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सरोगेट महिला की तलाश में ऋषिकेश से आई महिला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Apr 2017 02:54 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सरोगेट मां और अपने वंश की तलाश का गजब किस्सा शुक्रवार को खरखौदा थाने में देखने को मिला। एक महिला पुलिस लेकर ऋषिकेश से खरखौदा थाने पहुंच गई। बताया कि उस सरोगेट मां को दो जुड़वा बच्चे हुए थे। एक बच्चा तो हमें मिल गया था। लेकिन दूसरा बच्चा उसने मरा बताकर किसी और को बेच दे दिया है। खरखौदा और ऋषिकेश पुलिस ने सरोगेट मां की तलाश में लोहियानगर में दबिश दी। लेकिन सुराग नहीं लगा।
पुलिस के अनुसार ऋषिकेश निवासी रंजना रावत की शादी विजय वर्धन से 15 साल पहले हुई थी। सन 2014 में रंजना अपना इलाज कराने मेरठ में एक महिला चिकित्सक के पास आयी थी। रंजना ने परिवार की सहमति से महिला डॉक्टर से सरोगेट मां (किराए की कोख) दिलवाने की बात कही। महिला डॉक्टर ने रंजना की मुलाकात टीपी नगर निवासी एक महिला से कराई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद वह महिला अपनी कोख किराए पर देने को तैयार हो गई थी।
बताया गया कि उस सरोगेट मां ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। जिसमें एक बच्चे को मरा हुआ पैदा होना बताया। जबकि दूसरे बच्चे को रंजना ले गई थी। करीब छह माह पहले रंजना को पता चला कि दूसरा बच्चा जीवित है, जिसे सरोगेट मां ने बेच दिया है। पति का दूसरा बच्चा हासिल करने के लिए रंजना पहले महिला डॉक्टर से मिली और फिर उस सेरोगेट मां को तलाशा। आसपास पूछताछ में पता चला कि वह महिला टीपीनगर से खरखौदा के लोहियानगर में किराए के मकान में जाकर रहने लगी है।
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15 दिन पहले भी आई थी
तत्कालीन इंस्पेक्टर खरखौदा मनीष सक्सेना ने बताया कि रंजना 15 दिन पहले भी थाने पर आई थी। मैंने रंजना को टीपीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराने की सलाह दी थी। शुक्रवार को रंजना ऋषिकेश कोतवाली के दरोगा रियाज अहमद, कांस्टेबल राधेश्याम व महिला कांस्टेबल कविता के साथ खरखौदा थाने पहुंची। जिसके बाद खरखौदा और ऋषिकेश पुलिस ने लोहियानगर में सरोगेट मां की तलाश में कई जगहों पर दबिश दी। लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
‘हमारा वंश दिलवा दो’
रंजना ने कहा कि मेरे पति का दूसरा बच्चा जीवित है, जिसे उस सरोगेट मां ने पैसा लेकर बेच दिया है। हमारा सरोगेट महिला से कोई विवाद नहीं, हमें तो सिर्फ हमारा वंश चाहिए। मैंने एसएसपी मेरठ से भी शिकायत की थी। अधिवक्ताओं की सलाह लेकर ऋषिकेश थाने में केस कराया और फिर सरोगेट बनी महिला की तलाश शुरू की।
कौन होती है सरोगेट महिला
यदि कोई महिला गर्भाश्य में संक्रमण के कारण मातृत्व के अहसास से वंचित हो जाती है तो उसके लिए सरोगेसी चिकित्सा बेहतरीन विकल्प माना जाता है। इसके तहत किसी दूसरी महिला की कोख दोनों पक्षों की सहमति से किराए पर ली जाती है। जिसे सरोगेट मदर कहा जाता है। संतान सुख के इच्छुक दंपति में से पिता के शुक्राणुओं को लिया जाता है।
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पुलिस के अनुसार ऋषिकेश निवासी रंजना रावत की शादी विजय वर्धन से 15 साल पहले हुई थी। सन 2014 में रंजना अपना इलाज कराने मेरठ में एक महिला चिकित्सक के पास आयी थी। रंजना ने परिवार की सहमति से महिला डॉक्टर से सरोगेट मां (किराए की कोख) दिलवाने की बात कही। महिला डॉक्टर ने रंजना की मुलाकात टीपी नगर निवासी एक महिला से कराई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद वह महिला अपनी कोख किराए पर देने को तैयार हो गई थी।
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बताया गया कि उस सरोगेट मां ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। जिसमें एक बच्चे को मरा हुआ पैदा होना बताया। जबकि दूसरे बच्चे को रंजना ले गई थी। करीब छह माह पहले रंजना को पता चला कि दूसरा बच्चा जीवित है, जिसे सरोगेट मां ने बेच दिया है। पति का दूसरा बच्चा हासिल करने के लिए रंजना पहले महिला डॉक्टर से मिली और फिर उस सेरोगेट मां को तलाशा। आसपास पूछताछ में पता चला कि वह महिला टीपीनगर से खरखौदा के लोहियानगर में किराए के मकान में जाकर रहने लगी है।
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15 दिन पहले भी आई थी
तत्कालीन इंस्पेक्टर खरखौदा मनीष सक्सेना ने बताया कि रंजना 15 दिन पहले भी थाने पर आई थी। मैंने रंजना को टीपीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराने की सलाह दी थी। शुक्रवार को रंजना ऋषिकेश कोतवाली के दरोगा रियाज अहमद, कांस्टेबल राधेश्याम व महिला कांस्टेबल कविता के साथ खरखौदा थाने पहुंची। जिसके बाद खरखौदा और ऋषिकेश पुलिस ने लोहियानगर में सरोगेट मां की तलाश में कई जगहों पर दबिश दी। लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
‘हमारा वंश दिलवा दो’
रंजना ने कहा कि मेरे पति का दूसरा बच्चा जीवित है, जिसे उस सरोगेट मां ने पैसा लेकर बेच दिया है। हमारा सरोगेट महिला से कोई विवाद नहीं, हमें तो सिर्फ हमारा वंश चाहिए। मैंने एसएसपी मेरठ से भी शिकायत की थी। अधिवक्ताओं की सलाह लेकर ऋषिकेश थाने में केस कराया और फिर सरोगेट बनी महिला की तलाश शुरू की।
कौन होती है सरोगेट महिला
यदि कोई महिला गर्भाश्य में संक्रमण के कारण मातृत्व के अहसास से वंचित हो जाती है तो उसके लिए सरोगेसी चिकित्सा बेहतरीन विकल्प माना जाता है। इसके तहत किसी दूसरी महिला की कोख दोनों पक्षों की सहमति से किराए पर ली जाती है। जिसे सरोगेट मदर कहा जाता है। संतान सुख के इच्छुक दंपति में से पिता के शुक्राणुओं को लिया जाता है।