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छात्रा अपहरण प्रकरण : दरोगा ने केस की प्रगति पूछने पर परिजनों को ही धमका दिया

Mon, 10 Apr 2017 01:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 10 Apr 2017 01:05 PM IST
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nine month girl kidnapped, police want calm
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सरकार बदल गई। लेकिन पुलिस की मानसिकता नहीं बदल रही। कंकरखेड़ा से 10वीं कक्षा की छात्रा का नौ माह पहले अपहरण हुआ। मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर चार आरोपियों पर नामजद केस दर्ज हुआ। तीन दरोगा छात्रा को ढूंढने में फेल रहे। चौथे दरोगा ने केस की प्रगति पूछने पर परिजनों को ही धमका दिया कि शांति से काम करने दो। छात्रा की मां और बहन ने भी पुलिस से एतबार उठने की बात कहकर थाने में परिवार समेत आत्मदाह की धमकी दी तो दरोगा ने आठ दिन में बरामदगी का आश्वासन दे दिया।
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गांव लाला मोहम्मदपुर निवासी मजदूर कृष्ण गोपाल की पुत्री सारिका (14) दसवीं कक्षा की छात्रा थी। विगत 19 अगस्त 2016 को स्कूल से लौटते समय उसका कार सवार युवकों ने अपहरण कर लिया था। तहरीर मिलने पर कंकरखेड़ा पुलिस ने दो माह तक रिपोर्ट नहीं लिखी, तो परिजन मानवाधिकार आयोग की शरण में गए। जहां से निर्देश पर 20 मार्च 2017 को रमेश, रवि, दीपक और आकाश निवासी भगवानपुर थाना इंचौली के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज हो पाया।
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पुलिस सब जानती है
रविवार को थाने पहुंचीं सारिका की मां सुमन और बहन आरती के अनुसार इन नौ माह में थाने से लेकर एसएसपी तक फरियाद कर चुके हैं। पुलिस ने एक भी आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ तक नहीं की। हमें कम से कम ये तो पता चले कि हमारी बेटी सही सलामत भी है या नहीं। आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझ अनजान बन रही है। पुलिस को सब पता है कि सारिका के साथ क्या हुआ है। 
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पुलिस ने की साठगांठ
छात्रा का सुराग लगाने की जिम्मेदारी एसआई पवन सैनी, मनोज कुमार और महेंद्र कुमार को दी गई थी। अब करीब एक माह से चौथे दरोगा मुकेश कुमार को इसकी विवेचना मिली है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में ही आरोपियों से साठगांठ कर केस कमजोर कर दिया।


गंभीरता से कर रहे जांच
मामला काफी पुराना है। गंभीरता से जांच की जा रही है। शीघ्र ही छात्रा बरामद कर परिजनों के सुपुर्द की जाएगी। -प्रशांत कपिल, इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा

आठ दिन में ढूंढ लूंगा
मेरे पास विवेचना आए करीब एक माह ही हुआ है। परिजन शांति से काम करने दें। आठ दिन में छात्रा को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द करूंगा। -मुकेश कुमार, विवेचक
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