फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut police to Illegal arms factory busted in West UP

गजब! पूरा परिवार मिलकर चला रहा था अवैध तमंचे की फैक्टरी, पुलिस ने किया भंडाफोड़

Sat, 09 Mar 2019 05:10 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 09 Mar 2019 05:10 PM IST
विज्ञापन
Meerut police to Illegal arms factory busted in West UP
अवैध हथियार का जखीरा पकड़ा गया - फोटो : अमर उजाला

चुनावी मौसम में एक ऐसी तमंचा फैक्टरी का भंडाफोड़ हुआ है, जिसे पूरा परिवार मिलकर चला रहा था। पिता फकरू ने तालीम के नाम पर बेटे गुलहसन को तमंचे बनाना सिखाया था तो गुल की मां जीनत भी तमंचे बनाना जानती है। गिरफ्तार गुलहसन पर 25 हजार का इनाम था, जो तीन साल से वांछित चल रहा था। मौत के सामान की ऑन डिमांड सप्लाई हो रही थी। पुलिस ने मौके से तैयार और अधबने तमंचों के साथ औजार बरामद किए हैं।

विज्ञापन


एसएसपी नितिन तिवारी व एसपी देहात अविनाश पांडेय ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि एसओ मवाना संजय सिंह और क्राइम ब्रांच की टीम ने मवाना में आईटीआई के पास किराए के गोदाम पर छापा मारकर वहां से हुमायूं नगर लिसाड़ी गेट निवासी गुलहसन पुत्र फकरू को गिरफ्तार किया। गुलहसन तमंचे बनाता है, इसकी जानकारी पुलिस को पहले से थी। लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ रहा था। साल 2016 से वांछित चल रहे गुलहसन पर 25 हजार का इनाम घोषित होते ही शिकंजा कस दिया गया। पता चला कि वह पुलिस से बचने के लिए मवाना में तमंचा फैक्टरी चला रहा है।

विज्ञापन

यह हुआ बरामद 
पांच तमंचे, 11 नाल, 30 हैमर ट्रिगर, 18 जोड़ी बॉडी की पत्ती, एक ड्रिल व दो ग्राइंडर मशीन समेत तमंचे बनाने के औजार बरामद कर लिए। 

तालीम के नाम पर सिखाया तमंचे बनाना
एसएसपी के अनुसार फकरू का पूरा परिवार ही तमंचे बनाता है। आरोपी गुलहसन ने पूछताछ में बताया कि उसका पिता फकरू तमंचे बनाने में माहिर है। तालीम दिलाने के नाम पर पिता ने उसे तमंचे बनाना सिखाया था। उसकी मां भी तमंचे बनाती है। करीब एक साल पहले फकरू को पुलिस ने तमंचे बनाने में जेल भेजा था। जिसके बाद उसने मवाना में गोदाम किराए पर लेकर वहां तमंचे बनाने शुरू कर दिए थे। तमंचे बनाने में कोई दिक्कत आती थी तो वह जेल में फकरू से मिलने चला जाता था। अब वह काफी समय से खुद ही तमंचे बनवाकर सप्लाई कर रहा था। फकरू हाल में जेल से छूटा है। इस मुकदमे में फकरू और जीनत को भी नामजद कर उन पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है।

दो से तीन हजार में बेचते तमंचा 
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि चुनावी मौसम में तमंचों और पिस्टल की डिमांड बढ़ जाती है। मांग के अनुसार वह दो से तीन हजार रुपये में एक तमंचा बनाता था। वहीं, पिस्टल भी ऑन डिमांड तैयार करा दी जाती थी। चुनाव में तमंचे और पिस्टल की डिमांड पूरी करने के लिए कई बार कारीगर भी बढ़ाए गए।

पहले भी तमंचा फैक्टरी का खुलासा
इससे पहले भी सरधना, परीक्षितगढ़, लिसाड़ीगेट और किठौर समेत कई थानों की पुलिस ने तमंचे बनाने की फैक्टरी पकड़ी हैं। लेकिन सवाल है कि पुलिस तमंचा फैक्टरी का खुलासा कर चुप बैठ जाती है, जबकि मुख्य सप्लायरों को पकड़ने में फेल हो जाती है। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर पहले भी कई बार सवाल उठे हैं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed