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पूरा महिला थाना क्लीन बोल्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 26 Aug 2015 01:48 AM IST
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कप्तान ने मंगलवार को पूरा महिला थाना ही क्लीन बोल्ड कर दिया। एसओ और सीओ समेत 13 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से थाने से हटा दिया गया। हालांकि बाद में एसओ रश्मि चौधरी को इसी थाने में सेकेंड अफसर (एसएसआई) बना दिया गया।
दो पुरुष दरोगा, तीन एचसीपी और छह सिपाहियों को जिले के दूसरे थानों में भेजा गया है। हापुड़ से आईं इंस्पेक्टर नरगिस खान को महिला थाने का चार्ज दिया गया है जबकि अब्दुल कादिर को सीओ महिला थाना बनाया गया है। एसएसपी ने महज एक सप्ताह में ही यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की है।
इससे पहले वे लूट के मामले में इस्लामाबाद चौकी को लाइन हाजिर कर चुके हैं। एसएसपी डीसी दूबे मंगलवार दोपहर अपने ऑफिस से अचानक महिला थाने आ धमके थे। उन्होंने थाने पहुंचते ही एसपी क्राइम, सीओ महिला थाना, अपने स्टेनो और पेशकार को भी वहीं बुला लिया। औचक निरीक्षण करते हुए उन्होंने एसओ महिला थाना के अलावा मुंशी, हेड मोहर्रिर और अन्य पुलिसकर्मियों पर घूसखोरी का आरोप लगाकर फटकारना शुरू कर दिया।
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उन्होंने महिला थाने को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए सभी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने की बात कह दी। एसएसपी का गुस्सा देखकर थाने में अफरातफरी मच गई। एसओ और दरोगाओं को एसएसपी ने एक लाइन में खड़ा कर दिया। महिला थाने में लोगों की भीड़ लगने और अनियमितताओं का कारण पूछते हुए एसएसपी ने एसओ से जवाब-तलब शुरू कर दिया।
एसओ के बाद एसएसपी ने सीओ वंदना मिश्रा से रोजाना महिला थाने न आने पर भी नाराजगी जताई। एसएसपी ने थाना परिसर में ही अपने स्टेनो और पेशकार को एसओ और सीओ के अलावा 11 पुलिसकर्मियों को हटाने का आदेश टाइप करने के निर्देश दे दिए। कुछ ही देर में आदेश एसएसपी के हाथ में आ गया और उन्होंने मुंशी की कुर्सी पर बैठकर आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए।
एसएसआई बनाया, जांच भी बैठाई
एसएसपी का कहना है कि थाने में भ्रष्टाचार फैलाने वाले दरोगा और कांस्टेबलों को हटाकर दूसरे थानों में भेजा गया है। रश्मि चौधरी से एसओ का चार्ज वापस लेते हुए उन्हें इसी थाने का एसएसआई बनाया गया है। उनके खिलाफ जो शिकायतें मिली हैं, उनकी जांच एसपी क्राइम को सौंपी गई है। इनके अलावा अन्य पांच पुलिसकर्मियों पर भी तलवार लटकी हुई है।
किसे कहां भेजा
महिला थाने से दरोगा हरपाल सिंह को फलावदा, दरोगा कुंवरपाल सिंह को भावनपुर, हेड कांस्टेबल सुखबीर को मुंडाली, सत्यवीर सिंह को खरखौदा, कुशलपाल सिंह को बहसूमा में भेजा गया। वहीं, कांस्टेबल राजेश कुमार को फलावदा, ब्रिजेश को सीओ सदर देहात ऑफिस, रामकुमार को मुंडाली, बिशनपाल को हस्तिनापुर, धर्मपाल को परीक्षितगढ़ और कमरपाल को भावनपुर भेजा गया है।
इनकी हुई आमद
दरोगा रेनू सक्सेना पुलिस लाइन से, बबीता चौधरी लिसाड़ी गेट से और रानी चौहान को सिविल लाइन से महिला थाने में भेजा गया। वहीं, कांस्टेबल बीना फलावदा से, मीनू गौतम सिविल लाइन से, बबीता रेलवे रोड से, ममता कंकरखेड़ा से, राधा रानी नौचंदी से और नीलम को पुलिस लाइन से महिला थाने भेजा गया।
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दो पुरुष दरोगा, तीन एचसीपी और छह सिपाहियों को जिले के दूसरे थानों में भेजा गया है। हापुड़ से आईं इंस्पेक्टर नरगिस खान को महिला थाने का चार्ज दिया गया है जबकि अब्दुल कादिर को सीओ महिला थाना बनाया गया है। एसएसपी ने महज एक सप्ताह में ही यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की है।
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इससे पहले वे लूट के मामले में इस्लामाबाद चौकी को लाइन हाजिर कर चुके हैं। एसएसपी डीसी दूबे मंगलवार दोपहर अपने ऑफिस से अचानक महिला थाने आ धमके थे। उन्होंने थाने पहुंचते ही एसपी क्राइम, सीओ महिला थाना, अपने स्टेनो और पेशकार को भी वहीं बुला लिया। औचक निरीक्षण करते हुए उन्होंने एसओ महिला थाना के अलावा मुंशी, हेड मोहर्रिर और अन्य पुलिसकर्मियों पर घूसखोरी का आरोप लगाकर फटकारना शुरू कर दिया।
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उन्होंने महिला थाने को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए सभी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने की बात कह दी। एसएसपी का गुस्सा देखकर थाने में अफरातफरी मच गई। एसओ और दरोगाओं को एसएसपी ने एक लाइन में खड़ा कर दिया। महिला थाने में लोगों की भीड़ लगने और अनियमितताओं का कारण पूछते हुए एसएसपी ने एसओ से जवाब-तलब शुरू कर दिया।
एसओ के बाद एसएसपी ने सीओ वंदना मिश्रा से रोजाना महिला थाने न आने पर भी नाराजगी जताई। एसएसपी ने थाना परिसर में ही अपने स्टेनो और पेशकार को एसओ और सीओ के अलावा 11 पुलिसकर्मियों को हटाने का आदेश टाइप करने के निर्देश दे दिए। कुछ ही देर में आदेश एसएसपी के हाथ में आ गया और उन्होंने मुंशी की कुर्सी पर बैठकर आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए।
एसएसआई बनाया, जांच भी बैठाई
एसएसपी का कहना है कि थाने में भ्रष्टाचार फैलाने वाले दरोगा और कांस्टेबलों को हटाकर दूसरे थानों में भेजा गया है। रश्मि चौधरी से एसओ का चार्ज वापस लेते हुए उन्हें इसी थाने का एसएसआई बनाया गया है। उनके खिलाफ जो शिकायतें मिली हैं, उनकी जांच एसपी क्राइम को सौंपी गई है। इनके अलावा अन्य पांच पुलिसकर्मियों पर भी तलवार लटकी हुई है।
किसे कहां भेजा
महिला थाने से दरोगा हरपाल सिंह को फलावदा, दरोगा कुंवरपाल सिंह को भावनपुर, हेड कांस्टेबल सुखबीर को मुंडाली, सत्यवीर सिंह को खरखौदा, कुशलपाल सिंह को बहसूमा में भेजा गया। वहीं, कांस्टेबल राजेश कुमार को फलावदा, ब्रिजेश को सीओ सदर देहात ऑफिस, रामकुमार को मुंडाली, बिशनपाल को हस्तिनापुर, धर्मपाल को परीक्षितगढ़ और कमरपाल को भावनपुर भेजा गया है।
इनकी हुई आमद
दरोगा रेनू सक्सेना पुलिस लाइन से, बबीता चौधरी लिसाड़ी गेट से और रानी चौहान को सिविल लाइन से महिला थाने में भेजा गया। वहीं, कांस्टेबल बीना फलावदा से, मीनू गौतम सिविल लाइन से, बबीता रेलवे रोड से, ममता कंकरखेड़ा से, राधा रानी नौचंदी से और नीलम को पुलिस लाइन से महिला थाने भेजा गया।