वन्य जीवों की तस्करी करने वाले छह दबोचे, हरियाणा-यूपी सीमा पर करते थे शिकार
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सहारनपुर में पुलिस और वन विभाग ने अंतरराज्यीय वन्य जीव तस्करों को यमुना खादर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। वन तस्कर हरियाणा राज्य के करनाल के रहने वाले हैं। इनके पास से वन्य जीवों को फंदे में फंसाने वाला उपकरण और जाल आदि बरामद हुआ है। छह बाइकें भी वन्य जीव तस्करों से बरामद हुई है। वन विभाग और पुलिस वन्य जीव तस्करों से आपराधिक इतिहास और पूछताछ कर रही है।
वन विभाग को करीब एक माह से वन्य जीवों के सहारनपुर जनपद के वनों में सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी। सहारनपुर से लगते वन क्षेत्रों में वन विभाग सक्रिय रहा। पुलिस को भी इस बाबत वन विभाग की ओर से सूचना दी गई । मुखबिर से मिली की कि सूचना पर यमुना नदी के किनारे से दुर्लभ जीव जंतुओं को जिंदा पकड़ कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच रहे हैं, लेकिन कई बार दबिश के बाद भी वन्य तस्कर फरार हो गए। बुधवार की देर रात वन दरोगा वीर सिंह को सूचना मिली कि कुछ लोग यमुना खादर क्षेत्र में प्रतिबंधित वन्य जीव के शिकार की तैयारी में है। रात में ही वन रक्षक चंद्रवीर, बीट सहायक सादा, संजीव त्यागी आदि को साथ लेकर वह गांव बुड्ढा खेड़ा के पास के यमुना क्षेत्र में पहुंचे, पुलिस को भी सूचित किया। संयुक्त रूप से घेराबंदी कर वन्य जीव तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार शिकार और तस्करों के पास से 10 बड़े शिकार वाले जाल, तीन मछली पकड़ने वाले जाल, फंदा लगाने वाला तार व छह बाइक बरामद किया।
पुलिस एसएसआई राधेश्याम ने गिरफ्तार होने वाले शिकारी और तस्कर कछुआ आदि प्रतिबंधित वन्य जीवों की बेच कर मोटा मुनाफा कमाते हैं। पुलिस ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1976 व भारतीय वन अधिनियम 1927 की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपितों को जेल भेजा। जेल भेजे आरोपितों में हरियाणा के थाना इंद्री के गांव बीबीपुर हलवाना निवासी जगजीत, कर्म सिंह, जग सिंह, शिव राज, जरनैल व पाल सिंह बताए हैं। पुलिस ने बताया कि यह तस्कर हैं पर उनके ऊपर गंगोह में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। हालांकि हरियाणा में कोई मुकदमा दर्ज है या नहीं इसके बारे में छानबीन की जा रही है।
हरियाणा-यूपी सीमा पर करते हैं शिकार
वन विभाग के अधिकारी ने बताया पिछले एक माह से मुखबिर द्वारा सूचना दी जा रही थी कि यह तस्कर हरियाणा की ओर से यमुना नदी पार कर यूपी में दुर्लभ जीव जंतुओं का शिकार कर रहे हैं, अधिकतर यह तस्कर जीव जंतुओं को जिंदा पकड़ते।
विलुप्त हो रहे कछुआ और दुर्लभ सांप सरीखे वन्य जीव निशाने पर
इन तस्करों के तार अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय तस्करों से भी जुड़े हैं। गंगोह कोतवाली इंचार्ज एसएसआई राधेश्याम ने बताया कि पूछताछ के दौरान ये बात फिलहाल सामने आई है कि यह तस्कर प्रतिबंधित वन्य जीव जैसे कछुआ, गीदड़, जंगली सूअर, दुर्लभ प्रजाति के सांप आदि जैसे वन्य जीवों के अंगों को राष्ट्रीय बाजार से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुंहमांगी कीमत तक बेचते हैं। यह तस्कर वन्य जीवों के अंगों की तस्करी हरियाणा के होटलों में भी सप्लाई करते हैं।
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