख को जिटौली कट पर दो बुलेट सवार युवकों की भी बाईपास पर ही जिटौली के पास हादसे में मौत हो गई। बाईपास के खिर्वा कट पर 14 नवंबर को तीन युवकों की दर्दनाक मौत हुई। यातायात पुलिस का रिकार्ड बताता है कि हर महीने मेरठ में सड़क हादसों में औसतन 50 लोगों की जान जा रही है। जैसे-जैसे ठंड, स्मॉग और कोहरा बढ़ रहा है सड़कों के ब्लैक स्पॉट और खतरनाक हो रहे हैं। एनएचएआई, ट्रैफिक पुलिस और लोक निर्माण विभाग अपनी सड़कों के ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए गंभीर नहीं हैं।
क्या है ब्लैक स्पॉट
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे : काशी टोल प्लाजा, इंटरचेंज का मोड़
दिल्ली रोड: रिठानी पीर, परतापुर तिराहा, भूड़बराल, मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल।
एनएच-58 बाईपास: खडौली तिराहा, दायमपुर कट, डाबका कट, जटौली कट, रुहासा कट, वलीदपुर कट, सुभारती विवि के पास कट, बागपत बाईपास कट।
एनएच-119: शहर में सेना की गौशाला के सामने, झुनझुनी मोड़।
एनएच-235: नौ गजा पीर, बिजौली रोड।
किला रोड: यादगारपुर।
गढ़ रोड: दतावली के सामने।
बागपत रोड: खिवाई मोड़।
अवैध कट बने मुसीबत
स्पीड ब्रेक न होना, मानक के विरुद्ध हाईवे पर कट होना, यातायात नियमों का पालन न करना, दोपहिया वाहन पर हेल्मेट न लगाना, कार में चालक के द्वारा सीट बेल्ट न लगाना हादसों के बड़े कारणों में है।
कोहरे से पहले बनाएंगे यह व्यवस्था
कमिश्नर, डीएम, आईजी, एसएसपी, एसपी ट्रैफिक मीटिंग करके ब्लैक स्पॉट पर मंथन कर चुके है। सीओ ट्रैफिक अमित कुमार राय ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस का मकसद है कि जिले में कोई ब्लैक स्पॉट न हो। कोहरे में हादसे ज्यादा होते है, जिसके चलते यातायात पुलिस ब्लैक स्पॉट पर जाकर स्थिति का जायजा ले रही है। जहां ये ब्लैक स्पॉट है, वहां के संबंधित थाना पुलिस को अवगत कराया है।
1. ब्लैक स्पॉट पर रिफलेक्टर लगवाएंगे।
2. जिस मोड़ या कट पर हादसे होते है, वहां पर धीरे चलें, अंधा मोड़ या दुर्घटना से सावधान जैसे बोर्ड लगाएंगे।
3. जहां-जहां हाईवे पर ब्लैक स्पॉट है, वहां स्पीड ब्रेकर या बैरियर लगाने का काम यातायात पुलिस करेंगी।
4. कई मोड़ ऐसे है, जहां पर आमने सामने वाहन आने से अक्सर हादसे होते है। वहां पर डिवाइडर बनवाएंगे।
5. लोगों को जागरूक करने के लिये हेल्मेट, सीट बेल्ट लगाकर ड्राइविंग करने और यातायात के नियमों के पालन करने के साइन बोर्ड हाईवे पर और लगाएंगे।